आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों की संख्या 36,229 तक पहुंची; 11.69 करोड़ लोगों को मिला इलाज
सारांश
Key Takeaways
- आयुष्मान भारत योजना के तहत 11.69 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति
- 36,229 अस्पताल शामिल हैं, जिनमें 19,483 सरकारी और 16,746 निजी हैं
- शिकायत निवारण के लिए तीन स्तर की व्यवस्था
- दावों का निपटान समय पर किया जाता है
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 28 फरवरी 2026 तक कुल 11.69 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसमें से 6.74 करोड़ निजी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। यह जानकारी सरकार ने सोमवार को संसद में प्रस्तुत की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में उल्लेख किया कि लाभार्थियों को इलाज देने से मना न करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू हैं।
यदि किसी मरीज को इलाज से मना किया जाता है या कोई अन्य समस्या उत्पन्न होती है, तो वह सेंट्रलाइज्ड ग्रिवांस सिस्टम के माध्यम से शिकायत कर सकता है या चौबीसो घंटे टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकता है।
मंत्री ने बताया कि इस योजना से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्तर की व्यवस्था बनाई गई है। हर स्तर पर नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण समितियां मौजूद हैं, जो मामलों की जांच कर समाधान करती हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि इस योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। 2018-19 में जहां 6,917 अस्पताल जुड़े थे, वहीं 28 फरवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 36,229 हो गई है। इनमें 19,483 सरकारी और 16,746 निजी अस्पताल शामिल हैं, जिससे देश भर में एक विशाल हेल्थकेयर नेटवर्क तैयार हुआ है।
मंत्री ने बताया कि अस्पतालों को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया लगातार चल रही है और यह राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा आवश्यकताओं और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर की जाती है।
दावों (क्लेम) के निपटान के संबंध में सरकार ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित और निर्बाध रूप से चल रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसियां तय समय सीमा के भीतर क्लेम का निपटान करती हैं, जिसमें राज्य के अंदर इलाज के मामलों में 15 दिन और दूसरे राज्य में इलाज (पोर्टेबिलिटी) के मामलों में 30 दिन के भीतर निपटान किया जाता है।