पटना में चौकीदार दफादार संघ के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज पर चिराग पासवान का बयान
सारांश
Key Takeaways
- चौकीदार दफादार संघ के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
- चिराग पासवान ने निंदा की और मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं
पटना, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में चौकीदार दफादार संघ के बैनर के तहत प्रदर्शन कर रहे व्यक्तियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी मांगों को उठाएंगे।
लोजपा (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पटना में अपनी उचित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदार-दफादार साथियों पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। गांवों की सुरक्षा व्यवस्था का आधार रहे इन वफादार कर्मियों की आवाज को बल प्रयोग से दबाना किसी भी संवेदनशील शासन के अनुरूप नहीं है।"
उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि चौकीदार-दफादार की समस्याओं और उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि सांसद अरुण भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री से शीघ्र भेंट करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा, जिसमें उनकी उचित मांगों का समाधान, सेवा-संबंधी समस्याओं का स्थायी निराकरण तथा दोषी प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल होगी।
उन्होंने आगे कहा, "मैं स्वयं भी इस विषय पर मुख्यमंत्री से मिलकर चौकीदार-दफादार की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करूंगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करूंगा।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुधार के नाम पर वर्षों से सेवा कर रहे परिवारों की आजीविका और गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं है। गांवों की सुरक्षा करने वालों का सम्मान और भविष्य सुरक्षित रखना समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बता दें कि दफादार चौकीदार संघ ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इसी दौरान संघ के प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें हटा दिया।