क्या छत्रपति संभाजीनगर में पुलिसकर्मी की हत्या हुई?
सारांश
Key Takeaways
- छत्रपति संभाजीनगर में पुलिसकर्मी की हत्या हुई।
- शव को उसके घर में दफनाया गया था।
- पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
- जांच जारी है, हत्यारे का पता लगाने की कोशिश।
- घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है।
छत्रपति संभाजीनगर, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले से एक अत्यंत चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पुलिसकर्मी की हत्या कर उसके शव को जमीन में दफना दिया गया। यह घटना वैजापुर तालुका के बलहेगांव गांव की है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।
जिस व्यक्ति की हत्या हुई है, उनका नाम नानासाहेब रामजी दिवेकर बताया गया है। वह बलहेगांव का निवासी था और देवगांव रंगारी पुलिस स्टेशन में तैनात था।
नानासाहेब दिवेकर दो दिनों से लापता था। वह ड्यूटी पर गया था लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटा। जब काफी समय तक कोई पता नहीं चला तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। साथ ही पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई। रिश्तेदारों और सहकर्मी पुलिसकर्मियों ने तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
रविवार को मामला तब और गंभीर हो गया, जब बलहेगांव स्थित उनके घर में कुछ संदिग्ध चीजें नजर आईं। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। शिउर पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और घर के आसपास की जांच शुरू की। जब जमीन में खुदाई की गई, तो सभी के होश उड़ गए। उसी जगह नानासाहेब दिवेकर का शव जमीन में दफन मिला।
शव मिलने की खबर फैलते ही गांव और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस अधिकारियों को तुरंत इसकी जानकारी दी गई। कुछ ही देर में वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पंचनामा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का लग रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार राठौड़ भी खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। स्थानीय अपराध शाखा की टीम को जांच में लगाया गया है। साथ ही घटनास्थल पर खोजी कुत्तों की मदद से भी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे की असली वजह क्या है, यह हत्या किसने और क्यों की, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।