भरत तिवारी मौत मामला: चिराग पासवान बोले — दोषी चाहे कोई भी हो, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को पत्रकारों से बातचीत में भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी मौत मामले पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी साफ किया कि एनकाउंटर की आड़ में किसी निर्दोष के खिलाफ कानून का दुरुपयोग उनकी सरकार को स्वीकार नहीं है।
चिराग पासवान का सख्त बयान
पासवान ने कहा, 'मैं इतना जरूर मानता हूं कि जो भी दोषी हैं, जांच पूरी होने के बाद किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस तरीके से किसी को भी कानून को हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि एनकाउंटर की आड़ में किसी निर्दोष पर गोली चलाई गई है या कानून का दुरुपयोग हुआ है, तो हमारी सरकार इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।' उन्होंने जोर देकर कहा कि तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित होगी — पद या प्रभाव कोई ढाल नहीं बनेगा।
पीड़ित परिवार से मुलाकात और मुख्यमंत्री को जानकारी
चिराग पासवान ने बताया कि उनकी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पहले ही भरत तिवारी के परिजनों से मिल चुका है और वहां से प्राप्त जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और नई जानकारी भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी। यह कदम इस बात का संकेत है कि पार्टी इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रखना चाहती।
तेजस्वी यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर लगाए गए आरोपों को लेकर पासवान ने कहा कि बिना जांच पूरी हुए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री पहले ही निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं, ऐसे में सीधे आरोप लगाकर राजनीति करना सही नहीं। गौरतलब है कि यह मामला बिहार की राजनीति में एनकाउंटर की पारदर्शिता को लेकर एक बड़े विमर्श का केंद्र बन चुका है।
राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर टिप्पणी
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली किए जाने के मुद्दे पर चिराग पासवान ने कहा कि सरकारी आवास स्थायी नहीं होता और नियमों के तहत उसे खाली करना अनिवार्य है। उन्होंने राबड़ी देवी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सम्मानजनक तरीके से सरकार के निर्णय को स्वीकार किया। पासवान ने यह भी जोड़ा कि वह स्वयं इस स्थिति से गुजर चुके हैं और इसकी संवेदनशीलता को भलीभांति समझते हैं।
आगे क्या होगा
भरत तिवारी मामले में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष अब सभी की नज़रों में हैं। चिराग पासवान की शुक्रवार की मुलाकात और उसके बाद मुख्यमंत्री को दी जाने वाली जानकारी यह तय करेगी कि केंद्र और राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में आगे किस रुख के साथ आगे बढ़ती हैं।