8 जुलाई 2026
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डीआरसी में इबोला से 521 मौतें, डब्ल्यूएचओ ने 'बहुत ज़्यादा' जोखिम की चेतावनी दी

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डीआरसी में इबोला से 521 मौतें, डब्ल्यूएचओ ने 'बहुत ज़्यादा' जोखिम की चेतावनी दी

सारांश

डीआरसी में इबोला का संकट गहराता जा रहा है — 521 मौतें, 92% से अधिक मरीज़ उपचार पहुँचने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं और बेड ऑक्यूपेंसी 94% पर है। डब्ल्यूएचओ ने जोखिम को 'बहुत ज़्यादा' बताया है और पहला बुंडिबुग्यो-विशिष्ट क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है।

मुख्य बातें

डीआरसी में 5 जुलाई 2026 तक 1,624 कन्फर्म इबोला मामले और 521 कन्फर्म मौतें ; केस फैटेलिटी रेशियो 32.1% ।
तीनों प्रभावित देशों (डीआरसी, युगांडा, फ्रांस) में कुल 1,645 मामले और 523 मौतें ।
जाँची गई 430 मौतों में से 397 (92.3%) उपचार सुविधा तक पहुँचने से पहले हुईं — सर्विलांस में गंभीर खामी।
डीआरसी में 22 से अधिक ट्रीटमेंट सेंटर में बेड ऑक्यूपेंसी 94.2% ; 646 मरीज़ आइसोलेशन में।
2 जुलाई को इबोला बुंडिबुग्यो वायरस के लिए पहला क्लिनिकल ट्रायल शुरू; एमबीपी134 और रेमडेसिविर का परीक्षण।
युगांडा में दो सप्ताह से कोई नया मामला नहीं; फ्रांस का एकमात्र मरीज़ 4 जुलाई को ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पा गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अफ्रीका क्षेत्रीय कार्यालय की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप गंभीर रूप से बढ़ता जा रहा है। 5 जुलाई 2026 तक देश में 1,624 कन्फर्म मामले और 521 कन्फर्म मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे क्रूड केस फैटेलिटी रेशियो 32.1 प्रतिशत तक पहुँच गया है। डब्ल्यूएचओ ने डीआरसी में सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को आधिकारिक तौर पर 'बहुत ज़्यादा' श्रेणी में रखा है।

मुख्य घटनाक्रम

तीनों प्रभावित देशों — डीआरसी, युगांडा और फ्रांस — को मिलाकर 1,645 कन्फर्म मामले और 523 कन्फर्म मौतें सामने आई हैं। संयुक्त केस फैटेलिटी रेशियो 31.8 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, 12,400 से अधिक संपर्क व्यक्तियों की अभी भी निगरानी की जानी बाकी है।

डीआरसी के इतुरी और नॉर्थ किवु प्रांतों के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में संक्रमण निरंतर फैल रहा है। इसके अलावा, पहले से अप्रभावित स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी नए मामले उभर रहे हैं, जो प्रकोप के भौगोलिक विस्तार का संकेत देते हैं।

निगरानी और उपचार पर दबाव

रिपोर्ट की सबसे चिंताजनक बात यह है कि 5 जुलाई तक जाँची गई 430 कन्फर्म मौतों में से 397 (92.3 प्रतिशत) मौतें या तो समुदाय में हुईं या उपचार सुविधा में भर्ती होने से पहले। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सर्विलांस और रेफरल प्रणाली संक्रमण की गति से पिछड़ रही है।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में कुछ सुधार दर्ज हुआ है — 12,412 संपर्क व्यक्तियों की निगरानी चल रही है और उनमें से 9,624 (77.5 प्रतिशत) को पिछले 24 घंटों में देखा गया। हालाँकि, केवल 32.4 प्रतिशत कन्फर्म मामलों का पता ही कॉन्टैक्ट फॉलो-अप के ज़रिए चला, जो यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में संक्रमण अभी भी ज्ञात संपर्क श्रृंखलाओं के बाहर हो रहे हैं।

उपचार क्षमता पर भी भारी दबाव है। डीआरसी में 22 से अधिक इबोला ट्रीटमेंट सेंटर और देखभाल सुविधाओं में लगभग 700 बेड उपलब्ध हैं। 5 जुलाई तक 646 मरीज आइसोलेशन में थे और बेड ऑक्यूपेंसी 94.2 प्रतिशत तक पहुँच चुकी थी, जो क्षमता की सीमा पर है।

