भजनलाल शर्मा इलेक्ट्रिक बस से पहुंचे ठिकरिया गांव, ग्राम विकास चौपाल में ईंधन बचत का दिया संदेश

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भजनलाल शर्मा इलेक्ट्रिक बस से पहुंचे ठिकरिया गांव, ग्राम विकास चौपाल में ईंधन बचत का दिया संदेश

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इलेक्ट्रिक बस से ठिकरिया गांव पहुंचकर ईंधन बचत का व्यावहारिक उदाहरण पेश किया। ग्राम विकास चौपाल में उन्होंने युवाओं को पारदर्शी भर्ती, महिलाओं को 'लखपति दीदी' और किसानों को प्राकृतिक खेती का संदेश दिया — यह यात्रा प्रशासनिक जनसंपर्क से कहीं अधिक एक नीतिगत संकेत थी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 17 मई 2025 को इलेक्ट्रिक बस से जयपुर से बागरू के ठिकरिया गांव तक यात्रा की।
'ग्राम विकास चौपाल' में महिलाओं, युवाओं और किसानों से सीधी बातचीत कर सरकारी योजनाओं पर प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया ली।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार पेपर लीक रोकने में सफल रही है और आरएएस परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखी जा रही है।
'लखपति दीदी' योजना को ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वाला बताया।
किसानों से डीएपी और यूरिया की जगह प्राकृतिक कृषि अपनाने और नागरिकों से कारपूलिंग व सार्वजनिक परिवहन उपयोग की अपील की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 17 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल संरक्षण की अपील को व्यावहारिक रूप देते हुए जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास से बागरू के ठिकरिया गांव तक इलेक्ट्रिक बस में सफर किया। वहाँ उन्होंने 'ग्राम विकास चौपाल' कार्यक्रम में भाग लेकर महिलाओं, युवाओं और किसानों से सीधी बातचीत की।

यात्रा का स्वरूप और सहयात्री

मुख्यमंत्री शर्मा के साथ इस यात्रा में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, मंजू राजपाल, सिद्धार्थ महाजन और जितेंद्र सोनी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इलेक्ट्रिक बस का चुनाव महज़ आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का एक सुविचारित प्रतीकात्मक संदेश था, जो राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

युवाओं और भर्ती पारदर्शिता पर जोर

चौपाल में युवाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज तो किसानों के बेटे भी आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) में टॉप कर रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पेपर लीक रोकने में सफल रही है और भर्ती प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं से उन्होंने कड़ी मेहनत और योग्यता के बल पर आगे बढ़ने का आग्रह किया।

महिला स्वयं सहायता समूह और 'लखपति दीदी' योजना

महिला समूहों से बातचीत में शर्मा ने 'लखपति दीदी' योजना की सफलता को रेखांकित किया। उनके अनुसार यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती दे रही है। उन्होंने ग्राम विकास में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका की सराहना की।

किसानों से प्राकृतिक खेती की अपील

किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने डीएपी और यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाने और प्राकृतिक कृषि पद्धतियाँ अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग न केवल खेती की लागत कम करेगा, बल्कि मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता भी बनाए रखेगा।

ईंधन संरक्षण और जनभागीदारी का आह्वान

ईंधन बचत पर विशेष जोर देते हुए शर्मा ने कहा कि 'डीजल और पेट्रोल बचाना समय की माँग है।' उन्होंने नागरिकों से कारपूलिंग अपनाने और सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की। उनका मानना है कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की नीति पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राजस्थान में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार ज़मीनी स्तर पर कितना हो पाया है। 'लखपति दीदी' और प्राकृतिक खेती जैसी योजनाओं की घोषणाएँ नई नहीं हैं — इनके क्रियान्वयन और स्वतंत्र सत्यापन के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पेपर लीक रोकने के दावे भी तब अधिक विश्वसनीय होंगे जब भर्ती परीक्षाओं का दीर्घकालिक ट्रैक रिकॉर्ड सामने आए। एक चौपाल की तस्वीर से नीतिगत सफलता नहीं मापी जाती — ज़रूरत है नियमित, पारदर्शी और मापनीय परिणामों की।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इलेक्ट्रिक बस से कहाँ की यात्रा की?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास से बागरू के ठिकरिया गांव तक इलेक्ट्रिक बस से यात्रा की। यह यात्रा 17 मई 2025 को हुई और इसका उद्देश्य ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देना था।
ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में क्या हुआ?
ठिकरिया गांव में आयोजित 'ग्राम विकास चौपाल' में मुख्यमंत्री ने महिलाओं, युवाओं और किसानों से सीधी बातचीत की। उन्होंने 'लखपति दीदी' योजना, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर सरकारी योजनाओं की प्रगति साझा की और ग्रामीणों से प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया ली।
राजस्थान में 'लखपति दीदी' योजना क्या है?
'लखपति दीदी' योजना ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की केंद्र-प्रायोजित पहल है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में सहायक साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री शर्मा ने किसानों से डीएपी और यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक कृषि पद्धतियाँ अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता बनी रहेगी।
ईंधन संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने नागरिकों से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से कारपूलिंग अपनाने और सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि छोटे सामूहिक प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
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