शिवगंगे पहाड़ी पर लापता बेंगलुरु टेक इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय: लैपटॉप में मिली चौंकाने वाली सर्च हिस्ट्री
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस 7 अगस्त 2026 से शिवगंगे पहाड़ी पर लापता बेंगलुरु के टेक इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय की तलाश में जुटी है। जांचकर्ताओं को उनके लैपटॉप से मिली सर्च हिस्ट्री के आधार पर आशंका है कि उन्होंने पहाड़ी से गिरने के संभावित परिणामों की जानकारी जुटाई थी, जिससे आत्महत्या की कोशिश का संदेह गहरा हो गया है। पुलिस ने अभी तक उनकी मृत्यु की पुष्टि नहीं की है और तलाशी अभियान जारी है।
कौन हैं अद्वैत उपाध्याय
अद्वैत उपाध्याय मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले हैं और बेंगलुरु के कडुगोडी इलाके में किराये पर रहते थे। वे बेंगलुरु की एक टेक कंपनी में कार्यरत थे। 7 अगस्त को वे ट्रेकिंग के लिए शिवगंगे पहुँचे और ट्रेक शुरू करने के कुछ देर बाद अपनी मंगेतर को एक फोटो भेजी — उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।
लैपटॉप से मिले अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने उपाध्याय के घर से एक लैपटॉप बरामद किया। कथित तौर पर उस लैपटॉप में एक एआई टूल के ज़रिए की गई सर्च मिली, जिसमें यह जानकारी खोजी गई थी कि शिवगंगे पहाड़ी से गिरने पर किसी व्यक्ति की मृत्यु में कितना समय लग सकता है। पुलिस के अनुसार, एआई से प्राप्त जवाब में सुबह करीब 7:30 बजे पहाड़ी से गिरने पर मृत्यु की संभावना दर्शाई गई थी।
इसके अलावा, पहाड़ी की ऊँचाई और उससे गिरने के परिणामों से जुड़ी अन्य सर्च भी लैपटॉप में मिलीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन सबूतों के आधार पर यह भी संदेह है कि उपाध्याय अपनी निर्धारित ट्रेकिंग तारीख 7 अगस्त से पहले ही — संभवतः 4 अगस्त को — शिवगंगे गए होंगे।
तलाशी अभियान की स्थिति
लापता होने की सूचना के बाद से पिछले तीन दिनों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की अगुवाई नेलामंगला टाउन सर्कल इंस्पेक्टर भरत गौड़ा कर रहे हैं। इसमें पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और पहाड़ी इलाकों के जानकार विशेषज्ञ शामिल हैं।
टीमें ड्रोन कैमरों और अन्य आधुनिक उपकरणों की सहायता से उन दुर्गम स्थानों की तलाशी ले रही हैं जहाँ पहुँचना सामान्य रूप से संभव नहीं है — जैसे संकरी घाटियाँ, खड़ी ढलानें और गहरी दरारें। एक अन्य पर्यटक द्वारा पहाड़ी की चोटी पर खींची गई उपाध्याय की एक फोटो भी जांचकर्ताओं के हाथ लगी है, जिसकी विश्लेषण जारी है।
शिवगंगे: पर्यटन स्थल, लेकिन चुनौतीपूर्ण भूगोल
शिवगंगे पहाड़ी बेंगलुरु के ग्रामीण जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित 'शांतला ड्रॉप' एक लोकप्रिय पर्यटन बिंदु है, लेकिन यहाँ की खड़ी चढ़ाई और कठिन रास्ते इसे तलाशी अभियानों के लिए सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु के टेक क्षेत्र में कार्यस्थल तनाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएँ पहले से तेज़ हैं।
आगे क्या
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक उपाध्याय की मृत्यु की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और तलाशी जारी रहेगी। जांचकर्ता उपलब्ध सभी साक्ष्यों — लैपटॉप डेटा, फोटो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान — को मिलाकर उनके लापता होने से पहले की गतिविधियों की पूरी तस्वीर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।