8 जुलाई 2026
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कल्याण अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला: शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे जांच के घेरे में, श्रीकांत शिंदे ने कड़ी कार्रवाई का वादा किया

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कल्याण अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला: शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे जांच के घेरे में, श्रीकांत शिंदे ने कड़ी कार्रवाई का वादा किया

सारांश

कल्याण के एक नगर निगम अस्पताल में सीसीटीवी में कैद हुई मारपीट की घटना ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को जांच के कटघरे में खड़ा कर दिया है। डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठते सवालों के बीच सांसद श्रीकांत शिंदे ने पार्टी स्तर पर सख्त कार्रवाई का वादा किया है।

मुख्य बातें

6 जुलाई 2026 को कल्याण के शास्त्रीनगर अस्पताल में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर डॉक्टरों पर हमला किया।
वैभव सालुंखे ; नर्स नमिता उबाले और द्रव्य गिरी के साथ भी कथित दुर्व्यवहार हुआ।
घटना का कारण NICU में जगह न होने पर नवजात को दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह बताई जा रही है।
म्हात्रे ने शारीरिक हमले से इनकार किया; स्वीकार किया कि डॉक्टर के फोन पर हाथ मारा था।
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने हमले की निंदा की और FIR दर्ज होने की पुष्टि करते हुए पार्टी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का वादा किया।

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में 6 जुलाई 2026 को हुई मारपीट की घटना के बाद शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे जांच के घेरे में आ गए हैं। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर म्हात्रे और उनके समर्थकों को डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है। यह फुटेज सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया, जिसके बाद चिकित्सा समुदाय और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।

घटना का पूरा घटनाक्रम

अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय शुरू हुई जब एक महिला की सिजेरियन डिलीवरी के बाद नवजात शिशु की गर्भनाल गले में दो बार लिपटी पाई गई, जिसके कारण बच्चे को विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी। नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) पूरी क्षमता से संचालित होने के कारण डॉक्टरों ने परिवार को बच्चे को किसी बेहतर सुविधा वाले अस्पताल में स्थानांतरित करने की सलाह दी।

डॉक्टरों के अनुसार, मरीज के परिजनों ने इस पर पार्षद रमेश म्हात्रे से संपर्क किया। उस समय दोनों डॉक्टर अन्य मरीजों के उपचार में व्यस्त थे और म्हात्रे का फोन नहीं उठा सके। इसके बाद म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और कथित तौर पर चिकित्साकर्मियों पर हमला किया।

डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर आरोप

डॉक्टरों का आरोप है कि म्हात्रे और उनके समर्थकों ने मामले की चिकित्सीय जटिलता को समझे बिना पहले दुर्व्यवहार किया और फिर शारीरिक हमला किया। इस घटना में डॉ. वैभव सालुंखे घायल हो गए। नर्सिंग स्टाफ की दो सदस्य — नमिता उबाले और द्रव्य गिरी — जिन्होंने डॉक्टरों को बचाने का प्रयास किया, उनके साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया। पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई।

म्हात्रे का पक्ष

आरोपों के बीच रमेश म्हात्रे ने महिला डॉक्टर पर शारीरिक हमले से इनकार किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने डॉक्टर के मोबाइल फोन पर हाथ मारा था, क्योंकि वह उनकी बातों का जवाब नहीं दे रही थीं। उनका दावा है कि उन्होंने यह सब मरीज और नवजात शिशु की भलाई के लिए किया और उन्हें इस बात का कोई खेद नहीं। म्हात्रे ने यह भी कहा कि यदि डॉक्टर अपने व्यवहार के लिए माफी मांगते हैं, तो वह भी खेद व्यक्त करने पर विचार करेंगे।

श्रीकांत शिंदे की निंदा और कार्रवाई का आश्वासन

शिवसेना सांसद और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने लिखा, 'कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है। खुद एक डॉक्टर होने के नाते मैं जानता हूं कि मरीजों की सेवा करना सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है। मुश्किल और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी लोगों की सेवा के लिए दिन-रात काम करते हैं।'

शिंदे ने आगे कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं करेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ पार्टी स्तर पर भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा समुदाय और आम जनता की प्रतिक्रिया

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएं व्याप्त हैं। कई स्वास्थ्य संगठनों ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी अस्पताल में राजनीतिक दबाव में डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई हो। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई यह तय करेगी कि इस मामले में जवाबदेही कितनी सुनिश्चित हो पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उस बुनियादी सवाल से ध्यान नहीं हटाता कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को अस्पताल में घुसकर डॉक्टरों पर हाथ उठाने का अधिकार है। श्रीकांत शिंदे की त्वरित निंदा राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि पार्टी अपने ही पार्षद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कितनी दूर तक ले जाती है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान होने के बावजूद उनका क्रियान्वयन अक्सर राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर रहता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण के शास्त्रीनगर अस्पताल में क्या हुआ?
6 जुलाई 2026 को शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर KDMC के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे के साथ मारपीट की। यह घटना तब हुई जब डॉक्टरों ने NICU में जगह न होने के कारण नवजात शिशु को दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी थी।
शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे का इस मामले में क्या कहना है?
म्हात्रे ने महिला डॉक्टर पर शारीरिक हमले से इनकार किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने डॉक्टर के मोबाइल फोन पर हाथ मारा था और दावा किया कि उनका इरादा मरीज व नवजात की जान बचाना था। उन्होंने माफी मांगने से भी इनकार किया।
श्रीकांत शिंदे ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक्स पर पोस्ट कर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बताया कि FIR दर्ज हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी के साथ-साथ पार्टी स्तर पर भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना में कौन-कौन घायल हुए?
डॉ. वैभव सालुंखे घायल हुए। नर्सिंग स्टाफ की दो सदस्य — नमिता उबाले और द्रव्य गिरी — के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया जब वे डॉक्टरों को बचाने की कोशिश कर रही थीं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होने की उम्मीद है?
घटना में FIR दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच जारी है। श्रीकांत शिंदे ने पार्टी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कई स्वास्थ्य संगठनों ने भी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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