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लखनऊ: चंद्रा आई हॉस्पिटल में दो पक्षों में मारपीट, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

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लखनऊ: चंद्रा आई हॉस्पिटल में दो पक्षों में मारपीट, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

सारांश

लखनऊ के चंद्रा आई हॉस्पिटल में 10 जून को दो परिचित पक्षों के बीच मारपीट हुई। दोनों ओर से शिकायत दर्ज हुई और जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों में पुराना पारिवारिक विवाद है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मुख्य बातें

लखनऊ के चंद्रा आई हॉस्पिटल में 10 जून को दो पक्षों के बीच मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना हुई।
हरदोई निवासी गंगाधर त्रिपाठी ने अधिवक्ता पंकज मिश्रा पर मारपीट का, और मिश्रा ने त्रिपाठी पर अभद्र भाषा व धमकी का आरोप लगाया।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि पंकज मिश्रा , गंगाधर त्रिपाठी के दूर के रिश्ते में दामाद हैं और पुराना पारिवारिक विवाद है।
अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जांच के दायरे में हैं; निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।

लखनऊ के थाना विभूतिखंड क्षेत्र स्थित चंद्रा आई हॉस्पिटल में 10 जून को दो परिचित पक्षों के बीच मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

हरदोई निवासी गंगाधर त्रिपाठी ने 10 जून को थाना विभूतिखंड में शिकायती पत्र देकर अधिवक्ता पंकज मिश्रा पर चंद्रा आई हॉस्पिटल परिसर में मारपीट का आरोप लगाया। इसके जवाब में अधिवक्ता पंकज मिश्रा ने भी एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गंगाधर त्रिपाठी ने उनकी माता के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें धमकी दी।

लखनऊ पुलिस कमिश्रेट के मीडिया सेल के अनुसार, दोनों प्रार्थना पत्रों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

थाने में नाराजगी और अतिरिक्त आरोप

गुरुवार को अधिवक्ता पंकज मिश्रा अपने समर्थकों के साथ थाना परिसर पहुँचे और अपने प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। इस दौरान उनके द्वारा अन्य विभिन्न आरोप भी लगाए गए, जिनके संबंध में पुलिस ने कहा है कि तथ्यों की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पारिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि

जांच के दौरान पुलिस को ज्ञात हुआ कि दोनों पक्षों के बीच पारिवारिक संबंध हैं। अधिकारियों के अनुसार, पंकज मिश्रा, गंगाधर त्रिपाठी के दूर के रिश्ते में दामाद लगते हैं और दोनों के बीच पहले से ही पारिवारिक विवाद एवं आपसी मतभेद चले आ रहे हैं। यह घटना इसी पुराने विवाद की कड़ी प्रतीत होती है।

साक्ष्य और जांच की स्थिति

पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण एवं विश्लेषण शुरू कर दिया है। मीडिया सेल ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पारिवारिक मतभेद सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक रूप ले रहे हैं। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर आरोप लगाना और फिर थाने में समर्थकों के साथ पहुँचकर दबाव बनाने की कोशिश, पुलिस के लिए निष्पक्ष जांच की चुनौती बढ़ाती है। सीसीटीवी फुटेज इस मामले में निर्णायक साक्ष्य साबित हो सकता है, लेकिन असली सवाल यह है कि पुराने पारिवारिक विवाद को कानूनी दायरे में कितनी जल्दी और पारदर्शी तरीके से सुलझाया जाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ के चंद्रा आई हॉस्पिटल में मारपीट की घटना क्या है?
10 जून को लखनऊ के विभूतिखंड स्थित चंद्रा आई हॉस्पिटल में हरदोई निवासी गंगाधर त्रिपाठी और अधिवक्ता पंकज मिश्रा के बीच मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
लखनऊ पुलिस ने दोनों पक्षों के प्रार्थना पत्रों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। अस्पताल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
दोनों पक्षों के बीच क्या संबंध है?
जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता पंकज मिश्रा, गंगाधर त्रिपाठी के दूर के रिश्ते में दामाद लगते हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पहले से पारिवारिक विवाद और आपसी मतभेद चले आ रहे हैं।
क्या अधिवक्ता पंकज मिश्रा की शिकायत पर कार्रवाई हुई?
गुरुवार को पंकज मिश्रा समर्थकों के साथ थाने पहुँचे और कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनके प्रार्थना पत्र पर मुकदमा दर्ज किया गया है और अन्य आरोपों की तथ्यात्मक जांच जारी है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करेगी। लखनऊ पुलिस कमिश्रेट ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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