भजनलाल शर्मा का संकल्प: राजस्थान के शहरों को स्वच्छता में बनाएंगे राष्ट्रीय अग्रणी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 30 मई 2026 को जयपुर स्थित राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (RIC) में आयोजित राजस्थान नगर निगम कर्मचारी संघ के नौवें ग्रैंड कन्वेंशन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना उनकी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों को शहरी स्वच्छता और सार्वजनिक सेवाओं की रीढ़ बताते हुए 'विकसित राजस्थान 2047' के विजन में उनकी केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जीरो टोलरेंस की नीति पर चल रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न खाऊंगा न खाने दूंगा' के सिद्धांत से प्रेरणा लेती है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के आरोपों में अब तक 103 सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, 6 को सेवा से बर्खास्त किया गया है और 11 अधिकारियों की पेंशन स्थायी रूप से रोकी गई है।
रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े 108 मामलों में अभियोजन की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अतिरिक्त मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में राजस्थान की उपलब्धि
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर बृहत्तर नगर निगम ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में राष्ट्रीय स्तर पर 16वाँ स्थान प्राप्त किया है। वहीं उदयपुर ने 3 लाख से 10 लाख के बीच आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 13वाँ स्थान हासिल किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार शहरी अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है।
अमृत 2.0 और स्मार्ट सिटी मिशन
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत राज्य के 200 शहरों और कस्बों में ₹11,560 करोड़ की 363 परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत शहरी अवसंरचना विकास और जल संरक्षण पर राज्य सरकार के विशेष ध्यान को भी रेखांकित किया।
पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष सामुदायिक भागीदारी के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण एवं जन अभियान चलाया जा रहा है। हरियालो राजस्थान पहल के तहत अब तक लगभग 2 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और इस वर्ष 1 करोड़ अतिरिक्त पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राजस्थान में पहली बार चंदन के वनों का विकास किया जाएगा।
आगे की राह
मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और जवाबदेही के त्रिस्तंभ पर टिककर स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहरी केंद्र बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों से ईमानदारी और जनसेवा की भावना बनाए रखने का आह्वान किया, जिसे उन्होंने सुशासन की सच्ची नींव बताया।