दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम गायब: केजरीवाल का BJP और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 31 अगस्त को आरोप लगाया कि दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं — जबकि दिल्ली की कुल मतदाता संख्या लगभग 1.5 करोड़ बताई जाती है। केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) दोनों पर सीधा निशाना साधा।
केजरीवाल के आरोप: क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री ने
केजरीवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि केंद्र सरकार को देश की घटती आबादी की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया के ज़रिये 140 करोड़ की आबादी को 50 करोड़ तक सीमित कर देगा। उन्होंने मतदाता सूची से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को एक सुनियोजित राजनीतिक कदम बताया और इस पर तत्काल जवाब माँगा।
गौरतलब है कि SIR एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करता है — परंतु इस बार इसके पैमाने और समय को लेकर विपक्षी दलों ने व्यापक सवाल उठाए हैं।
सौरभ भारद्वाज का हमला: 'गरीब भगाओ' योजना का आरोप
'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने भी BJP और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस दिल्ली की जनता ने BJP को लगातार तीन बार सातों लोकसभा सीटें जिताईं और करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली में BJP सरकार बनवाई, आज उसी जनता के बड़े हिस्से के मताधिकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि BJP सरकार दिल्ली में एक अघोषित 'गरीब भगाओ' नीति पर चल रही है। उनके अनुसार, अस्पतालों में गरीबों का मुफ्त इलाज प्रभावित हुआ है, दवाओं की उपलब्धता घटाई गई है, मोहल्ला क्लीनिक और जाँच सुविधाएँ बंद की गई हैं, और महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा समाप्त कर दी गई है। BJP और दिल्ली सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महिलाओं को ₹2,500 के वादे पर सवाल
भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 देने का चुनावी वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उनके अनुसार, अब तक केवल करीब 4,000 महिलाओं का ही इस योजना के तहत चयन हो पाया है। उन्होंने इसे BJP की 'जुमलेबाज़ी' करार दिया।
झुग्गियों पर बुलडोजर और रोज़गार पर असर
'आप' नेता ने यह भी आरोप लगाया कि गरीबों के घरों और झुग्गी बस्तियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और रोज़ी-रोटी कमाने वाले लोगों के कामकाज पर भी प्रशासनिक कार्रवाई हो रही है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा गरीबों को दिल्ली से बाहर धकेलने, उनके वोट काटने और केवल संपन्न इलाकों के मतदाताओं के बल पर सत्ता बनाए रखने की है।
आगे क्या: अगले चुनाव की चेतावनी
भारद्वाज ने चेतावनी दी कि दिल्ली के युवाओं को 'बहकाना' आसान नहीं होगा और आने वाले चुनाव में जनता BJP को सत्ता से बाहर कर देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच तेज़ होने लगी हैं और मतदाता सूची का मुद्दा एक प्रमुख चुनावी हथियार बनता दिख रहा है।