भजनलाल शर्मा का संकल्प: राजस्थान के शहरों को स्वच्छता में राष्ट्रीय अग्रणी बनाएंगे, 103 भ्रष्ट अधिकारी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 31 मई 2025 को जयपुर स्थित राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (RIC) में आयोजित राजस्थान नगर निगम कर्मचारी संघ के नौवें ग्रैंड कन्वेंशन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर लाना सरकार का सुनिश्चित लक्ष्य है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों को 'विकसित राजस्थान 2047' के विजन की रीढ़ बताया और ईमानदारी, पारदर्शिता तथा समयबद्ध जनसेवा को सुशासन की आधारशिला करार दिया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस: आँकड़े बोलते हैं
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' के सिद्धांत से प्रेरित होकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति पर चल रही है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते 103 सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, 6 को सेवा से बर्खास्त किया गया है और 11 अधिकारियों की पेंशन स्थायी रूप से रोक दी गई है।
इसके अतिरिक्त, रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े 108 मामलों में अभियोजन की मंजूरी दे दी गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अतिरिक्त मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी निकायों में पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में राजस्थान की स्थिति
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के नतीजों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर बृहत्तर नगर निगम ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर 16वाँ स्थान प्राप्त किया है, जबकि उदयपुर ने 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में 13वाँ स्थान हासिल किया है। शर्मा ने कहा कि यह प्रगति उत्साहजनक है, लेकिन लक्ष्य शीर्ष स्थान पर पहुँचना है।
गौरतलब है कि राजस्थान के शहर पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छता रैंकिंग में लगातार सुधार दर्ज कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छ भारत मिशन अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिससे घरों में शौचालय निर्माण के ज़रिये नागरिकों की गरिमा में भी वृद्धि हुई है।
शहरी अवसंरचना और पर्यावरण पर विशेष ज़ोर
मुख्यमंत्री शर्मा ने अमृत 2.0 योजना के तहत राज्य के 200 शहरों और कस्बों में ₹11,560 करोड़ की 363 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत शहरी अवसंरचना विकास और जल संरक्षण पर राज्य के विशेष फोकस को भी रेखांकित किया।
इस वर्ष वंदे गंगा जल संरक्षण एवं जन अभियान सामुदायिक भागीदारी के साथ चलाया जा रहा है। हरियालो राजस्थान पहल के तहत अब तक लगभग 2 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और इस वर्ष 1 करोड़ अतिरिक्त पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान में पहली बार चंदन के वनों का विकास किया जाएगा।
आगे की राह: तकनीक और जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहरी केंद्र बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और जवाबदेही के तिहरे स्तंभों पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे जनसेवा में ईमानदारी बनाए रखें और भ्रष्टाचार से दूर रहें, क्योंकि शहरों की पहचान उनकी स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं से होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमृत 2.0 और स्वच्छ सर्वेक्षण जैसी केंद्रीय योजनाओं के साथ राज्य स्तरीय प्रशासनिक सुधारों का तालमेल ही राजस्थान के शहरी परिदृश्य को बदल सकता है।