1 अगस्त 2026
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सचिन पायलट का BJP सरकार पर हमला: 'छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, सरकार फेल हो चुकी है'

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सचिन पायलट का BJP सरकार पर हमला: 'छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, सरकार फेल हो चुकी है'

सारांश

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जयपुर में राजस्थान सरकार को 'पूरी तरह फेल' करार दिया — छात्रसंघ चुनाव न कराने, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव कराने की मजबूरी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में BJP के 'महिमामंडन' को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।

मुख्य बातें

सचिन पायलट ने 1 अगस्त को जयपुर में राजस्थान की BJP सरकार को 'पूरी तरह फेल' करार दिया।
पायलट ने छात्रसंघ, पंचायत और नगर निकाय — तीनों स्तरों पर चुनाव न कराने के लिए सरकार की आलोचना की।
राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही सरकार पंचायत व नगर निकाय चुनाव कराने पर मजबूर हुई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में BJP सांसदों की नारेबाजी को पायलट ने 'जनभावनाओं से दूरी' का प्रमाण बताया।
पायलट ने कहा — राहुल गांधी और कांग्रेस सरकार के दबाव से नहीं डरेंगे; मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को घेरेगा।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 1 अगस्त को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में राजस्थान की भाजपा (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव न कराने, पंचायत व नगर निकाय चुनावों में देरी और संसद में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए 'महिमामंडन' को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। पायलट का यह बयान राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव की पृष्ठभूमि में आया है।

छात्रसंघ चुनाव पर सरकार को घेरा

पायलट ने कहा कि छात्रों की लंबे समय से माँग है कि छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा, 'सरकार को अपनी सोच बदलनी चाहिए और नौजवानों को मौका मिलना चाहिए। मैं चुनाव कराए जाने का हमेशा पक्षधर रहा हूँ।' उनके अनुसार, मौजूदा सरकार न पंचायत, न नगर पालिका और न ही छात्रसंघ — किसी भी स्तर पर चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है।

हाईकोर्ट के आदेश का हवाला

पायलट ने रेखांकित किया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही सरकार पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने पर मजबूर हुई। उन्होंने कहा कि सरकार के आधे से अधिक कार्यकाल के बीत जाने के बाद अब उसे 'कड़वे सवालों' का जवाब देना होगा। पायलट ने कहा, 'जिस उम्मीद से सरकार बनी थी, हालात उससे बिल्कुल उलट हैं।'

सरकार पर 'फेल' होने का आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि बीते कुछ महीनों में प्रदेश के जो हालात रहे हैं, उनसे साफ जाहिर होता है कि सरकार 'पूरी तरह से फेल' है। उन्होंने कहा, 'इतनी जल्द सरकार का इकबाल खत्म हो गया, ऐसा पहली बार देखा जा रहा है।' पायलट ने यह भी जोड़ा कि व्यवस्था को लेकर आम जनता में विश्वास पैदा नहीं हो पा रहा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तंज

पायलट ने केंद्रीय स्तर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में BJP सांसदों ने जिस तरह उनका सत्कार और नारेबाजी की, वह जनभावनाओं से सरकार की दूरी को दर्शाता है। उनके शब्दों में, 'पूरे देश का दबाव बना और पूरा विपक्ष उनके पीछे पड़ा, तब जाकर उन्होंने इस्तीफा दिया — और फिर उनका महिमामंडन किया गया।'

राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका

पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की बातों का जवाब देने के बजाय शोर मचाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के दबाव से न राहुल गांधी डरने वाले हैं, न कांग्रेस पार्टी। विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष की 'एजेंडा सेटिंग' की कोशिश को दर्शाता है। छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा राजस्थान में युवा मतदाताओं को लामबंद करने का पुराना औजार रहा है — और पायलट इसे भाजपा सरकार के खिलाफ 'लोकतंत्र-विरोधी' छवि बनाने में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि यह भी गौरतलब है कि कांग्रेस के अपने शासनकाल में भी छात्रसंघ चुनावों को लेकर निरंतरता का अभाव रहा है। धर्मेंद्र प्रधान प्रकरण को राजस्थान की राजनीति से जोड़ना पायलट की राष्ट्रीय प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश है — लेकिन असली परीक्षा यह है कि मानसून सत्र में विपक्ष ठोस मुद्दों पर सरकार को कितना घेर पाता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन पायलट ने राजस्थान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
सचिन पायलट ने राजस्थान की BJP सरकार को 'पूरी तरह फेल' करार दिया। उन्होंने छात्रसंघ, पंचायत और नगर निकाय चुनाव न कराने, तथा हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही पंचायत चुनाव कराने की मजबूरी को सरकार की विफलता का प्रमाण बताया।
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं हो रहे?
पायलट के अनुसार, राजस्थान सरकार किसी भी स्तर — पंचायत, नगर पालिका या छात्रसंघ — पर चुनाव नहीं कराना चाहती। छात्र लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की माँग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई तिथि घोषित नहीं की है।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने किस चुनाव का आदेश दिया?
राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार को पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने पड़ रहे हैं। पायलट ने इसे सरकार की इच्छाशक्ति की कमी का उदाहरण बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पायलट ने क्या कहा?
पायलट ने कहा कि पूरे देश और विपक्ष के दबाव के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, लेकिन इसके बाद संसद में BJP सांसदों द्वारा उनका सत्कार और नारेबाजी की गई। पायलट ने इसे सरकार के जनभावनाओं से दूर होने का संकेत बताया।
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस की क्या रणनीति है?
पायलट के अनुसार, कांग्रेस मानसून सत्र में विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार को हर मोर्चे पर घेरेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को अब 'कड़वे सवालों' का जवाब देना होगा क्योंकि उसका आधे से अधिक कार्यकाल बीत चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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