पहला क्लिनिकल ट्रायल शुरू

डब्ल्यूएचओ के सहयोग से 2 जुलाई 2026 को डीआरसी में एक ऐतिहासिक क्लिनिकल ट्रायल आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। यह इबोला बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी के उपचार का मूल्यांकन करने वाला पहला ट्रायल है — एक ऐसा वायरस स्ट्रेन जिसके लिए अब तक कोई मान्यता प्राप्त वैक्सीन या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है। इस ट्रायल में मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एमबीपी134 और रेमडेसिविर का अलग-अलग और संयुक्त रूप से परीक्षण किया जा रहा है।

युगांडा और फ्रांस की स्थिति

युगांडा में पिछले दो सप्ताहों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। 5 जुलाई तक देश में कुल 20 कन्फर्म मामले और 2 मौतें दर्ज हुईं। 16 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और 2 अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। संपर्क निगरानी के अंतर्गत आने वाले सभी व्यक्तियों ने अनिवार्य 21 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर ली है।

फ्रांस में 24 जून को पुष्टि हुए एकमात्र मामले में मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और 4 जुलाई को लगातार दो नेगेटिव लैब परीक्षणों के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसी उड़ान में सफर करने वाले 5 यात्रियों को क्वारंटीन में रखा गया था और उनमें कोई लक्षण नहीं पाए गए।

क्षेत्रीय जोखिम और आगे की राह

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पूर्वी डीआरसी से लोगों की आवाजाही के कारण युगांडा को अभी भी संक्रमण के बाहर से आने का उच्च जोखिम बना हुआ है। फ्रांस में आए बाहरी मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लगातार यात्री निगरानी, जागरूकता और सीमा-पार तैयारियाँ अनिवार्य हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा प्रतिक्रिया क्षमता संक्रमण के प्रसार की गति से पीछे चल रही है, और इस अंतर को पाटना अगले कुछ हफ्तों की सबसे बड़ी चुनौती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 94% बेड ऑक्यूपेंसी यह संकेत देती है कि अगला बड़ा उछाल मौजूदा क्षमता को ध्वस्त कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी डीआरसी में सशस्त्र संघर्ष स्वास्थ्यकर्मियों की पहुँच को सीमित कर रहा है — एक संदर्भ जो रिपोर्ट में उल्लिखित नहीं है, लेकिन जो प्रतिक्रिया की सीमाओं को समझने के लिए अनिवार्य है। बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन न होना इस प्रकोप को पिछले जायरे स्ट्रेन-केंद्रित प्रकोपों से मौलिक रूप से अलग बनाता है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस अंतर को गंभीरता से लेना होगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी में इबोला प्रकोप की मौजूदा स्थिति क्या है?
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 5 जुलाई 2026 तक डीआरसी में 1,624 कन्फर्म मामले और 521 कन्फर्म मौतें दर्ज हो चुकी हैं, जिससे केस फैटेलिटी रेशियो 32.1% हो गया है। डब्ल्यूएचओ ने देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को 'बहुत ज़्यादा' श्रेणी में रखा है।
इबोला बुंडिबुग्यो वायरस के लिए क्या कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध है?
अभी तक इबोला बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी के लिए कोई मान्यता प्राप्त वैक्सीन या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है। 2 जुलाई 2026 को डीआरसी में पहला क्लिनिकल ट्रायल शुरू हुआ है, जिसमें मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एमबीपी134 और रेमडेसिविर का परीक्षण किया जा रहा है।
युगांडा और फ्रांस में इबोला की क्या स्थिति है?
युगांडा में पिछले दो सप्ताह से कोई नया मामला सामने नहीं आया है और संपर्क निगरानी के सभी व्यक्तियों ने 21 दिन की अवधि पूरी कर ली है। फ्रांस में 24 जून को पुष्टि हुआ एकमात्र मरीज़ 4 जुलाई को दो नेगेटिव परीक्षणों के बाद ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पा गया।
डीआरसी में इतनी अधिक मौतें उपचार से पहले क्यों हो रही हैं?
डब्ल्यूएचओ के अनुसार जाँची गई 430 कन्फर्म मौतों में से 397 (92.3%) उपचार सुविधा तक पहुँचने से पहले हुईं। यह सर्विलांस प्रणाली और रेफरल तंत्र की कमज़ोरी को दर्शाता है, जो संक्रमण के प्रसार की गति से पीछे चल रहे हैं।
क्या इबोला का संक्रमण डीआरसी से अन्य देशों में फैलने का खतरा है?
डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि पूर्वी डीआरसी से लोगों की आवाजाही के कारण युगांडा को अभी भी बाहर से संक्रमण आने का उच्च जोखिम बना हुआ है। फ्रांस में आए मामले ने यात्री निगरानी और सीमा-पार तैयारियों की ज़रूरत को रेखांकित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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