सचिन पायलट का BJP सरकार पर हमला: 'छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, सरकार फेल हो चुकी है'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 1 अगस्त को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में राजस्थान की भाजपा (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव न कराने, पंचायत व नगर निकाय चुनावों में देरी और संसद में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए 'महिमामंडन' को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। पायलट का यह बयान राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव की पृष्ठभूमि में आया है।
छात्रसंघ चुनाव पर सरकार को घेरा
पायलट ने कहा कि छात्रों की लंबे समय से माँग है कि छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा, 'सरकार को अपनी सोच बदलनी चाहिए और नौजवानों को मौका मिलना चाहिए। मैं चुनाव कराए जाने का हमेशा पक्षधर रहा हूँ।' उनके अनुसार, मौजूदा सरकार न पंचायत, न नगर पालिका और न ही छात्रसंघ — किसी भी स्तर पर चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है।
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
पायलट ने रेखांकित किया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही सरकार पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने पर मजबूर हुई। उन्होंने कहा कि सरकार के आधे से अधिक कार्यकाल के बीत जाने के बाद अब उसे 'कड़वे सवालों' का जवाब देना होगा। पायलट ने कहा, 'जिस उम्मीद से सरकार बनी थी, हालात उससे बिल्कुल उलट हैं।'
सरकार पर 'फेल' होने का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि बीते कुछ महीनों में प्रदेश के जो हालात रहे हैं, उनसे साफ जाहिर होता है कि सरकार 'पूरी तरह से फेल' है। उन्होंने कहा, 'इतनी जल्द सरकार का इकबाल खत्म हो गया, ऐसा पहली बार देखा जा रहा है।' पायलट ने यह भी जोड़ा कि व्यवस्था को लेकर आम जनता में विश्वास पैदा नहीं हो पा रहा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तंज
पायलट ने केंद्रीय स्तर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में BJP सांसदों ने जिस तरह उनका सत्कार और नारेबाजी की, वह जनभावनाओं से सरकार की दूरी को दर्शाता है। उनके शब्दों में, 'पूरे देश का दबाव बना और पूरा विपक्ष उनके पीछे पड़ा, तब जाकर उन्होंने इस्तीफा दिया — और फिर उनका महिमामंडन किया गया।'
राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका
पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की बातों का जवाब देने के बजाय शोर मचाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के दबाव से न राहुल गांधी डरने वाले हैं, न कांग्रेस पार्टी। विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी में है।