8 जुलाई 2026
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लखनऊ: तेजस हॉस्पिटल के डॉक्टर ने OT में महिला मरीज से दुष्कर्म किया, गिरफ्तारी के बाद जुर्म कबूला

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लखनऊ: तेजस हॉस्पिटल के डॉक्टर ने OT में महिला मरीज से दुष्कर्म किया, गिरफ्तारी के बाद जुर्म कबूला

सारांश

लखनऊ के तेजस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान OT कक्ष में महिला मरीज से दुष्कर्म का मामला सामने आया। अस्पताल संचालक डॉक्टर विजय कुमार गिरी को पुलिस ने घटनास्थल से गिरफ्तार किया और पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। फॉरेंसिक जाँच जारी है।

मुख्य बातें

लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित तेजस हॉस्पिटल में 21 मई 2026 को OT कक्ष में महिला मरीज से दुष्कर्म का मामला दर्ज।
आरोपी अस्पताल संचालक व चिकित्सक विजय कुमार गिरी (निवासी: रजनापुर, सीतापुर) को पुलिस ने घटनास्थल से गिरफ्तार किया।
मुकदमा संख्या 189/2026 के तहत धारा 64(2)(ई) BNS और धारा 3(2)(5) SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया; कपड़े बरामद कर फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजे गए।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया; आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया।

लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित तेजस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज के साथ अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक विजय कुमार गिरी ने कथित तौर पर 21 मई 2026 को ऑपरेशन थिएटर (OT) कक्ष में दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया और प्रारंभिक पूछताछ में गिरी ने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

21 मई 2026 को बीकेटी पुलिस को सूचना मिली कि इन्दौराबाग स्थित तेजस हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला मरीज के साथ अस्पताल संचालक ने इलाज के दौरान OT कक्ष में दुष्कर्म किया है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता को 19 मई को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई

आरोपी विजय कुमार गिरी मूल रूप से रजनापुर, थाना तम्बौर, सीतापुर के निवासी हैं और लखनऊ में किराये के भवन में तेजस हॉस्पिटल संचालित कर रहे थे। उनके विरुद्ध मुकदमा संख्या 189/2026 के तहत धारा 64(2)(ई) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 3(2)(5) SC/ST अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

आरोपी का कबूलनामा और फॉरेंसिक जाँच

पूछताछ में विजय कुमार गिरी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए पीड़िता से माफी माँगी। पुलिस ने आरोपी के उस समय पहने कपड़ों को बरामद कर फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। बीकेटी थाना प्रभारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विशेष टीम गठित की और सबूत जुटाए।

पुलिस की प्रतिक्रिया

लखनऊ पुलिस के मीडिया सेल ने पुष्टि की कि सूचना मिलते ही बिना किसी विलंब के कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला चिकित्सा संस्थानों में मरीज़ों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि अस्पताल किराये के भवन में संचालित हो रहा था और इसके लाइसेंस व पंजीकरण की भी जाँच की जा रही है।

आगे की कार्रवाई

फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के नतीजे आने के बाद पुलिस आरोप-पत्र दाखिल करेगी। SC/ST अधिनियम के तहत दर्ज धाराओं के कारण यह मामला विशेष न्यायालय में सुना जाएगा। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अस्पताल के संचालन संबंधी अनियमितताओं की भी अलग से जाँच की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस मामले को सामाजिक भेद्यता के व्यापक संदर्भ में रखता है। गौरतलब है कि अस्पताल के लाइसेंस और संचालन की जाँच अब तक क्यों नहीं हुई थी — यह सवाल स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही पर सीधे उठता है। आरोपी का अपराध स्वीकार करना अभियोजन पक्ष को मज़बूत करता है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया की गति और SC/ST मामलों में विशेष न्यायालय की उपलब्धता असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ तेजस हॉस्पिटल दुष्कर्म मामला क्या है?
लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित तेजस हॉस्पिटल में 21 मई 2026 को अस्पताल संचालक व चिकित्सक विजय कुमार गिरी ने इलाज के दौरान OT कक्ष में एक महिला मरीज से दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी डॉक्टर विजय कुमार गिरी के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 189/2026 के तहत धारा 64(2)(ई) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 3(2)(5) SC/ST अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। SC/ST अधिनियम की धारा लगने के कारण यह मामला विशेष न्यायालय में सुना जाएगा।
पुलिस ने इस मामले में क्या-क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचकर पीड़िता का बयान दर्ज किया, आरोपी को घटनास्थल से गिरफ्तार किया और उसके कपड़े फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजे। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया और आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
तेजस हॉस्पिटल कहाँ स्थित था और इसका संचालक कौन था?
तेजस हॉस्पिटल लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र के इन्दौराबाग में किराये के भवन में संचालित था। इसके संचालक विजय कुमार गिरी मूल रूप से रजनापुर, थाना तम्बौर, सीतापुर के निवासी हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के नतीजे आने के बाद पुलिस आरोप-पत्र दाखिल करेगी। SC/ST अधिनियम के तहत मामला विशेष न्यायालय में सुना जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के लाइसेंस और संचालन संबंधी अनियमितताओं की भी अलग से जाँच की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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