AAP विधायक संजीव झा का बड़ा हमला: SIR में 14 लाख वोटर बाहर, चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में 14 लाख वोटरों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है और इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध है।
मुख्य घटनाक्रम: 90% नाम 'अनुपस्थिति' के आधार पर हटाए गए
संजीव झा ने कहा कि AAP ने एक सर्वे किया, जिसमें पाया गया कि हटाए गए वोटरों में से लगभग 90 प्रतिशत के नाम 'मौजूद न होने' और 'कहीं और चले जाने' के आधार पर काटे गए। उनका तर्क है कि यह सर्वे जून माह में कराया गया, जब लोग गर्मियों की छुट्टियों में गाँव या अन्य स्थानों पर जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय सर्वे कराना ही यह स्पष्ट करता है कि पहले से तय था कि बाहर मिलने वाले लोगों के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
झा ने माँग की है कि SIR की समयसीमा बढ़ाई जाए और जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, उन्हें वापस सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि यह माँग पूरी नहीं हो रही है।
झुग्गी वासियों और विस्थापितों पर असर
AAP विधायक ने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में झुग्गियाँ तोड़ी गईं, वहाँ रहने वाले वोटरों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सरकार ने पुनर्वास के तहत मकान दिए, उनके नाम भी इस सूची में शामिल नहीं हैं। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति पश्चिम बंगाल और बिहार में भी देखी गई है, जहाँ SIR के नाम पर बड़े पैमाने पर वोटर हटाए गए।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर 92 लाख वोटरों के नाम काटे गए। झा ने सवाल उठाया कि इनमें से कितने लोगों को वापस सूची में जोड़ा गया और उनकी पहचान कब तक होगी।
सोनम वांगचुक के अनशन पर एकजुटता
संजीव झा ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के 20वें दिन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में वांगचुक लद्दाख को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब यह लड़ाई देशव्यापी हो गई है। झा ने कहा, 'सरकार के अहंकार को तोड़ने की जरूरत है।' उन्होंने पेपर लीक से प्रभावित युवाओं से भी वांगचुक के आंदोलन से जुड़ने की अपील की।
झा ने स्पष्ट किया कि वांगचुक किसी एक पार्टी के नहीं हैं और इस आंदोलन में हर नागरिक को शामिल होना चाहिए।
पंजाब कांग्रेस पर निशाना
AAP विधायक ने पंजाब में कांग्रेस की स्थिति पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है और न ही उसे राज्य के मुद्दों की परवाह है। झा ने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे कांग्रेस और BJP की 'जुगलबंदी' चल रही है और कांग्रेस भाजपा से नहीं, बल्कि खुद से ही लड़ती रहती है।
आगे क्या
AAP ने SIR की समयसीमा बढ़ाने और छूटे वोटरों को सूची में शामिल करने की माँग दोहराई है। यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण देता है या नहीं। वांगचुक के अनशन और SIR विवाद को लेकर विपक्षी दलों का दबाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।