पूर्वी बर्दवान के मनकर रूरल हॉस्पिटल में तोड़-फोड़ के बाद डॉक्टर-नर्स हड़ताल पर, सुरक्षा की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के मनकर रूरल हॉस्पिटल में रविवार, 20 सितंबर 2026 को एक मृतक मरीज के रिश्तेदारों ने जमकर तोड़-फोड़ की और नर्सों व स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया। इस घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और हेल्थ वर्कर हड़ताल पर चले गए हैं और लिखित सुरक्षा आश्वासन की माँग कर रहे हैं।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
बुदबुद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के मनकर निवासी बुधन बाउरी शनिवार रात बीमार पड़े और उन्हें मनकर रूरल हॉस्पिटल ले जाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें निगरानी में रखा गया। बताया जा रहा है कि बाद में डॉक्टरों ने परिजनों को सलाह दी कि उनकी हालत बेहतर लग रही है और वे उन्हें घर ले जा सकते हैं।
हालाँकि, कथित तौर पर घर लौटते समय बुधन बाउरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने अस्पताल पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी विभाग में रखे सामान और फर्नीचर को नुकसान पहुँचाया।
चश्मदीदों के अनुसार, उग्र भीड़ उस कमरे में घुस गई जहाँ नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी शरण लेकर बैठे थे, और उनके साथ मारपीट की — जिनमें महिला स्टाफ भी शामिल थीं।
पुलिस की कार्रवाई
बुदबुद थाने की पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में किया। बुधन बाउरी का शव बरामद कर रविवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्यकर्मियों का विरोध और माँगें
घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी रविवार सुबह से अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनकी माँग है कि प्रशासन उन्हें लिखित सुरक्षा आश्वासन और विशेष सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करे।
एक डॉक्टर ने कहा, 'अगर काम के दौरान हमारी जान को खतरा है, तो हम सेवाएँ कैसे देंगे? जब तक प्रशासन हमें लिखित आश्वासन और सुरक्षा नहीं देता, हमारा विरोध जारी रहेगा।' फिलहाल इमरजेंसी विभाग को छोड़कर अस्पताल की सभी अन्य सेवाएँ बंद कर दी गई हैं।
व्यापक संदर्भ: बार-बार होती हिंसा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश में अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों की घटनाएँ एक गंभीर चिंता बन चुकी हैं। गौरतलब है कि 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा उठा था। आलोचकों का कहना है कि इस दिशा में ठोस कानून और सुरक्षा ढाँचे की अब भी कमी है।
आगे की राह
प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। जब तक यह नहीं होता, मनकर रूरल हॉस्पिटल की अधिकांश सेवाएँ प्रभावित रहने की आशंका है, जिससे आसपास के गाँवों के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।