मध्य प्रदेश: कांग्रेस का आरोप, सरकार लाडली बहना योजना के वादे से मुकर रही है
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने सरकार पर लाडली बहना योजना के वादों से मुकरने का आरोप लगाया।
- महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि नए पंजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है।
- सरकार ने योजना की राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा।
- योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को मासिक सहायता मिल रही है।
- मुख्यमंत्री ने 2028 तक राशि बढ़ाने का आश्वासन दिया।
भोपाल, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस ने सोमवार को भाजपा की अगुवाई वाली मध्य प्रदेश सरकार पर मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना को लेकर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि इस योजना के तहत नए लाभार्थियों के पंजीकरण या आर्थिक सहायता बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
कांग्रेस ने सरकार पर तब हमला बोला, जब महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान उठाए गए सवालों का लिखित उत्तर दिया।
कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार और महेश परमार ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने पिछले सप्ताह पेश किए गए पूरक बजट में इस योजना के तहत नए पंजीकरण का प्रस्ताव रखा है, क्या न्यूनतम पात्रता आयु 21 से घटाकर 18 करने का कोई विचार है और क्या मासिक सहायता राशि बढ़ाई जाएगी।
लिखित जवाब में भूरिया ने कहा कि लाडली बहना योजना के तहत नए पंजीकरणों के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, न ही मासिक सहायता राशि को 1,500 से बढ़ाकर 3,000 रुपए करने का कोई प्रस्ताव है।
इस जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने भाजपा पर अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मासिक सहायता राशि को 3,000 रुपए तक बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अब कह रही है कि पूरक बजट में राशि बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से राशि बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष असंतुष्ट बना हुआ है। उन्होंने विधानसभा में पत्रकारों से कहा कि लिखित जवाब में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पूरक बजट में राशि बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है।
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई थी, जिसमें पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की सहायता राशि दी जानी थी। लाभार्थियों के लिए न्यूनतम आयु शुरू में 23 वर्ष थी, जिसे बाद में घटाकर 21 वर्ष कर दिया गया, जबकि ऊपरी आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई, जो पारिवारिक आय मानदंड सहित अन्य पात्रता शर्तों के अधीन थी।
सरकार ने पहले घोषणा की थी कि सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 1,250 रुपए, 1,500 रुपए, 1,750 रुपए, 2,000 रुपए, 2,250 रुपए, 2,500 रुपए और फिर 2,750 रुपए किया जाएगा।
वर्तमान में इस योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले कहा था कि 2028 से पहले सहायता राशि बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रतिमाह कर दी जाएगी।