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राजस्थान सरकार ने 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई

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राजस्थान सरकार ने 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई

सारांश

राजस्थान सरकार ने 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उच्च न्यायालय द्वारा रद्द की गई वार्ड परिसीमन प्रक्रिया के कारण सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग की है। जानें इस महत्वपूर्ण मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

राजस्थान सरकार ने 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
उच्च न्यायालय द्वारा वार्ड परिसीमन प्रक्रिया को रद्द किया गया।
सरकार ने चुनाव से पहले परिसीमन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चुनाव कार्यक्रम को बढ़ाने का तर्क दिया।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय चुनावों की समय सीमा तय करेगा।

जयपुर, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सरकार ने उच्च न्यायालय द्वारा रद्द की गई वार्ड परिसीमन प्रक्रिया को दोबारा करने की आवश्यकता बताते हुए 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

राज्य सरकार ने एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर कहा है कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने 309 शहरी स्थानीय निकायों में से 113 के लिए किए गए वार्ड परिसीमन को रद्द किया है।

इस स्थिति के कारण, राजस्थान सरकार ने चुनाव कराने से पूर्व इस प्रक्रिया को फिर से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

एसएलपी में सरकार ने बताया है कि अधिक समय की मांग के कई कारण हैं। उच्च न्यायालय ने 113 शहरी निकायों में परिसीमन प्रक्रिया में त्रुटियों को देखा है। इन निकायों में वार्डों की कुल संख्या एक सी रही है, जबकि उनके आंतरिक सीमाओं में परिवर्तन किया गया है।

अदालत ने इन संशोधित वार्ड सीमाओं को रद्द कर दिया, जिसके कारण नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया की आवश्यकता हुई।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार ने तर्क दिया है कि बिना संशोधित परिसीमन प्रक्रिया को पूरा किए चुनाव कराना कानूनी दृष्टि से उचित नहीं होगा, इसलिए चुनाव कार्यक्रम को बढ़ाया जाना चाहिए।

पिछले वर्ष 14 नवंबर को राजस्थान उच्च न्यायालय ने लगभग 439 याचिकाओं का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को 31 दिसंबर तक परिसीमन प्रक्रिया को पूरा करने और 15 अप्रैल तक पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराने का आदेश दिया था।

इसके बाद, उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने भी निर्देश दिया कि चुनाव 15 अप्रैल तक कराए जाएं।

अब सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार की उस याचिका पर विचार करेगा जिसमें अधिक समय मांगा गया है।

सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के परिणाम से यह तय होगा कि चुनाव कराने की 15 अप्रैल की समय सीमा यथावत रहेगी या इसे बढ़ाया जाएगा। यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजस्थान में 113 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव समय-निर्धारण को प्रभावित करता है।

गौरतलब है कि राजस्थान में वार्डों का अंतिम पुनर्गठन 2019 में हुआ था, जब राज्य में 196 शहरी स्थानीय निकाय थे। पिछले छह वर्षों में 113 नए निकाय बनाए गए हैं, जहां पहली बार चुनाव होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उन्होंने चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया है। यह स्थिति न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि स्थानीय निकायों के कार्यों और विकास पर भी प्रभाव डालती है। समय सीमा के विस्तार पर निर्णय अति आवश्यक है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में चुनाव कब होंगे?
राजस्थान में चुनावों की संभावित तिथि 15 अप्रैल है, लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगा।
वार्ड परिसीमन प्रक्रिया क्यों रद्द की गई?
उच्च न्यायालय ने 113 शहरी निकायों में वार्ड परिसीमन प्रक्रिया में त्रुटियों के कारण इसे रद्द किया।
राजस्थान सरकार ने समय क्यों मांगा?
राजस्थान सरकार ने चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन प्रक्रिया को फिर से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में क्या कहना है?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर विचार करने का निर्णय लिया है।
क्या चुनावों का कार्यक्रम बदलेगा?
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार चुनावों का कार्यक्रम बदला जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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