क्या गुजरात में पुलिसकर्मियों की मौतों का रहस्य जान पाएंगे?

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क्या गुजरात में पुलिसकर्मियों की मौतों का रहस्य जान पाएंगे?

सारांश

गुजरात में पुलिस विभाग में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। गांधीनगर में एक हेड कांस्टेबल की आत्महत्या और भरूच में दो अन्य मौतों ने जांच के दायरे में ला दिया है। यह घटनाएं न केवल पुलिस बल के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। जानिए इस मामले में क्या चल रहा है।

Key Takeaways

  • गुजरात में पुलिसकर्मियों की मौतें गंभीर चिंता का विषय हैं।
  • मामले की जांच चल रही है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।
  • समाज में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान देना आवश्यक है।

गांधीनगर, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में 24 घंटों के भीतर हुई सिलसिलेवार मौतों ने पुलिस विभाग को जांच के दायरे में ला दिया है।

गांधीनगर और भरूच में अलग-अलग घटनाओं में दो सेवारत पुलिसकर्मियों और एक पुलिस भर्ती उम्मीदवार की मौत हो गई है। कई जांच शुरू कर दी गई हैं।

ताजा घटना में, गांधीनगर के सेक्टर-7 पुलिस स्टेशन में तैनात एक पुलिस हेड कांस्टेबल शुक्रवार सुबह अपने आवास पर मृत पाए गए। यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।

मृतक की पहचान पेथापुर निवासी उपेंद्रसिंह वाघेला के रूप में हुई है। वाघेला बीमारी की छुट्टी पर घर आए थे।

पुलिस के मुताबिक, वाघेला अपने घर की ऊपरी मंजिल पर छत के पंखे से लटके हुए मिले। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने इस घटना की जानकारी अधिकारियों को दी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल भेज दिया गया।

सेक्टर-7 के पुलिस इंस्पेक्टर भरत गोहिल ने बताया कि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया, "फिलहाल घटना के पीछे का कोई पुख्ता कारण सामने नहीं आया है। पेठापुर पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।"

वाघेला के परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं।

इस घटना से एक दिन पहले भरूच में दो मौतों की खबर आई थी। एक मामले में, भरूच पुलिस मुख्यालय में तैनात एक महिला पुलिस कांस्टेबल बुधवार देर रात अपने घर पर मृत पाई गईं।

मृतक की पहचान प्रीति परमार के रूप में हुई है, जिनकी कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई। परमार भावनगर जिले के तलजा तालुका के बोरला गांव की रहने वाली थीं और पिछले पांच वर्षों से भरूच में स्थानीय खुफिया शाखा में कार्यरत थीं।

पुलिस ने बताया कि उसकी मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और पोस्टमार्टम के आदेश दे दिए गए हैं।

इसके अलावा, भरूच में चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक अलग घटना में, 25 वर्षीय एक उम्मीदवार दौड़ परीक्षण पूरा करने के बाद बेहोश हो गया और बाद में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान रविराजसिंह जडेजा के रूप में हुई। युवक पीएसआई भर्ती प्रक्रिया में भाग ले रहा था।

पुलिस ने बताया कि जडेजा ने दौड़ का तीसरा राउंड पूरा करने के बाद सांस लेने में दिक्‍कत की शिकायत की और गिर पड़े। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और भरूच सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने पुष्टि की कि जडेजा एक पुलिस परिवार से थे, उनके पिता वडोदरा में एसआरपी ग्रुप-1 में सहायक सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। भरूच में दोनों मामलों में आकस्मिक मृत्यु के मामले दर्ज किए गए हैं और घटनाओं के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

Point of View

NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात में यह घटनाएं कब हुईं?
यह घटनाएं 23 जनवरी को हुईं।
मृतक हेड कांस्टेबल का नाम क्या था?
मृतक का नाम उपेंद्रसिंह वाघेला था।
क्या इन घटनाओं के पीछे कोई कारण है?
अभी तक इन घटनाओं के पीछे का कोई पुख्ता कारण सामने नहीं आया है।
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