PMCH पटना में सुरक्षा गार्डों की मारपीट: दो मरीज परिजनों के सिर फटे, अधीक्षक ने कहा — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में 28 मई 2026 की सुबह बाइक पार्किंग विवाद के दौरान सुरक्षा गार्डों ने मरीजों के परिजनों के साथ बर्बर मारपीट की, जिसमें दो व्यक्तियों के सिर फट गए और एक महिला के साथ धक्का-मुक्की की गई। घटना इमरजेंसी वार्ड के निकट पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में हुई, जिससे अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिहटा के कंचनपुर निवासी विमल कुमार सुबह करीब 10:30 बजे अपनी बाइक इमरजेंसी वार्ड के पास पार्क कर रहे थे। गार्डों ने उन्हें रोका, जिस पर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर कई गार्डों ने मिलकर विमल कुमार पर हमला बोल दिया — उनकी इतनी बुरी तरह पिटाई की गई कि उनका सिर फट गया और वे सड़क पर गिर पड़े।
घायल विमल कुमार काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे, लेकिन गार्डों का आक्रामक रवैया जारी रहा। इसी दौरान पटना के भट्टाचार्य इलाके के निवासी प्रेम कुमार अपनी पत्नी का इलाज कराने अस्पताल पहुँचे थे। जब उन्होंने घायल विमल की मदद करने की कोशिश की, तो गार्डों ने उन पर भी हमला कर दिया। प्रेम कुमार के सिर में भी गंभीर चोट आई। दोनों घायलों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।
अस्पताल परिसर में आक्रोश
घटना के बाद PMCH परिसर में भारी तनाव फैल गया। मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के गार्ड अक्सर मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, परंतु प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद गार्डों को इस तरह की मारपीट की छूट कैसे मिली।
अधीक्षक की प्रतिक्रिया
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा, 'अस्पताल में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। हमने पूरी घटना की जानकारी ले ली है। निष्पक्ष जाँच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।'
स्थानीय लोगों की माँग
स्थानीय नागरिकों और मरीज परिजनों ने माँग की है कि दोषी गार्डों को तत्काल निलंबित किया जाए और अस्पताल परिसर में बेहतर एवं जवाबदेह सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों द्वारा मरीज परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आई हो।
आगे क्या होगा
अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के बयान के अनुसार निष्पक्ष जाँच शुरू की जाएगी। अस्पताल प्रशासन पर दबाव है कि वह दोषी गार्डों के विरुद्ध कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक करे और सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।