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चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी: एलजेपी प्रतिनिधिमंडल ने बिहार डीजीपी से मांगी कड़ी सुरक्षा

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चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी: एलजेपी प्रतिनिधिमंडल ने बिहार डीजीपी से मांगी कड़ी सुरक्षा

सारांश

चिराग पासवान को एक अज्ञात पत्र में 'कट्टर आतंकवादियों' से जान का खतरा बताया गया। एलजेपी ने बिहार डीजीपी और केंद्रीय गृह मंत्रालय — दोनों मोर्चों पर दबाव बनाया। जेड-श्रेणी की सुरक्षा के बावजूद पार्टी को और कड़े इंतजाम की दरकार है।

मुख्य बातें

चिराग पासवान को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को मिले एक बिना हस्ताक्षर वाले पत्र में 'कट्टर आतंकवादियों' से जान से मारने की धमकी दी गई।
एलजेपी (रामविलास) के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 सितंबर को बिहार डीजीपी विनय कुमार से सरदार पटेल भवन, पटना में मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य अध्यक्ष विवेक विश्वास ने किया; विधान परिषद सदस्य अशरफ अंसारी और विधायक राजू तिवारी भी शामिल थे।
1 सितंबर को मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर तत्काल जाँच की माँग की।
पासवान को वर्तमान में गृह मंत्रालय की जेड-श्रेणी सुरक्षा प्राप्त है; पुलिस धमकी भेजने वाले की पहचान में जुटी है।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद 2 सितंबर 2026 को एलजेपी (रामविलास) के एक सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पटना में बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से मुलाकात की और उनकी सुरक्षा तत्काल मजबूत करने की माँग की। यह घटनाक्रम राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

धमकी का स्वरूप और पृष्ठभूमि

रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि पासवान को जल्द ही 'कट्टर आतंकवादियों' द्वारा मार दिया जाएगा। कथित तौर पर उस संदेश में दो मोबाइल नंबरों का भी उल्लेख था। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह धमकी एक पत्र के माध्यम से दी गई थी।

इस घटना के बाद 1 सितंबर को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर धमकी के स्रोत, सत्यता और उससे जुड़ी परिस्थितियों की तत्काल एवं गहन जाँच की माँग की। पत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि पासवान को वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जेड-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

डीजीपी से मुलाकात और प्रतिनिधिमंडल की माँगें

एलजेपी (रामविलास) के राज्य अध्यक्ष विवेक विश्वास के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद सदस्य अशरफ अंसारी और पार्टी विधायक राजू तिवारी सहित कुल सात नेता शामिल थे। यह बैठक सरदार पटेल भवन में हुई, जहाँ प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी के समक्ष तीन प्रमुख माँगें रखीं।

पहली — धमकी भेजने वाले व्यक्ति की शीघ्र पहचान कर उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। दूसरी — पासवान की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए। तीसरी — सुरक्षा घेरे को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। पार्टी ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी इस संबंध में संपर्क किया था।

पुलिस का रुख और जाँच की स्थिति

बैठक के बाद विवेक विश्वास और राजू तिवारी ने बताया कि डीजीपी विनय कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया है और प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण सहयोग एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने और उसे खोजने में लगी है जिसने कथित तौर पर यह संदेश भेजा।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ राजनेताओं को मिलने वाली धमकियों के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव

चिराग पासवान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के एक महत्वपूर्ण घटक दल के नेता हैं। उन्हें मिली धमकी ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सुरक्षा प्रतिष्ठान को हरकत में ला दिया है। एलजेपी (रामविलास) की ओर से दोहरे मोर्चे — केंद्रीय गृह मंत्रालय और बिहार पुलिस — पर एक साथ दबाव बनाना इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है।

आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और सुरक्षा समीक्षा के नतीजे यह तय करेंगे कि क्या पासवान की मौजूदा जेड-श्रेणी सुरक्षा को और उन्नत किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे राजनीतिक दबाव में उठाया जाना स्वाभाविक है। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि जेड-श्रेणी की सुरक्षा पहले से मौजूद होने के बावजूद पार्टी को अलग से दोनों मोर्चों पर दौड़ना पड़ा — यह मौजूदा सुरक्षा तंत्र की प्रतिक्रियाशीलता पर सवाल उठाता है। धमकी में दो मोबाइल नंबरों का उल्लेख जाँच को ठोस सुराग देता है, फिर भी अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। प्रशासन की 'भरोसा दिलाने' की भाषा और ज़मीनी कार्रवाई के बीच का फासला ही असली कसौटी होगा।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान को किस तरह की धमकी मिली?
रिपोर्टों के अनुसार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला पत्र मिला, जिसमें दावा किया गया कि पासवान को जल्द ही 'कट्टर आतंकवादियों' द्वारा मार दिया जाएगा। उस पत्र में कथित तौर पर दो मोबाइल नंबर भी दिए गए थे।
एलजेपी प्रतिनिधिमंडल ने बिहार डीजीपी से क्या माँगें रखीं?
प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख माँगें रखीं — धमकी देने वाले की शीघ्र पहचान और कठोर कार्रवाई, पासवान की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, और सुरक्षा घेरे को और मजबूत करना। डीजीपी विनय कुमार ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
चिराग पासवान को अभी कौन-सी सुरक्षा मिली हुई है?
पत्र के अनुसार पासवान को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जेड-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। एलजेपी ने इस सुरक्षा को और उन्नत करने की माँग की है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले में कब सूचित किया गया?
1 सितंबर को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर धमकी की तत्काल और गहन जाँच की माँग की। इससे पहले पार्टी ने भी गृह मंत्रालय से अलग से संपर्क किया था।
अब तक पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
बिहार पुलिस अभी धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसे खोजने में लगी है। पार्टी नेताओं के अनुसार डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, हालाँकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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