21 अगस्त 2026
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राजकोट अस्पताल में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट, गुजरात स्वास्थ्य मंत्री ने दिया त्वरित न्याय का वादा

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राजकोट अस्पताल में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट, गुजरात स्वास्थ्य मंत्री ने दिया त्वरित न्याय का वादा

सारांश

राजकोट के PDU सिविल अस्पताल में गुरुवार शाम एक पुरुष सहकर्मी ने 26 वर्षीय महिला रेजिडेंट डॉक्टर को कथित तौर पर थप्पड़ मारा और गाली दी। आरोपी अश्विन रमानी को पुलिस ने हिरासत में लिया; स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया ने त्वरित न्याय का वादा किया।

मुख्य बातें

राजकोट के PDU सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में 21 अगस्त 2026 की शाम 7:30 बजे महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कथित मारपीट हुई।
कृष्णा सिंहला लगभग छह महीने से प्रथम वर्ष की रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत थीं।
आरोपी अश्विन रमानी के खिलाफ प्रद्युम्नानगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज; शुक्रवार को हिरासत में लिया गया।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने पीड़िता से फोन पर बात कर शुक्रवार शाम तक त्वरित न्याय और पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया।
विरोध प्रदर्शन के बाद शिकायत दर्ज होने पर कनिष्ठ डॉक्टर काम पर लौटे; मामले की जाँच जारी।

राजकोट के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (PDU) सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में 21 अगस्त 2026 को एक 26 वर्षीय महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना सामने आई, जिसके बाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने पीड़िता को शीघ्र न्याय और पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया। इस घटना ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

घटनाक्रम: क्या हुआ आपातकालीन वार्ड में

शिकायत के अनुसार, गुरुवार, 21 अगस्त की शाम लगभग 7:30 बजे एक बुजुर्ग मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। मरीज के भर्ती किए जाने को लेकर हुए मतभेद के बाद एक पुरुष सहकर्मी ने कथित तौर पर महिला डॉक्टर को गाली दी, थप्पड़ मारा और धमकी दी।

पीड़िता की पहचान डॉ. कृष्णा सिंहला के रूप में हुई है, जो चिकित्सा विभाग में लगभग छह महीने से प्रथम वर्ष की रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत थीं। घटना के समय वे 24 घंटे की आपातकालीन वार्ड ड्यूटी पर थीं।

विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

इस घटना की जानकारी फैलते ही अस्पताल के कनिष्ठ डॉक्टरों में आक्रोश उमड़ पड़ा और देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। प्रद्युम्नानगर पुलिस स्टेशन में आरोपी अश्विन रमानी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज होने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन समाप्त कर काम पर वापस लौटने का फैसला किया।

शुक्रवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अश्विन रमानी को हिरासत में ले लिया। मामले की जाँच जारी है।

स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने कहा कि उन्होंने पीड़ित डॉक्टर से व्यक्तिगत रूप से फोन पर बात की और उन्हें शुक्रवार शाम तक तत्काल न्याय एवं पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है।

पानसेरिया ने कहा, 'महिला कर्मचारियों और डॉक्टरों की गरिमा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे दुर्व्यवहार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

व्यापक संदर्भ: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गुजरात के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों के साथ व्यवहार और उनकी कार्यस्थल सुरक्षा की नए सिरे से जाँच चल रही है। गौरतलब है कि देशभर में डॉक्टरों पर हमले की घटनाएँ बढ़ने के बाद केंद्र और राज्य सरकारें सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर विचार कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि आपातकालीन वार्ड में अकेले ड्यूटी करने वाले रेजिडेंट डॉक्टर विशेष रूप से असुरक्षित होते हैं, और इस तरह की घटनाएँ संस्थागत सुरक्षा तंत्र की कमज़ोरी को उजागर करती हैं। आगे की कार्रवाई और जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर महिलाएँ, कार्यस्थल हिंसा के सामने असुरक्षित खड़ी हैं। मंत्री का 'सख्त कार्रवाई' का आश्वासन सुनने में ठोस लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रतिक्रिया संस्थागत सुधार की ओर ले जाएगी या महज एक मामले की एफआईआर तक सिमट जाएगी। आपातकालीन वार्ड में अकेले 24 घंटे ड्यूटी करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का अभाव एक संरचनात्मक विफलता है, जिसे व्यक्तिगत आश्वासनों से नहीं, नीतिगत बदलाव से ही ठीक किया जा सकता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजकोट अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ क्या हुआ?
21 अगस्त 2026 की शाम राजकोट के PDU सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में एक पुरुष सहकर्मी ने कथित तौर पर 26 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर कृष्णा सिंहला को गाली दी, थप्पड़ मारा और धमकी दी। यह विवाद एक गंभीर रूप से बीमार मरीज के भर्ती होने को लेकर हुए मतभेद के बाद भड़का।
आरोपी अश्विन रमानी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
प्रद्युम्नानगर पुलिस स्टेशन में अश्विन रमानी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई और शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मामले की जाँच जारी है।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने पीड़िता से फोन पर बात कर शुक्रवार शाम तक त्वरित न्याय और पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों और डॉक्टरों की गरिमा से कोई समझौता नहीं होगा और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद अस्पताल में क्या हुआ?
घटना की जानकारी मिलते ही कनिष्ठ डॉक्टरों ने देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। शिकायत दर्ज होने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन समाप्त कर काम पर वापस लौटने का फैसला किया।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गुजरात के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की कार्यस्थल सुरक्षा की नए सिरे से जाँच हो रही है। आपातकालीन वार्ड में अकेले लंबी ड्यूटी करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की असुरक्षा और संस्थागत सुरक्षा तंत्र की कमज़ोरी पर यह मामला ध्यान केंद्रित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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