आजम खान को 2 साल की सजा: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा बोले — भाजपा विपक्ष को कुचल रही है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आजम खान को 2 साल की सजा: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा बोले — भाजपा विपक्ष को कुचल रही है

सारांश

आजम खान को 2019 के चुनाव प्रचार की एक टिप्पणी पर 2 साल की सजा — सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इसे BJP की विपक्ष-विरोधी रणनीति बताया। UP मंत्रिमंडल विस्तार और मौलाना रजवी के बयान पर भी उन्होंने बेबाकी से राय रखी।

मुख्य बातें

विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने आजम खान को 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 'तनखैया' टिप्पणी मामले में 2 साल की जेल की सजा सुनाई।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सजा को BJP द्वारा विपक्षी नेताओं को कुचलने की साजिश बताया।
मेहरोत्रा ने उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल उठाए — नवनियुक्त मंत्रियों को अभी तक विभाग नहीं सौंपे गए।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला फैसले पर मेहरोत्रा ने संयमित रुख अपनाया, कहा — अदालत के आदेश का सम्मान होना चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के हालिया बयान से मेहरोत्रा ने खुलकर असहमति जताई।

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 16 मई 2026 को सपा नेता आजम खान को विशेष एमपी-एमएलए अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की जेल की सजा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह सजा 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित 'तनखैया' टिप्पणी मामले से जुड़ी है। मेहरोत्रा ने इसे विपक्षी नेताओं को राजनीतिक रूप से दबाने की साजिश करार दिया।

सजा पर सपा की तीखी प्रतिक्रिया

रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विपक्षी नेताओं को सजा दिलवाने के लिए बड़े वकीलों की मदद ले रही है। उन्होंने कहा, 'अगर आजम खान ने चुनाव प्रचार के दौरान कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था तो मेरी राय में सिर्फ एक टिप्पणी के लिए उन्हें दो साल की सजा देना सही नहीं है।' गौरतलब है कि आजम खान पर पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं और कुछ में सजा भी मिल चुकी है। समाजवादी पार्टी इन मामलों को लगातार राजनीतिक प्रतिशोध बताती रही है, जबकि BJP इसे कानून की जीत के रूप में पेश करती है।

भोजशाला फैसले पर संयमित रुख

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को मंदिर घोषित किए जाने के फैसले पर मेहरोत्रा ने सतर्कता बरती। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश पर टिप्पणी करना उचित नहीं है और लोगों को न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना चाहिए। यह रुख उनकी पार्टी की उस सावधान नीति को दर्शाता है जो न्यायिक मामलों में सीधे टकराव से बचती है।

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल

हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी मेहरोत्रा ने सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि नवनियुक्त मंत्रियों को अभी तक विभाग नहीं सौंपे गए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विभागों का बँटवारा भी केंद्र सरकार के नेता ही तय करेंगे — जो राज्य की स्वायत्तता पर एक परोक्ष टिप्पणी थी।

मौलाना रजवी के बयान से असहमति

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के हालिया बयान पर मेहरोत्रा ने खुलकर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव समाज के कमजोर वर्गों और मुस्लिम समुदाय के सच्चे शुभचिंतक थे। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सभी धर्मों और समाज के सभी वर्गों का सम्मान करने वाला नेता बताया।

आगे क्या

आजम खान पर लगातार हो रही कानूनी कार्रवाइयों के बीच समाजवादी पार्टी में नाराजगी बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और विपक्षी दल अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश में हैं। अदालती प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ यह मामला राजनीतिक रूप से और संवेदनशील होता जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि आजम खान पर मामलों की संख्या और सजाओं का सिलसिला असाधारण रूप से लंबा है। असली सवाल यह है कि क्या न्यायिक प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से चल रही है या चुनावी राजनीति उसे प्रभावित कर रही है — इसका जवाब न तो सपा के आरोप देते हैं, न BJP के खंडन। UP मंत्रिमंडल में विभागों के बँटवारे में देरी पर मेहरोत्रा की टिप्पणी अधिक ठोस और जवाबदेही की माँग करने वाली है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज में उचित जगह नहीं मिली।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजम खान को किस मामले में 2 साल की सजा मिली?
आजम खान को 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित 'तनखैया' टिप्पणी मामले में विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 2 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह उन कई मामलों में से एक है जो उनके खिलाफ दर्ज हैं।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सजा पर क्या कहा?
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा विपक्षी नेताओं को सजा दिलवाने के लिए बड़े वकीलों का इस्तेमाल कर रही है और चुनाव प्रचार की एक टिप्पणी पर 2 साल की सजा देना उचित नहीं है। उन्होंने इसे विपक्ष को कुचलने की साजिश बताया।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार पर मेहरोत्रा ने क्या सवाल उठाए?
मेहरोत्रा ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी नवनियुक्त मंत्रियों को अभी तक विभाग नहीं सौंपे गए हैं। उन्होंने व्यंग्य किया कि शायद विभागों का बँटवारा भी केंद्र सरकार के नेता ही तय करेंगे।
भोजशाला फैसले पर सपा का क्या रुख है?
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद फैसले पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश का सम्मान होना चाहिए।
आजम खान पर पहले भी कितने मामले दर्ज हैं?
आजम खान पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं और कुछ में सजा भी हो चुकी है। समाजवादी पार्टी इन सभी मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध बताती है, जबकि भाजपा इन्हें कानून की जीत करार देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 11 घंटे पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले