31 अगस्त 2026
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दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम गायब: केजरीवाल का BJP और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

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दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम गायब: केजरीवाल का BJP और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

सारांश

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47 लाख नाम हटने का दावा — केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया, भारद्वाज ने BJP पर 'गरीब भगाओ' नीति का आरोप लगाया। SIR प्रक्रिया अब सीधे राजनीतिक रणभूमि बन चुकी है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली की 1.5 करोड़ मतदाता आबादी में से करीब 47 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब हैं।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत जारी ड्राफ्ट सूची पर AAP ने BJP और चुनाव आयोग दोनों को कटघरे में खड़ा किया।
सौरभ भारद्वाज ने BJP पर 'गरीब भगाओ' नीति का आरोप लगाया — मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त बस यात्रा और मुफ्त इलाज बंद करने के दावे किए।
महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह देने के वादे पर भारद्वाज का दावा — अब तक केवल करीब 4,000 महिलाओं का चयन हुआ।
भारद्वाज ने चेतावनी दी कि अगले चुनाव में दिल्ली की जनता BJP को सत्ता से बाहर करेगी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 31 अगस्त को आरोप लगाया कि दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं — जबकि दिल्ली की कुल मतदाता संख्या लगभग 1.5 करोड़ बताई जाती है। केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) दोनों पर सीधा निशाना साधा।

केजरीवाल के आरोप: क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री ने

केजरीवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि केंद्र सरकार को देश की घटती आबादी की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया के ज़रिये 140 करोड़ की आबादी को 50 करोड़ तक सीमित कर देगा। उन्होंने मतदाता सूची से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को एक सुनियोजित राजनीतिक कदम बताया और इस पर तत्काल जवाब माँगा।

गौरतलब है कि SIR एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करता है — परंतु इस बार इसके पैमाने और समय को लेकर विपक्षी दलों ने व्यापक सवाल उठाए हैं।

सौरभ भारद्वाज का हमला: 'गरीब भगाओ' योजना का आरोप

'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने भी BJP और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस दिल्ली की जनता ने BJP को लगातार तीन बार सातों लोकसभा सीटें जिताईं और करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली में BJP सरकार बनवाई, आज उसी जनता के बड़े हिस्से के मताधिकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि BJP सरकार दिल्ली में एक अघोषित 'गरीब भगाओ' नीति पर चल रही है। उनके अनुसार, अस्पतालों में गरीबों का मुफ्त इलाज प्रभावित हुआ है, दवाओं की उपलब्धता घटाई गई है, मोहल्ला क्लीनिक और जाँच सुविधाएँ बंद की गई हैं, और महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा समाप्त कर दी गई है। BJP और दिल्ली सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

महिलाओं को ₹2,500 के वादे पर सवाल

भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 देने का चुनावी वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उनके अनुसार, अब तक केवल करीब 4,000 महिलाओं का ही इस योजना के तहत चयन हो पाया है। उन्होंने इसे BJP की 'जुमलेबाज़ी' करार दिया।

झुग्गियों पर बुलडोजर और रोज़गार पर असर

'आप' नेता ने यह भी आरोप लगाया कि गरीबों के घरों और झुग्गी बस्तियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और रोज़ी-रोटी कमाने वाले लोगों के कामकाज पर भी प्रशासनिक कार्रवाई हो रही है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा गरीबों को दिल्ली से बाहर धकेलने, उनके वोट काटने और केवल संपन्न इलाकों के मतदाताओं के बल पर सत्ता बनाए रखने की है।

आगे क्या: अगले चुनाव की चेतावनी

भारद्वाज ने चेतावनी दी कि दिल्ली के युवाओं को 'बहकाना' आसान नहीं होगा और आने वाले चुनाव में जनता BJP को सत्ता से बाहर कर देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच तेज़ होने लगी हैं और मतदाता सूची का मुद्दा एक प्रमुख चुनावी हथियार बनता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष के आरोपों को और हवा देता है। दूसरी ओर, AAP के अपने कार्यकाल में भी मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर सवाल उठे थे — इसलिए यह मुद्दा केवल BJP बनाम AAP नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही का है। बिना स्वतंत्र सत्यापन के, दोनों पक्षों के दावे चुनावी बयानबाज़ी तक सीमित रहेंगे।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम हटने का मामला क्या है?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि SIR के तहत जारी दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 1.5 करोड़ में से 47 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताया है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या होता है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है जिसके तहत भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करता है — मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाता है और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ता है। इस बार इसके पैमाने को लेकर विवाद उठा है।
सौरभ भारद्वाज ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने BJP सरकार पर 'गरीब भगाओ' नीति अपनाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त बस यात्रा, अस्पतालों में मुफ्त इलाज और दवाएँ बंद की गई हैं तथा झुग्गियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं।
महिलाओं को ₹2,500 देने के वादे पर क्या स्थिति है?
भारद्वाज के अनुसार दिल्ली की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 देने का चुनावी वादा अधूरा है और अब तक केवल करीब 4,000 महिलाओं का ही चयन हो पाया है। BJP सरकार की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर कोई जवाब दिया है?
31 अगस्त तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने AAP के इन विशिष्ट आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है। SIR एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, परंतु इस बार के आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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