20 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वाईएसआरसीपी का आरोप: TDP गठबंधन सरकार विशाखापत्तनम को कमजोर कर अमरावती को दे रही तरजीह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वाईएसआरसीपी का आरोप: TDP गठबंधन सरकार विशाखापत्तनम को कमजोर कर अमरावती को दे रही तरजीह

सारांश

वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि TDP सरकार विशाखापत्तनम को पानी और पट्टों जैसी बुनियादी ज़रूरतों से महरूम रखते हुए अमरावती को चंद्रबाबू नायडू का रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बना रही है। स्थानीय निकाय चुनावों से पहले यह आरोप-प्रत्यारोप दोनों पार्टियों की ज़मीनी लड़ाई की तीव्रता को दर्शाते हैं।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि TDP गठबंधन सरकार जानबूझकर विशाखापत्तनम का विकास रोककर अमरावती को तरजीह दे रही है।
पूर्व मंत्री गुडिवाडा अमरनाथ ने कहा कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार द्वारा दिए गए 1.30 लाख आवासीय पट्टों से जुड़े काम बंद करा दिए गए।
मानसून में भी विशाखापत्तनम में पेयजल संकट बना रहा; मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर ठोस कदम न उठाने का आरोप।
अमरनाथ ने मंत्री नारा लोकेश के को-ब्रदर और एक स्थानीय सांसद पर कथित भूमि हड़पने में शामिल होने का आरोप लगाया।
वाईएसआरसीपी ने स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पट्टे बाँटने को 'दिखावा' बताया।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 20 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार जानबूझकर विशाखापत्तनम के विकास को अवरुद्ध कर रही है, ताकि अमरावती को तरजीह दी जा सके। पार्टी का यह भी आरोप है कि सरकार झूठे प्रचार के ज़रिए विपक्ष को निशाना बनाने में लगी है और शहर की असली समस्याओं से आँखें मूँद रही है।

पूर्व मंत्री के गंभीर आरोप

वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व मंत्री गुडिवाडा अमरनाथ ने रविवार को विशाखापत्तनम में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू हर मंच का दुरुपयोग कर वाईएसआरसीपी और उसके नेतृत्व पर हमले कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में 1.30 लाख लोगों को आवासीय भूखंड के पट्टे दिए गए थे, लेकिन मौजूदा गठबंधन सरकार ने उससे जुड़े सभी कार्य रोक दिए हैं।

पीने के पानी और विकास की अनदेखी का इल्ज़ाम

अमरनाथ ने आरोप लगाया कि मानसून के दौरान भी विशाखापत्तनम में पीने के पानी की भारी कमी बनी रही, और मुख्यमंत्री ने इस संकट से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना था कि सभी जलाशय सूख चुके हैं और आम लोग मुख्यमंत्री से राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन चंद्रबाबू नायडू ने पानी की समस्या और स्टील प्लांट से जुड़े मुद्दों को दरकिनार कर केवल विपक्ष को घेरने में ऊर्जा लगाई। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अब मुख्यमंत्री के 'इवेंट मैनेजमेंट' से तंग आ चुके हैं।

अमरावती को 'रियल एस्टेट प्रोजेक्ट' बताया

अमरनाथ ने अमरावती को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का 'रियल एस्टेट प्रोजेक्ट' करार दिया। उनका आरोप है कि विशाखापत्तनम की कीमती सरकारी ज़मीन बेहद कम दाम पर मुख्यमंत्री के करीबी और पसंदीदा लोगों — जिनमें अधिकतर रियल एस्टेट कंपनियाँ हैं — को आवंटित की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री नारा लोकेश के को-ब्रदर और एक स्थानीय सांसद भी कथित भूमि हड़पने के एक बड़े मामले में शामिल हैं। इन आरोपों को लेकर अभी तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्थानीय निकाय चुनाव और पट्टों का सवाल

वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले आवासीय पट्टे वितरित करना महज़ दिखावा है और इससे सरकार की राजनीतिक मंशा उजागर होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी पंचदाराल क्षेत्र में अवैध खनन रोकने में सफल रही है और आगे भी जनहित के सभी मुद्दों को मज़बूती से उठाती रहेगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि वाईएसआरसीपी और TDP गठबंधन के बीच आंध्र प्रदेश में राजधानी और विकास की प्राथमिकताओं को लेकर टकराव लंबे समय से जारी है। अमरावती परियोजना, जो नायडू के पिछले कार्यकाल में शुरू हुई थी और वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान विवादित रही, एक बार फिर सियासी केंद्र में है। यह ऐसे समय में आया है जब स्थानीय निकाय चुनाव नज़दीक हैं और दोनों दल शहरी मतदाताओं को रिझाने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर चुनाव से पहले हरा हो जाता है। असली सवाल यह है कि पेयजल संकट और भूमि आवंटन जैसे गंभीर मुद्दे सत्यापन की माँग करते हैं — केवल आरोप-प्रत्यारोप की नहीं। नारा लोकेश के को-ब्रदर और स्थानीय सांसद पर लगे आरोप विशेष रूप से गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। जब तक मुख्यधारा की कवरेज केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी और ज़मीनी तथ्यों की पड़ताल नहीं होगी, विशाखापत्तनम के नागरिक दोनों दलों के बीच पिसते रहेंगे।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाईएसआरसीपी ने TDP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि TDP गठबंधन सरकार अमरावती को बढ़ावा देने के लिए जानबूझकर विशाखापत्तनम के विकास को कमज़ोर कर रही है। पूर्व मंत्री गुडिवाडा अमरनाथ ने पेयजल संकट, आवासीय पट्टों के काम रोकने और कथित भूमि आवंटन अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर सीधा निशाना साधा।
विशाखापत्तनम में 1.30 लाख पट्टों का मामला क्या है?
वाईएसआरसीपी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में 1.30 लाख लोगों को आवासीय भूखंड के पट्टे दिए गए थे। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा TDP गठबंधन सरकार ने इन पट्टों से जुड़े कार्यों को रोक दिया है।
अमरावती को 'रियल एस्टेट प्रोजेक्ट' क्यों कहा गया?
पूर्व मंत्री गुडिवाडा अमरनाथ ने अमरावती को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का 'रियल एस्टेट प्रोजेक्ट' बताया, आरोप लगाते हुए कि विशाखापत्तनम की कीमती ज़मीन कम दाम पर नायडू के करीबियों और रियल एस्टेट कंपनियों को दी जा रही है। इन आरोपों पर सरकार की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विशाखापत्तनम में पेयजल संकट कितना गंभीर है?
वाईएसआरसीपी नेता के अनुसार मानसून के दौरान भी शहर के सभी जलाशय सूखे पड़े थे और पेयजल की भारी किल्लत रही। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने इस संकट के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाने के बजाय राजनीतिक भाषणबाज़ी को प्राथमिकता दी।
क्या इन आरोपों का स्थानीय निकाय चुनावों से कोई संबंध है?
वाईएसआरसीपी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पट्टे बाँटना सरकार का राजनीतिक दिखावा है। आंध्र प्रदेश में दोनों प्रमुख दल शहरी मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए विकास के मुद्दों पर आमने-सामने हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले