श्रावणी मेला 2026: भागलपुर DM और SSP ने सुल्तानगंज मेला क्षेत्र का किया विस्तृत निरीक्षण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
श्रावणी मेला 2026: भागलपुर DM और SSP ने सुल्तानगंज मेला क्षेत्र का किया विस्तृत निरीक्षण

सारांश

श्रावणी मेला 2026 से पहले भागलपुर प्रशासन मैदान में उतरा — DM और SSP ने सुल्तानगंज का दौरा कर सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालु-सुविधाओं की समीक्षा की। स्विस कॉटेज, बायोमैट्रिक अटेंडेंस और हर तीन घंटे में कचरा उठाने जैसे नए प्रबंध इस बार की तैयारी को अलग बनाते हैं।

मुख्य बातें

नवल किशोर चौधरी और SSP प्रमोद कुमार यादव ने 16 मई 2026 को सुल्तानगंज मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
नमामि गंगे घाट और सीढ़ी घाट पर एंबुलेंस तैनात की जाएगी; गंगा के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रबंध।
इस बार स्विस कॉटेज बनाए जा रहे हैं; होटल-धर्मशालाओं का पंजीकरण और स्वच्छता जाँच अनिवार्य।
दुकानों पर दर सूची लगाना और होटलों में खाद्य ब्रांड सूची सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।
पुलिसकर्मियों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस ; हर तीन घंटे में कचरा संग्रहण और अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई।

श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने शनिवार, 16 मई 2026 को भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने नमामि गंगे घाट सहित अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

प्रशासन की प्राथमिकताएँ

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्पष्ट किया कि देशभर के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुँचते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि घाटों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम, उज्ज्वल प्रकाश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित आवागमन के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रबंध भी किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घाट तक जाने वाले सभी मार्ग पूरी तरह खुले और अतिक्रमण-मुक्त रखे जाएँगे। सड़कों पर मार्किंग कराई जाएगी और किसी भी प्रकार के सामान रखने या दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी। पीएचईडी के अधिकारियों को सभी हैंडपंप और पेयजल स्रोतों की जाँच के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएँ

इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्विस कॉटेज बनाए जा रहे हैं। होटल, धर्मशाला और अन्य आवास स्थलों का पंजीकरण कर उनकी स्वच्छता और उपलब्ध सुविधाओं की जाँच की जा रही है। पूजा सामग्री, कांवड़, खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर दर सूची लगाना अनिवार्य होगा। होटल संचालकों को भोजन में उपयोग होने वाले सामान के ब्रांड की सूची सार्वजनिक करनी होगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।

स्वच्छता के मोर्चे पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक होटल और दुकान में डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा और हर तीन घंटे में कचरा उठाया जाएगा। नमामि गंगे घाट और सीढ़ी घाट पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। कांवड़ियों के मार्ग में पड़ने वाली दुकानें सड़क से हटाकर लगाई जाएँगी और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पेट्रोलिंग, अस्थायी थाना, पुलिस चौकी, नदी पेट्रोलिंग और बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

निरीक्षण में मौजूद अधिकारी

इस निरीक्षण दौरे में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सिटी एसपी शैलेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, राकेश रंजन, कुंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुल्तानगंज और नगर परिषद के अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन मेले की शुरुआत से पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त करने के प्रति गंभीर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन है। बायोमैट्रिक अटेंडेंस और दर सूची जैसे उपाय जवाबदेही की दिशा में सकारात्मक कदम हैं, पर पिछले वर्षों में भी इसी तरह के निर्देश जारी होते रहे हैं। गंगा के बढ़ते जल स्तर की चेतावनी के बावजूद नदी सुरक्षा के ठोस आँकड़े — जैसे गोताखोरों की संख्या या बैरिकेडिंग की लंबाई — सार्वजनिक नहीं किए गए, जो पारदर्शिता की कमी दर्शाता है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घोषणाएँ पर्याप्त नहीं हैं — ज़रूरत है समयबद्ध सत्यापन और जन-शिकायत तंत्र की।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावणी मेला 2026 कहाँ और कब आयोजित होता है?
श्रावणी मेला बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में प्रतिवर्ष सावन माह में आयोजित होता है। यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन है, जिसमें देशभर से लाखों कांवड़िए और श्रद्धालु गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा करते हैं।
इस बार मेले में श्रद्धालुओं के लिए क्या नई सुविधाएँ होंगी?
2026 के श्रावणी मेले में पहली बार स्विस कॉटेज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा दुकानों पर दर सूची, होटलों में खाद्य ब्रांड सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन, हर तीन घंटे में कचरा संग्रहण और नमामि गंगे घाट पर एंबुलेंस की व्यवस्था जैसे नए प्रबंध किए जा रहे हैं।
मेले में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए जा रहे हैं?
SSP प्रमोद कुमार यादव के अनुसार मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल, अतिरिक्त पेट्रोलिंग, अस्थायी थाना, पुलिस चौकी और नदी पेट्रोलिंग की व्यवस्था होगी। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली भी लागू की जाएगी।
मेला क्षेत्र में अतिक्रमण पर क्या नियम होंगे?
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार घाट तक जाने वाले सभी मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या सामान रखने की अनुमति नहीं होगी। सड़कों पर मार्किंग कराई जाएगी और कांवड़ियों के रास्ते में पड़ने वाली दुकानें सड़क से हटाकर लगाई जाएँगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
16 मई के निरीक्षण में DM और SSP के अलावा उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सिटी एसपी शैलेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, राकेश रंजन, कुंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुल्तानगंज और नगर परिषद के अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले