2 सितंबर 2026
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आयुष्मान भारत योजना: IMA की हड़ताल के बावजूद हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं अबाधित, राज्य सरकार का आश्वासन

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आयुष्मान भारत योजना: IMA की हड़ताल के बावजूद हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं अबाधित, राज्य सरकार का आश्वासन

सारांश

IMA के सेवा निलंबन के आह्वान के बीच हरियाणा सरकार ने दावा किया कि एबी-पीएमजेएवाई के तहत राज्य में कोई बाधा नहीं आई। साथ ही ₹12,000 करोड़ बकाये की मीडिया रिपोर्टों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए लाभार्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई।

मुख्य बातें

हरियाणा सरकार ने 2 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि एबी-पीएमजेएवाई के तहत स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
IMA के सेवा निलंबन के आह्वान के बावजूद किसी भी पात्र लाभार्थी को उपचार से वंचित किए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली।
₹12,000 करोड़ बकाये की मीडिया रिपोर्टों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।
31 अगस्त या 1 सितंबर को उपचार से इनकार की शिकायत मिलने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
सभी पात्र परिवारों से अपील — अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

हरियाणा सरकार ने 2 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से जारी हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा योजना के अंतर्गत सेवाएं निलंबित करने के आह्वान के बावजूद, राज्य के पात्र लाभार्थियों को इलाज में कोई बड़ी बाधा नहीं आई।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की निगरानी

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए रखी। जिला स्तरीय अधिकारियों, जिला कार्यान्वयन प्रबंधकों और सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ नियमित समन्वय सुनिश्चित किया गया। सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि वे एबी-पीएमजेएवाई के पात्र मरीजों को प्राथमिकता देते हुए उपचार जारी रखें।

अस्पतालों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि योजना के तहत किसी भी पात्र लाभार्थी को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

शिकायतों की स्थिति

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, 31 अगस्त की रात को योजना के अस्थायी रूप से बंद होने के बाद से किसी भी पात्र मरीज को उपचार से वंचित किए जाने या स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा से जुड़ी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। अस्पतालों से मिली प्रतिक्रियाओं और इस अवधि में प्रस्तुत दावों की संख्या से भी यह स्पष्ट होता है कि लाभार्थियों को सेवाएं मिलती रहीं।

₹12,000 करोड़ बकाये की खबरों का खंडन

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित उन रिपोर्टों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि योजना के तहत अस्पतालों का ₹12,000 करोड़ का बकाया है। एजेंसी का कहना है कि ऐसी जानकारी लाभार्थियों और आम जनता में अनावश्यक भ्रम फैलाती है। भुगतान और दावों की स्थिति की जाँच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है।

प्राधिकरण ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट रिपोर्टों या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से सूचना लें।

उपचार से इनकार पर कार्रवाई का आश्वासन

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाभार्थी यह शिकायत करता है कि किसी सूचीबद्ध अस्पताल ने 31 अगस्त या 1 सितंबर को एबी-पीएमजेएवाई के तहत उपचार देने से इनकार किया, तो मामले की जाँच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी। जाँच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

एजेंसी ने राज्य भर के सभी पात्र परिवारों को आश्वस्त किया है कि वे सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना इलाज निर्बाध रूप से जारी रख सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब IMA की कार्रवाई से देश के कई राज्यों में आयुष्मान भारत योजना की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी पुष्टि केवल सरकारी दावों पर टिकी है — स्वतंत्र सत्यापन अनुपस्थित है। ₹12,000 करोड़ बकाये की रिपोर्टों को 'गलत' बताना पर्याप्त नहीं है; जब तक वास्तविक भुगतान आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाते, संदेह बना रहेगा। IMA और सरकार के बीच यह तनाव देशभर में आयुष्मान भारत की वित्तीय स्थिरता पर उठते सवालों का हिस्सा है, जिसे महज़ प्रेस विज्ञप्तियों से नहीं सुलझाया जा सकता।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई सेवाएं IMA की हड़ताल से प्रभावित हुईं?
हरियाणा सरकार के अनुसार नहीं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि IMA के सेवा निलंबन के आह्वान के बावजूद राज्य में एबी-पीएमजेएवाई के तहत कोई बड़ी बाधा नहीं आई और किसी लाभार्थी को उपचार से वंचित किए जाने की शिकायत नहीं मिली।
आयुष्मान भारत योजना में ₹12,000 करोड़ बकाये की खबर क्या है?
कुछ समाचार पत्रों में यह दावा किया गया था कि हरियाणा में एबी-पीएमजेएवाई के तहत अस्पतालों का ₹12,000 करोड़ बकाया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है और कहा है कि ऐसी रिपोर्टें अनावश्यक भ्रम फैलाती हैं।
यदि कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड पर इलाज से मना करे तो क्या करें?
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सूचीबद्ध अस्पताल एबी-पीएमजेएवाई के तहत उपचार देने से इनकार करता है, तो शिकायत दर्ज की जा सकती है। जाँच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
IMA ने आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं क्यों निलंबित करने का आह्वान किया?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एबी-पीएमजेएवाई के तहत अस्पतालों को भुगतान और दावों की प्रक्रिया को लेकर असंतोष जताते हुए सेवाएं निलंबित करने का आह्वान किया। हालांकि हरियाणा सरकार ने कहा कि इस आह्वान का राज्य में कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
हरियाणा के पात्र लाभार्थी आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कैसे करवाएं?
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने पुष्टि की है कि सभी पात्र परिवार राज्य भर के सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना इलाज निर्बाध रूप से जारी रख सकते हैं। लाभार्थियों से अपील है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
राष्ट्र प्रेस
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