सुरिंदर भगत की ग़ाना गणराज्य में भारत के नए हाई कमिश्नर के रूप में नियुक्ति

Click to start listening
सुरिंदर भगत की ग़ाना गणराज्य में भारत के नए हाई कमिश्नर के रूप में नियुक्ति

सारांश

सुरिंदर भगत को ग़ाना गणराज्य में भारत के हाई कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आएगी।

Key Takeaways

  • सुरिंदर भगत को ग़ाना में हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया।
  • भारत और ग़ाना के संबंधों में सुधार हो रहा है।
  • ग़ाना में 15,000 भारतीय निवास कर रहे हैं।
  • भारत ग़ाना से मुख्य रूप से सोना और कोको का आयात करता है।
  • भारतीय कंपनियों ने ग़ाना में बड़े पैमाने पर निवेश किया है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सुरिंदर भगत को ग़ाना गणराज्य में भारत का अगला हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया है। 2007 बैच के आईएफएस अधिकारी भगत जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

भगत के पूर्व मनीष गुप्ता 2023 से इस पद पर कार्यरत थे। विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके इसकी घोषणा की।

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ग़ाना के साथ अपने संबंधों को नए आयाम दिए हैं। इसका उदाहरण पिछले साल (जुलाई 2025) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अकरा दौरा है, जहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर महत्वपूर्ण चर्चा की और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री मोदी को 'द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ ग़ाना' जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा गया था। उन्होंने द्विपक्षीय वार्ता के बाद संसद को संबोधित भी किया। मोदी ग़ाना का दौरा करने वाले भारत के तीसरे प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले पंडित नेहरू (1957) और नरसिम्हा राव (1995) ने यहाँ यात्रा की थी। यह 30 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का ग़ाना दौरा है।

मोदी और राष्ट्रपति जॉन महामा ने एकांतिक और प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय बैठक में विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की और इस संबंध को एक व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की।

ग़ाना में वर्षों से भारतीय मूल के लोग निवास कर रहे हैं। यहाँ करीब 15,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें से लगभग 3,000 ने ग़ाना की नागरिकता ले ली है। कुछ परिवार तो पिछले 50 वर्षों से भी अधिक समय से यहाँ निवास कर रहे हैं। यहाँ मुख्यत: गुजराती और सिंधी समुदाय के लोग हैं।

ग़ाना उन देशों में से एक है जिसने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का समर्थन किया और एकजुटता व्यक्त की थी।

भारत मुख्य रूप से ग़ाना से सोना (70%25 हिस्सेदारी), कोको और काजू का आयात करता है। भारत से फार्मास्यूटिकल्स, परिवहन उपकरण और कृषि मशीनरी का निर्यात किया जाता है। भारतीय कंपनियों ने ग़ाना में 700 से अधिक परियोजनाओं में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है। भारत सरकार ने ग़ाना को 228.73 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की ऋण सहायता भी प्रदान की है, जिसमें कोफी अन्नान सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

Point of View

जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगी।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

सुरिंदर भगत कौन हैं?
सुरिंदर भगत 2007 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं और उन्हें ग़ाना गणराज्य में भारत के हाई कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया है।
ग़ाना गणराज्य में भारत के पिछले हाई कमिश्नर कौन थे?
मनीष गुप्ता 2023 से ग़ाना गणराज्य में भारत के हाई कमिश्नर थे।
भारत और ग़ाना के बीच संबंध कैसे हैं?
भारत और ग़ाना के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं, जिसमें व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं।
ग़ाना में भारतीयों की संख्या कितनी है?
ग़ाना में करीब 15,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें से लगभग 3,000 ने ग़ाना की नागरिकता ले ली है।
भारत ग़ाना से क्या आयात करता है?
भारत मुख्य रूप से ग़ाना से सोना, कोको और काजू का आयात करता है।
Nation Press