महिला आरक्षण विधेयक: महिलाओं के लिए गर्व का पल
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को समान अवसर प्रदान करेगा।
- यह विधेयक 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है।
- महिलाओं का आत्म-सम्मान और राजनीतिक स्थान बढ़ेगा।
- यह सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- समाज में लिंग समानता को बढ़ावा मिलेगा।
चंडीगढ़, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर चंडीगढ़ की एनजीओ संचालिका प्रमिला ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि यह विधेयक महिलाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। इससे हमें राजनीति में बराबरी का मौका मिलेगा।
प्रमिला ने यह भी कहा कि मेरा मानना है कि हमें 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन 33 प्रतिशत आरक्षण भी एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि कोई तो आया है जिसने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
अध्यापिका राखी बाला सुब्रमण्यम ने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में कहा कि पीएम मोदी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जो 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है, उससे वह बहुत खुश हैं। इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। जो महिलाएं घर में थीं, वे बाहर आकर खुद को साबित करेंगी। इस अधिनियम के लागू होने के बाद, राजनीति में महिलाओं का स्थान बढ़ेगा और उनकी आत्म-सम्मान भी बढ़ेगी। इस पहल से महिलाओं को अवसर मिलेगा। यह हमारे देश के लिए भी गर्व की बात है।
प्रोडक्शन मैनेजर प्रिया पासवान ने कहा कि यह विधेयक काफी समय से लंबित था। मजबूत नेतृत्व के तहत इस बिल को लाया जा रहा है। यह विधेयक सभी महिलाओं के लिए एक तोहफा है। इससे महिलाएं सशक्त होंगी और अपनी बात कहने का पूरा हक पाएंगी।
वहीं, आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज और वरिष्ठ नेता बलतेज सिंह पन्नू ने अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई को लेकर कहा कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पन्नू ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के पास ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी चुनाव होते हैं, वहां भाजपा की यह टीम पहले पहुंच जाती है। पंजाब में जल्द चुनाव होने वाले हैं, इसलिए ऐसी रेड हो रही है। पंजाब के लोग ऐसी चीजों से डरते नहीं हैं।