क्या भाजपा का आरोप सही है, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निकाय चुनाव टाल रही है हेमंत सरकार?

Click to start listening
क्या भाजपा का आरोप सही है, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निकाय चुनाव टाल रही है हेमंत सरकार?

सारांश

झारखंड के नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा का आंदोलन तेज हो गया है। पार्टी ने चुनाव तिथि की मांग करते हुए धरने और प्रदर्शन शुरू किए हैं। क्या हेमंत सोरेन सरकार वास्तव में चुनाव टालने की कोशिश कर रही है?

Key Takeaways

  • भाजपा ने नगर निकाय चुनावों के लिए आंदोलन तेज किया है।
  • हेमंत सोरेन सरकार पर चुनाव टालने का आरोप है।
  • ईवीएम का उपयोग चुनावों में पारदर्शिता लाएगा।
  • अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
  • नगर निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

रांची, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में नगर निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज कर दिया है। पार्टी द्वारा विभिन्न जिलों में एक दिवसीय महाधरना और प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इन धरनों की प्रमुख मांगें हैं कि चुनाव की तिथि जल्द घोषित की जाए, चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं, और ईवीएम मशीनों का उपयोग हो। भाजपा नेताओं का आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार जानबूझकर चुनावों को टाल रही है, क्योंकि उसे हार का डर सता रहा है।

एक ऐसे ही धरना प्रदर्शन में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के नगर निकायों में चुनाव कराने के लिए झारखंड हाईकोर्ट ने कई बार निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए और चुनाव जल्द कराए जाएं। फिर भी सरकार अदालती आदेशों की अनदेखी कर रही है।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव हारने के डर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की योजना बना रही है, ताकि धांधली की जा सके। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2008 में बैलेट पेपर से हुए चुनाव में मतगणना तीन-तीन दिनों तक चली थी, जिससे उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी हुई थी। उस समय जीते हुए उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा था। अब सरकार वही साजिश दोहराना चाहती है, जबकि ईवीएम से चुनाव पारदर्शी और तेज होता है।

धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामदेव भोक्ता ने की। सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुनाव तिथि अविलंब घोषित करने की मांग की। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि बैलेट पेपर की बजाय ईवीएम से और दलीय आधार पर चुनाव कराया जाए। इस कार्यक्रम में भाजपा के अन्य नेता भी शामिल हुए और सरकार पर लोकतंत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

यह धरना राज्य भर में चल रहे भाजपा के अभियान का हिस्सा है, जिसमें 5 से 8 जनवरी तक विभिन्न नगर निकाय कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नगर निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

Point of View

जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय है। चुनावी प्रक्रिया का समय पर होना आवश्यक है ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा का आंदोलन क्यों हो रहा है?
भाजपा का आंदोलन नगर निकाय चुनावों की तिथि के जल्द निर्धारण की मांग को लेकर हो रहा है।
हेमंत सोरेन सरकार पर क्या आरोप हैं?
भाजपा का आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार जानबूझकर चुनावों को टाल रही है।
क्या ईवीएम का उपयोग होगा?
भाजपा ने ईवीएम के उपयोग की मांग की है, जबकि सरकार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की योजना बना रही है।
Nation Press