लखनऊ: तेजस हॉस्पिटल के डॉक्टर ने OT में महिला मरीज से दुष्कर्म किया, गिरफ्तारी के बाद जुर्म कबूला
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित तेजस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज के साथ अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक विजय कुमार गिरी ने कथित तौर पर 21 मई 2026 को ऑपरेशन थिएटर (OT) कक्ष में दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया और प्रारंभिक पूछताछ में गिरी ने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
21 मई 2026 को बीकेटी पुलिस को सूचना मिली कि इन्दौराबाग स्थित तेजस हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला मरीज के साथ अस्पताल संचालक ने इलाज के दौरान OT कक्ष में दुष्कर्म किया है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता को 19 मई को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई
आरोपी विजय कुमार गिरी मूल रूप से रजनापुर, थाना तम्बौर, सीतापुर के निवासी हैं और लखनऊ में किराये के भवन में तेजस हॉस्पिटल संचालित कर रहे थे। उनके विरुद्ध मुकदमा संख्या 189/2026 के तहत धारा 64(2)(ई) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 3(2)(5) SC/ST अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
आरोपी का कबूलनामा और फॉरेंसिक जाँच
पूछताछ में विजय कुमार गिरी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए पीड़िता से माफी माँगी। पुलिस ने आरोपी के उस समय पहने कपड़ों को बरामद कर फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। बीकेटी थाना प्रभारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विशेष टीम गठित की और सबूत जुटाए।
पुलिस की प्रतिक्रिया
लखनऊ पुलिस के मीडिया सेल ने पुष्टि की कि सूचना मिलते ही बिना किसी विलंब के कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला चिकित्सा संस्थानों में मरीज़ों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि अस्पताल किराये के भवन में संचालित हो रहा था और इसके लाइसेंस व पंजीकरण की भी जाँच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के नतीजे आने के बाद पुलिस आरोप-पत्र दाखिल करेगी। SC/ST अधिनियम के तहत दर्ज धाराओं के कारण यह मामला विशेष न्यायालय में सुना जाएगा। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अस्पताल के संचालन संबंधी अनियमितताओं की भी अलग से जाँच की जाएगी।