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राजस्थान पंचायत चुनाव 2025: बैरवा बोले — ढाई साल के विकास कार्यों के दम पर माँगेंगे वोट

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राजस्थान पंचायत चुनाव 2025: बैरवा बोले — ढाई साल के विकास कार्यों के दम पर माँगेंगे वोट

सारांश

राजस्थान पंचायत चुनाव से ठीक पहले उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने BJP का पक्ष रखा — ढाई साल के कामकाज को वोट की बुनियाद बताया और कांग्रेस के नामांकन विवाद के आरोपों को नियम-आधारित प्रक्रिया का हवाला देकर खारिज किया।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने 2 सितंबर को जयपुर में कहा कि BJP ढाई साल के विकास कार्यों के आधार पर पंचायत चुनाव में वोट माँगेगी।
कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए बैरवा ने कहा कि नामांकन पत्र निरस्त करने की प्रक्रिया नियम-आधारित है और सभी दलों पर समान रूप से लागू होती है।
सरकार ने दावा किया कि युवा, महिलाएँ, किसान और मज़दूर — सभी वर्ग सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं।
जर्जर स्कूल भवनों के मुद्दे पर बैरवा ने कहा कि चिन्हित स्कूलों के लिए बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
BJP के भीतर मतभेदों को बातचीत के ज़रिये सुलझाने और एकजुट होकर चुनाव लड़ने की बात कही गई।

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने 2 सितंबर को जयपुर में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगामी पंचायत चुनावों में राज्य सरकार के ढाई वर्षों के कामकाज को आधार बनाकर मतदाताओं से समर्थन माँगेगी। नामांकन पत्रों की वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बैरवा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी दल के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

नामांकन विवाद पर सरकार का पक्ष

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आरोप लगाया है कि BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा दबाव बनाकर कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त कराए जा रहे हैं। इन आरोपों को खारिज करते हुए बैरवा ने कहा कि प्रत्येक नामांकन पत्र की जाँच तथ्यों और नियमों के आधार पर होती है — जो फॉर्म सही पाए जाते हैं, वे स्वीकार किए जाते हैं और जिनमें त्रुटि होती है, उन्हें नियमानुसार निरस्त किया जाता है।

उन्होंने स्पष्ट किया, 'नियम सभी के लिए समान हैं' — चाहे प्रत्याशी BJP का हो, कांग्रेस का हो या किसी अन्य दल से जुड़ा हो। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर जहाँ भी मतभेद होंगे, उन्हें आपसी बातचीत के ज़रिये सुलझाया जाएगा और BJP एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी।

ढाई साल के कामकाज का दावा

राज्य सरकार की उपलब्धियों पर बोलते हुए बैरवा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के हर वर्ग — युवा, महिलाएँ, किसान और मज़दूर — के लिए योजनाएँ चलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन कार्यों से संतुष्ट है और आगामी निकाय चुनावों में BJP को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब राजस्थान में पंचायत चुनावों की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

स्कूलों की जर्जर स्थिति पर सफाई

विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सरकारी स्कूलों की खराब हालत के मुद्दे पर बैरवा ने कहा कि जर्जर और समस्याग्रस्त स्कूलों की पहचान पहले से ही की जा रही थी। उन्होंने तर्क दिया कि प्रदेश के कई स्कूल पुराने भवनों में संचालित होते आए हैं, इसलिए उनकी वर्तमान स्थिति को केवल मौजूदा सरकार से जोड़ना उचित नहीं होगा।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जहाँ ज़रूरत थी, वहाँ वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखा गया। ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

आगे क्या होगा

बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से आवश्यक बजट आवंटित किया गया है और आने वाले समय में जर्जर स्कूल भवनों का सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना बताया गया है। पंचायत चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि जनता सरकार के इन दावों पर कितना भरोसा करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ढाई साल की योजनाओं का ज़मीनी असर पंचायत स्तर तक पहुँचा है। नामांकन विवाद पर 'नियम समान हैं' की दलील तब तक अधूरी है जब तक चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से निरस्त फॉर्मों का दलवार ब्यौरा सार्वजनिक न करे। स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति को 'विरासत की समस्या' बताना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, पर जनता के लिए बच्चों की सुरक्षा वर्तमान सरकार की ज़िम्मेदारी है — चाहे भवन कितना भी पुराना हो।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेमचंद बैरवा ने पंचायत चुनाव को लेकर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि BJP राजस्थान पंचायत चुनाव में राज्य सरकार के ढाई साल के विकास कार्यों के आधार पर मतदाताओं से वोट माँगेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज से संतुष्ट है।
कांग्रेस ने नामांकन पत्रों को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं के दबाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त कराए जा रहे हैं। बैरवा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फॉर्म निरस्ती की प्रक्रिया नियम-आधारित है और सभी दलों पर समान रूप से लागू होती है।
राजस्थान सरकार के स्कूलों की खराब स्थिति पर बैरवा का क्या जवाब है?
बैरवा ने कहा कि जर्जर स्कूल भवनों की समस्या पुरानी है और इसे केवल मौजूदा सरकार से जोड़ना उचित नहीं है। सरकार ने ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही उनका सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
राजस्थान पंचायत चुनाव में BJP की रणनीति क्या है?
BJP की रणनीति सरकार के ढाई साल के कामकाज — युवा, महिला, किसान और मज़दूर वर्ग के लिए चलाई गई योजनाओं — को आधार बनाकर चुनाव लड़ने की है। पार्टी के भीतर मतभेदों को बातचीत से सुलझाकर एकजुट होकर उतरने की बात कही गई है।
पंचायत चुनाव में नामांकन पत्र निरस्त होने के क्या नियम हैं?
बैरवा के अनुसार, प्रत्येक नामांकन पत्र की जाँच तथ्यों और नियमों के आधार पर की जाती है। जो फॉर्म तथ्यात्मक रूप से सही होते हैं उन्हें स्वीकार किया जाता है और जिनमें त्रुटि पाई जाती है उन्हें नियमानुसार निरस्त किया जाता है — यह प्रक्रिया सभी दलों पर समान रूप से लागू होती है।
राष्ट्र प्रेस
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