क्या मुंबई में सरकारी डॉक्टर पर हुआ हमला? पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है

सारांश
Key Takeaways
- डॉक्टर्स की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय है।
- हिंसा के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।
- समाज में चिकित्सकों के प्रति सम्मान की कमी को समझने की जरूरत है।
मुंबई, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भांडुप में एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट का मामला काफी चौंकाने वाला है। भांडुप पुलिस ने इस घटना में शामिल आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 132 (सार्वजनिक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला) और महाराष्ट्र मेडिकेयर सेवा व्यक्ति एवं मेडिकेयर सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति नुकसान की रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना नागरदास नगर के टेंभीपाडा नगरपालिका औषधालय में हुई। 45 वर्षीय सरकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल नारायण पाटिल अपने केबिन में मरीजों की देखभाल कर रहे थे, तभी एक युवक बिना अनुमति उनके केबिन में घुस आया।
युवक ने आक्रामकता से पूछा, "तुम डॉक्टर हो क्या? पेशेंट इतनी देर से बाहर बैठे हैं, तुम भी थोड़ी देर बैठो।" उसने अपने मोबाइल से डॉक्टर का वीडियो बनाना शुरू कर दिया और गाली-गलौज की। जब डॉ. पाटिल ने रिकॉर्डिंग बंद करने का अनुरोध किया, तब युवक ने उन पर हमला कर दिया।
घटना के बाद, डॉ. पाटिल इलाज के लिए मुलुंड के अग्रवाल अस्पताल गए, जहां कथित तौर पर आरोपी ने उनका पीछा किया। डॉ. पाटिल की शिकायत पर भांडुप पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मामला दर्ज किया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी की पहचान कर रही है।
इस घटना के बाद डॉक्टरों में रोष देखने को मिल रहा है। पीड़ित डॉक्टर ने उचित कार्रवाई की मांग की है।