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राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होंगे: कानून मंत्री जोगाराम पटेल

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राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होंगे: कानून मंत्री जोगाराम पटेल

सारांश

राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने साफ किया कि निकाय और पंचायत चुनाव हाई कोर्ट के आदेश और राज्य चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत होंगे। साथ ही उन्होंने दिल्ली विरोध प्रदर्शन को लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया और कांग्रेस नेताओं पर विदेशी प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने 20 जुलाई को कहा कि राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कराए जाएंगे।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार, पंचायती राज विभाग , राज्य चुनाव आयोग और ओबीसी आयोग को तय समय-सीमा में चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकार न्यायालय के आदेश की प्रति मिलते ही उसका अध्ययन कर पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेगी।
पटेल ने दिल्ली में विपक्षी प्रदर्शन को लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताते हुए कहा कि सांसदों को मुद्दे संसद में उठाने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों में विदेशी ताकतों की सोच दिखाई देती है।

राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने 20 जुलाई को स्पष्ट किया कि प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा राज्य चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे ही न्यायालय के आदेश की प्रति सरकार को प्राप्त होगी, उसका विधिवत अध्ययन कर पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

न्यायालय के निर्देश और सरकार की स्थिति

राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार, पंचायती राज विभाग, राज्य चुनाव आयोग और ओबीसी आयोग को तय समय-सीमा में निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। पटेल ने कहा कि सरकार कानून के शासन में पूरी आस्था रखती है और न्यायालय के आदेश सर्वोपरि हैं — आवश्यक कार्रवाई उसी के अनुरूप की जाएगी।

दिल्ली विरोध प्रदर्शन पर कानून मंत्री की प्रतिक्रिया

दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी करते हुए पटेल ने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक विफलताओं को ढकने के लिए सड़क पर उतर रहा है। उनके अनुसार, संसद जनता की आवाज़ उठाने का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और सांसदों को अपने मतदाताओं के मुद्दे वहीं उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों का संसद के बाहर हंगामा करना और अव्यवस्था फैलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

विपक्ष के जनाधार पर दावा

पटेल ने दावा किया कि इसी प्रकार की सड़क-केंद्रित राजनीति के कारण विपक्ष का जनाधार लगातार सिकुड़ रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों का प्रतिनिधित्व लोकसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि विपक्ष यही रवैया अपनाता रहा तो उसकी राजनीतिक प्रासंगिकता और घटेगी।

विदेशी ताकतों की भूमिका का आरोप

जब उनसे पूछा गया कि क्या किसान आंदोलन की तर्ज पर इस बार छात्रों को प्रदर्शन के लिए आगे किया जा रहा है और इसमें विदेशी हस्तक्षेप हो सकता है, तो पटेल ने कहा कि उन्हें लगता है कि इसमें विदेशी ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता संसद सत्र शुरू होने से पहले विदेश यात्राएं करते हैं और लौटने के बाद संसद की कार्यवाही बाधित करने की रणनीति अपनाते हैं। उनके अनुसार, ऐसे नेताओं के बयान कई बार देशहित के अनुरूप नहीं होते।

BJP का रुख और आगे की राह

कानून मंत्री ने स्पष्ट किया कि BJP मजबूत नेतृत्व वाली पार्टी है और केंद्र सरकार किसी भी ऐसी गतिविधि या बयान का समर्थन नहीं करेगी जो देशहित के विरुद्ध हो। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करते हुए संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के पक्ष में है और विपक्ष को भी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव की प्रक्रिया न्यायालय के आदेश की प्रति मिलने के बाद आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्यायिक दबाव का परिणाम अधिक है। विपक्ष पर 'विदेशी ताकतों' के प्रभाव का आरोप गंभीर है, लेकिन कानून मंत्री ने कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया — ऐसे में यह दावा राजनीतिक बयानबाजी की श्रेणी में ही रहता है। संसद में बहस की जगह सड़क पर प्रदर्शन की आलोचना करते हुए सत्ता पक्ष यह भूल जाता है कि विपक्ष का संसद से बाहर आना अक्सर तब होता है जब उसे भीतर सुना नहीं जाता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव कब होंगे?
कानून मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार, चुनाव राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों में तय समय-सीमा के भीतर कराए जाएंगे। सरकार न्यायालय के आदेश की प्रति मिलते ही आवश्यक कार्रवाई शुरू करेगी।
राजस्थान हाई कोर्ट ने निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार, पंचायती राज विभाग, राज्य चुनाव आयोग और ओबीसी आयोग को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय समय-सीमा में चुनाव संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि वह इन निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करेगी।
जोगाराम पटेल ने दिल्ली विरोध प्रदर्शन पर क्या कहा?
कानून मंत्री पटेल ने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए सड़क पर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध बताया और कहा कि सांसदों को अपने मतदाताओं के मुद्दे संसद में उठाने चाहिए।
क्या कांग्रेस नेताओं पर विदेशी ताकतों के प्रभाव का आरोप सही है?
जोगाराम पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता संसद सत्र से पहले विदेश यात्राएं करते हैं और लौटकर संसद बाधित करने की रणनीति अपनाते हैं। यह उनका व्यक्तिगत आरोप है; उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
राजस्थान में ओबीसी आयोग की चुनाव प्रक्रिया में क्या भूमिका है?
राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों में ओबीसी आयोग को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया गया है। ओबीसी आरक्षण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तय किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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