भरत तिवारी एनकाउंटर: चिराग पासवान परिजनों से मिलेंगे, बोले- 'आत्मसमर्पण के बाद मारना उचित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार, 4 जुलाई को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात करने उनके घर पहुँचेंगे। पासवान ने स्पष्ट किया है कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
मुख्य घटनाक्रम
इस मुलाकात से पहले चिराग पासवान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने इस मुलाकात में बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की हत्या तथा आरा में भरत तिवारी की कथित पुलिस हत्या — दोनों मामलों का विस्तृत ब्यौरा दिया और निष्पक्ष जाँच की माँग रखी।
पासवान ने अमित शाह के साथ बैठक की तस्वीर साझा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: 'नई दिल्ली में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की निर्मम हत्या व आरा में पुलिस की ओर से भरत तिवारी की हत्या के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर पीड़ित परिजनों को शीघ्र और उचित न्याय दिलाने का आग्रह किया।'
चिराग पासवान का बयान
मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा, 'अपराध अपराध होता है। जात-पात, धर्म, मजहब, जो लोग ऐसे विषयों को लेकर आते हैं, वो ओछी राजनीति को साधने का प्रयास करते हैं। मैं कतई इसका पक्षधर नहीं हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'जिसके साथ भी गलत हुआ है और जिसने भी गलत किया है, उसको सजा मिलनी चाहिए। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। आज उसी सोच के साथ मैं खुद वहां जा रहा हूं।' पासवान ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही परिजनों से मिलकर पूरी जानकारी ले चुके हैं।
एनकाउंटर पर सवाल
पासवान ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा, 'ये तमाम चीजें जांच का विषय हैं कि हथियार कहां से आया, नहीं आया। लेकिन जिस तरीके से उनके ऊपर गोली चलाई गई और जिस तरीके से आत्मसमर्पण करने के बाद भी उन्हें मारा गया, यह कतई उचित नहीं है।'
गौरतलब है कि यह मामला भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें भरत तिवारी की मौत हुई। कथित तौर पर आत्मसमर्पण के बाद भी गोली चलाए जाने के आरोपों ने इस मामले को राजनीतिक और न्यायिक दृष्टि से संवेदनशील बना दिया है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में एनकाउंटर की घटनाओं पर विपक्ष और नागरिक समाज दोनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। एक केंद्रीय मंत्री का इस तरह सीधे पीड़ित परिवार के पास जाना और गृह मंत्री से मुलाकात करना इस प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व देता है।
आगे क्या होगा
पासवान ने दोनों मामलों में निष्पक्ष जाँच और त्वरित न्याय की माँग की है। अब सभी की निगाहें इस पर होंगी कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इस दबाव के बाद क्या कदम उठाते हैं — और क्या दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती है।