अमरावती में पुलिस कांस्टेबल ने सर्विस पिस्तौल से आत्महत्या की, जांच चल रही है
सारांश
Key Takeaways
- विजय दिलीप नागापुरे ने आत्महत्या की है।
- घटना क्यूआरटी कार्यालय में हुई।
- पुलिस ने जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया।
- नागापुरे अविवाहित थे और २०१४ बैच के पुलिस अधिकारी थे।
- पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।
अमरावती, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के अमरावती शहर से एक अत्यंत हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) सुपर रैपिड स्क्वॉड में तैनात पुलिस कांस्टेबल विजय दिलीप नागापुरे (३५) ने गुरुवार सुबह अपनी सर्विस पिस्तौल से आत्महत्या कर ली।
विजय नागापुरे मूल रूप से मोर्शी तालुका के धमणगांव कटपुर के निवासी थे और अमरावती शहर में निवास कर रहे थे। वह अविवाहित थे और वर्ष २०१४ बैच से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, नागापुरे बुधवार रात ड्यूटी पर थे। २६ मार्च की सुबह लगभग ९ बजे, ड्यूटी पूरी करने के बाद, वह पुलिस कमिश्नरेट परिसर स्थित क्यूआरटी कार्यालय में रुके रहे। इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया। घटना की जानकारी फैलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
इस घटना की जानकारी सबसे पहले उनके साथी कांस्टेबल आकाश दिलीप अम्बरटे को मिली, जिन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद, पुलिस आयुक्त राकेश ओला, डीसीपी गणेश शिंदे और श्याम घुगे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को तुरंत बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में मौके से एक गोली बरामद की गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला सामान्य अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले नागापुरे ने अपने भाई श्याम नागापुरे, जो खुद शहर पुलिस में कार्यरत हैं, को फोन किया था। बातचीत में उन्होंने कहा था, "पेट्रोल पंप पर भीड़ है, पेट्रोल भरवाकर घर आता हूं।" इसे उनकी आखिरी बातचीत माना जा रहा है।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर ध्यान देते हुए जांच कर रही है।