17 जुलाई 2026
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दिल्ली एसआईआर समय-सीमा विस्तार पर भाजपा का स्वागत, हर्ष मल्होत्रा ने AAP-कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

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दिल्ली एसआईआर समय-सीमा विस्तार पर भाजपा का स्वागत, हर्ष मल्होत्रा ने AAP-कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

सारांश

चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ाए जाने पर भाजपा ने स्वागत किया, जबकि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने AAP और कांग्रेस पर पूर्वांचली समुदाय में भय और भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।

मुख्य बातें

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 17 जुलाई को चुनाव आयोग के एसआईआर समय-सीमा विस्तार के फैसले का स्वागत किया।
मल्होत्रा ने AAP और कांग्रेस पर पूर्वांचली मतदाताओं में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
एसआईआर के दो उद्देश्य — विदेशी नागरिकों का पंजीकरण रोकना और दोहरे मतदाता पंजीकरण को खत्म करना।
पूर्वांचली नागरिक बीएलओ , भाजपा बीएलए-2 प्रतिनिधियों या पूर्वांचल मोर्चा कार्यकर्ताओं की मदद से अपना पंजीकरण सुनिश्चित कर सकते हैं।
भाजपा ने आश्वस्त किया कि किसी भी वैध दिल्ली निवासी का मतदाता नाम नहीं हटाया जाएगा।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शुक्रवार, 17 जुलाई को चुनाव आयोग द्वारा राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की समय-सीमा बढ़ाए जाने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्वांचली मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर फैलाई जा रही कथित गलत सूचनाओं से सावधान रहें।

भाजपा का स्वागत और एसआईआर का उद्देश्य

मल्होत्रा ने कहा कि एसआईआर की बढ़ी हुई समय-सीमा से बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को पूरी पारदर्शिता के साथ अपना काम पूरा करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने एसआईआर के दो मुख्य उद्देश्य गिनाए — पहला, यह सुनिश्चित करना कि कोई भी विदेशी नागरिक भारतीय मतदाता के रूप में पंजीकृत न हो; और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक भारतीय नागरिक केवल एक ही स्थान पर मतदाता के रूप में दर्ज हो।

AAP और कांग्रेस पर निशाना

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि AAP नेता दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचली समुदाय और झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध भड़काने का काम करते रहते हैं। मल्होत्रा के अनुसार, AAP नेता यह भूल जाते हैं कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आकर दिल्ली में बसे लोगों ने अपने गृह राज्यों में लगातार भाजपा सरकारों को चुना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि AAP नेताओं ने पूर्वांचल समुदाय के नाम पर एसआईआर का मुद्दा उठाया है, लेकिन उनका 'असली मकसद' अपने कथित बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाताओं को बचाना है। यह AAP की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पूर्वांचली समुदाय को संदेश

मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में पंजीकृत किसी भी वैध निवासी का मतदाता नाम नहीं हटाया जा सकता और भाजपा ऐसा कोई काम नहीं होने देगी। उन्होंने पूर्वांचल क्षेत्र के नागरिकों को सलाह दी कि वे सरकारी बीएलओ, भाजपा के बीएलए-2 प्रतिनिधियों या भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं की सहायता से अपना वैध मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करें।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर अभियान चला रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रक्रिया को लेकर विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक खींचतान तेज़ हो गई है। आगे चुनाव आयोग की भूमिका और एसआईआर के अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि इस विवाद का हल किस दिशा में निकलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह मतदाता सूची शुद्धता की वैध चिंता और चुनावी ध्रुवीकरण के बीच की बारीक रेखा को उजागर करती है। भाजपा का 'बांग्लादेशी-रोहिंग्या मतदाता' वाला आरोप एक गंभीर दावा है जिसके लिए साक्ष्य-आधारित सत्यापन ज़रूरी है — महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी पर्याप्त नहीं। दूसरी ओर, AAP और कांग्रेस की यह ज़िम्मेदारी भी है कि वे पूर्वांचली समुदाय की वास्तविक आशंकाओं को तथ्यों के साथ सामने रखें, न कि केवल भावनात्मक अपील से। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया वास्तव में पारदर्शी और निष्पक्ष है — और इसका जवाब राजनीतिक दलों के बयानों से नहीं, बल्कि बीएलओ की ज़मीनी कार्यवाही से मिलेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में एसआईआर क्या है और इसकी समय-सीमा क्यों बढ़ाई गई?
एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को सटीक और अद्यतन करने की प्रक्रिया है। दिल्ली में इसकी समय-सीमा बढ़ाई गई ताकि बूथ स्तर के अधिकारियों को पारदर्शी तरीके से काम पूरा करने का पर्याप्त समय मिल सके।
हर्ष मल्होत्रा ने AAP और कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि AAP और कांग्रेस नेता पूर्वांचली समुदाय में मतदाता नाम हटाए जाने को लेकर गलत सूचनाएँ फैला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AAP का असली मकसद कथित बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाताओं को बचाना है, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्वांचली मतदाता अपना पंजीकरण कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं?
मल्होत्रा के अनुसार, पूर्वांचल क्षेत्र के नागरिक सरकारी बीएलओ, भाजपा के बीएलए-2 प्रतिनिधियों या विभिन्न जिलों में भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं की मदद से अपना वैध मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित कर सकते हैं।
क्या एसआईआर से पूर्वांचली मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं?
भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में पंजीकृत किसी भी वैध निवासी का मतदाता नाम नहीं हटाया जा सकता और भाजपा ऐसा कोई काम नहीं होने देगी। एसआईआर का उद्देश्य अवैध पंजीकरण हटाना है, न कि वैध मतदाताओं को प्रभावित करना।
एसआईआर के दो मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
भाजपा अध्यक्ष के अनुसार एसआईआर के दो लक्ष्य हैं — पहला, किसी भी विदेशी नागरिक को भारतीय मतदाता के रूप में पंजीकृत होने से रोकना; और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक भारतीय नागरिक केवल एक ही स्थान पर मतदाता के रूप में दर्ज हो।
राष्ट्र प्रेस
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