ईडी का बड़ा एक्शन: पे10 और एसीपीएल पर छापा, ₹1.4 करोड़ नकद व लग्जरी कारें जब्त

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ईडी का बड़ा एक्शन: पे10 और एसीपीएल पर छापा, ₹1.4 करोड़ नकद व लग्जरी कारें जब्त

सारांश

पेमेंट एग्रीगेटर की आड़ में चल रहे इस रैकेट ने फर्जी वेबसाइट्स, हवाला और साइबर फ्रॉड को एक सूत्र में पिरोया। ईडी की तीन दिन की छापेमारी ने ₹1.4 करोड़ नकद, जेवरात और 4 लग्जरी कारें उजागर कीं — और एक ऐसे UBO का सुराग दिया जो दुबई से भारतीय डिजिटल भुगतान तंत्र को नियंत्रित कर रहा था।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 13 से 15 मई 2025 के बीच पे10 सर्विसेज और एसीपीएल के ठिकानों पर PMLA के तहत छापेमारी की।
कार्रवाई में ₹1.4 करोड़ नकद , ₹65 लाख के जेवरात व बुलियन , डिजिटल उपकरण और 4 लग्जरी वाहन जब्त।
फर्जी वेबसाइट्स और पेमेंट गेटवे के ज़रिये सैकड़ों करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप; जीएसटी दस्तावेजों सहित नकली बिल तैयार किए गए।
पे10 का UBO दुबई स्थित ग्रेनाडा का नागरिक बताया गया; कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भी संलिप्तता।
अवैध सट्टेबाजी और फ्रॉड से प्राप्त धन हवाला नेटवर्क के ज़रिये ठिकाने लगाया जाता था।
ईडी ने जनता को संदिग्ध UPI लिंक और अनधिकृत सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से दूर रहने की चेतावनी दी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 13 से 15 मई 2025 के बीच पे10 सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एशियन चेकआउट प्राइवेट लिमिटेड (एसीपीएल) के ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में ₹1.4 करोड़ नकद, लगभग ₹65 लाख के जेवरात व बुलियन, डिजिटल उपकरण और चार लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई इस कार्रवाई में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए। जब्त डिजिटल उपकरणों में अवैध लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। पे10 और एसीपीएल से जुड़े चार लग्जरी वाहनों को फ्रीज कर दिया गया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि इन कंपनियों ने पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में कार्य करते हुए फर्जी और संदिग्ध व्यापारियों को अपने प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड किया। नकली वेबसाइट्स के ज़रिये सामान और सेवाओं की झूठी बिक्री दिखाई गई, जबकि वास्तव में कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं हो रही थी।

कैसे काम करता था यह रैकेट

ईडी के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट्स और पेमेंट गेटवे के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इन फर्जी लेनदेन से प्राप्त धन को पेमेंट गेटवे के ज़रिये घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाई जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने जीएसटी दस्तावेजों सहित नकली बिल तैयार किए और सट्टेबाजी, गेमिंग व साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन को बढ़ावा दिया। इसके अलावा, कंपनी ने खुद भी फर्जी और गैर-मौजूद संस्थाओं से एंट्री लेकर अवैध धन को वैध दिखाने की कोशिश की।

अंतरराष्ट्रीय कड़ी और हवाला नेटवर्क

जांच में एक संगठित गिरोह की पहचान की गई है जो पे10 के लिए फर्जी बिल तैयार करता था। ईडी के अनुसार, पे10 का अंतिम लाभकारी स्वामी (UBO) दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाला ग्रेनाडा का नागरिक है। इस मामले में कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भी संलिप्तता पाई गई है।

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, गैरकानूनी संपर्क गतिविधियों और फर्जी गारमेंट व्यापारियों के नाम पर तैयार बिलों से प्राप्त धन को हवाला नेटवर्क के ज़रिये ठिकाने लगाया जा रहा था।

आम जनता के लिए ईडी की सलाह

ईडी ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि बिना अनुमति वाले ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुआ प्लेटफॉर्म से दूर रहें। संदिग्ध यूपीआई आईडी या अनजान पेमेंट लिंक पर पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

एजेंसी ने अपील की है कि अवैध सट्टेबाजी, पेमेंट चैनल या संबंधित नेटवर्क की जानकारी मिलने पर नज़दीकी कानून प्रवर्तन एजेंसी को तुरंत सूचित किया जाए। यह मामला फिनटेक क्षेत्र में नियामकीय निगरानी की बढ़ती ज़रूरत को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह RBI के पेमेंट एग्रीगेटर दिशानिर्देशों की व्यावहारिक विफलता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की कथित संलिप्तता यह भी दर्शाती है कि 'प्रोफेशनल एनेबलर्स' की भूमिका पर नियामकीय ध्यान अभी भी अपर्याप्त है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पे10 और एसीपीएल पर छापा क्यों मारा?
ईडी ने PMLA के तहत पे10 सर्विसेज और एसीपीएल पर डिजिटल व साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच में छापेमारी की। इन कंपनियों पर पेमेंट एग्रीगेटर की आड़ में फर्जी मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने और अवैध धन को वैध दिखाने का आरोप है।
इस छापेमारी में क्या-क्या जब्त किया गया?
13 से 15 मई 2025 के बीच की गई कार्रवाई में ₹1.4 करोड़ नकद, लगभग ₹65 लाख के जेवरात व बुलियन, डिजिटल उपकरण और चार लग्जरी वाहन जब्त किए गए। डिजिटल उपकरणों में अवैध लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं।
इस रैकेट में पैसे की हेराफेरी कैसे होती थी?
आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट्स बनाकर काल्पनिक वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री दिखाई और पेमेंट गेटवे के ज़रिये धन को घुमाया। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर फ्रॉड और फर्जी गारमेंट व्यापारियों से प्राप्त धन को हवाला नेटवर्क के ज़रिये ठिकाने लगाया जाता था।
पे10 का मालिक कौन है और उसका विदेश से क्या संबंध है?
जांच के अनुसार, पे10 का अंतिम लाभकारी स्वामी (UBO) दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाला ग्रेनाडा का नागरिक है। इस मामले में कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भी संलिप्तता पाई गई है।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए ईडी ने क्या सलाह दी है?
ईडी ने नागरिकों को अनधिकृत ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से दूर रहने, संदिग्ध UPI लिंक पर पैसे न भेजने और किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग जानकारी साझा न करने की सलाह दी है। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर नज़दीकी कानून प्रवर्तन एजेंसी को सूचित करने की अपील की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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