आयुष्मान भारत योजना: IMA की हड़ताल के बावजूद हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं अबाधित, राज्य सरकार का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार ने 2 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से जारी हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा योजना के अंतर्गत सेवाएं निलंबित करने के आह्वान के बावजूद, राज्य के पात्र लाभार्थियों को इलाज में कोई बड़ी बाधा नहीं आई।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की निगरानी
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए रखी। जिला स्तरीय अधिकारियों, जिला कार्यान्वयन प्रबंधकों और सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ नियमित समन्वय सुनिश्चित किया गया। सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि वे एबी-पीएमजेएवाई के पात्र मरीजों को प्राथमिकता देते हुए उपचार जारी रखें।
अस्पतालों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि योजना के तहत किसी भी पात्र लाभार्थी को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
शिकायतों की स्थिति
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, 31 अगस्त की रात को योजना के अस्थायी रूप से बंद होने के बाद से किसी भी पात्र मरीज को उपचार से वंचित किए जाने या स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा से जुड़ी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। अस्पतालों से मिली प्रतिक्रियाओं और इस अवधि में प्रस्तुत दावों की संख्या से भी यह स्पष्ट होता है कि लाभार्थियों को सेवाएं मिलती रहीं।
₹12,000 करोड़ बकाये की खबरों का खंडन
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित उन रिपोर्टों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि योजना के तहत अस्पतालों का ₹12,000 करोड़ का बकाया है। एजेंसी का कहना है कि ऐसी जानकारी लाभार्थियों और आम जनता में अनावश्यक भ्रम फैलाती है। भुगतान और दावों की स्थिति की जाँच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है।
प्राधिकरण ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट रिपोर्टों या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से सूचना लें।
उपचार से इनकार पर कार्रवाई का आश्वासन
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाभार्थी यह शिकायत करता है कि किसी सूचीबद्ध अस्पताल ने 31 अगस्त या 1 सितंबर को एबी-पीएमजेएवाई के तहत उपचार देने से इनकार किया, तो मामले की जाँच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी। जाँच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी ने राज्य भर के सभी पात्र परिवारों को आश्वस्त किया है कि वे सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना इलाज निर्बाध रूप से जारी रख सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब IMA की कार्रवाई से देश के कई राज्यों में आयुष्मान भारत योजना की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।