क्या मध्य प्रदेश के शहडोल में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने आत्महत्या की?
सारांश
Key Takeaways
- पुलिसकर्मियों का मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है।
- तंत्रिका तनाव के कारण आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं।
- समाज को पुलिस बल के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
- घटना की जांच चल रही है।
- परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
शहडोल, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के शहडोल पुलिस लाइंस रिजर्व सेंटर में एक पुलिस कांस्टेबल ने अपनी सर्विस राइफल से आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना गुरुवार रात करीब 1:25 बजे हुई, जब वह कार्टर गार्ड ड्यूटी पर तैनात था।
कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कांस्टेबल शिशिर सिंह राजपूत (29) ने अपनी सर्विस राइफल से गर्दन के पास गोली मार ली जो उसके सिर से होकर गुजरी। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।"
पुलिस के अनुसंधान में पता चला है कि घटना से कुछ समय पहले कांस्टेबल मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। फोन पर बहस के बाद उसने गुस्से में आकर फोन को जमीन पर फेंक दिया, जिससे वह टूट गया और कुछ देर बाद उसने आत्महत्या कर ली।
गोली चलने की आवाज सुनकर पास में सो रहे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
उच्च अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल से टूटे हुए मोबाइल फोन समेत सबूत इकट्ठा किए और आत्महत्या के कारणों और परिस्थितियों को समझने के लिए गहन जांच शुरू की।
शिशिर सिंह राजपूत ने 2013 में अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर पुलिस बल में चाइल्ड कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे। 2015 में 18 वर्ष के होने पर उन्हें कांस्टेबल के रूप में नियमित किया गया और वर्तमान में वे शहडोल में तैनात थे। उनके परिवार में उनकी मां और तीन बहनें हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार को सूचित कर दिया है और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इस दुखद घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शव परीक्षण और आगे की जांच सहित कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।