बेंगलुरु में कारोबारी और चालक का अपहरण, ₹1.09 करोड़ की लूट; सात के खिलाफ मुकदमा
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के येलहंका-मदनायकनहल्ली इलाके में 15 जून 2026 की रात एक सुरक्षा एजेंसी संचालक और उसके चालक का कथित तौर पर अपहरण कर ₹1.09 करोड़ की नकदी लूट ली गई। मदनायकनहल्ली पुलिस ने 16 जून को सात अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
यशवंतपुर निवासी आर.आई. शिवाशंकर, जो एक सुरक्षा एजेंसी चलाते हैं, की शिकायत के अनुसार 13 जून को उनके व्यावसायिक सहयोगियों ने कोडिगेहल्ली स्थित एक होटल में उन्हें ₹35 लाख नकद सौंपे, जिन्हें उन्होंने अपने घर पर रखा। इसके बाद 15 जून को उन्होंने और उनके चालक ने येलहंका स्थित श्रेयस रेजिडेंसी से ₹74 लाख और प्राप्त किए तथा कार से घर के लिए निकले।
पुलिस शिकायत के अनुसार, रात करीब 11:05 बजे येलहंका-हेब्बल-गोरगुंटेपल्या-मदनायकनहल्ली मार्ग पर कुडुरेगेरे कॉलोनी के निकट गणेश मंदिर के पास दो व्यक्तियों ने ड्यूक मोटरसाइकिल से और पाँच अन्य ने एर्टिगा कार से शिवाशंकर की गाड़ी रोकी। आरोप है कि हमलावरों ने चाकू और बीयर की बोतलों से कारोबारी और चालक के साथ मारपीट की तथा दोनों को जबरन एर्टिगा में बैठा लिया।
अपहरण और धन की उगाही
शिवाशंकर के अनुसार, आरोपी उन्हें नेलमंगला के पास एक जंगली इलाके में ले गए, जहाँ और रकम की माँग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। जब उन्होंने घर पर ₹35 लाख रखे होने की जानकारी दी, तो आरोपियों ने चालक को उनके घर भेजा और व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिये शिवाशंकर से उनकी पत्नी को निर्देश दिलवाए। शिकायत के अनुसार, पत्नी ने चालक के साथ आए आरोपियों को ₹35 लाख सौंप दिए।
इसके बाद आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन लौटाए, पुलिस को सूचित न करने की चेतावनी दी और एर्टिगा कार व ड्यूक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। बाद में जब शिवाशंकर ने अपनी होंडा अमेज की डिक्की खोली — जिसे आरोपियों ने घटनास्थल पर छोड़ा था — तो उसमें रखे ₹74 लाख भी गायब मिले। इस तरह कुल ₹1.09 करोड़ की लूट हुई।
पीड़ित का बयान और शिकायत में देरी
शिवाशंकर ने बताया कि सभी आरोपी कन्नड़ और हिंदी में बात कर रहे थे। घटना के दौरान वह वाहनों के पंजीकरण नंबर दर्ज नहीं कर सके। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लूटी गई रकम कथित तौर पर 'राइस पुलिंग' और एंटीक धातु के लेन-देन से जुड़ी थी तथा रकम अधिक होने के कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में देरी की।
गौरतलब है कि शिवाशंकर के अनुसार वह विजयवाड़ा के मोहम्मद परवेज, गिप्सन और हैदराबाद के अलीम को करीब दस वर्षों से जानते हैं। चारों ने मिलकर 'अमेरिकन न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर' नाम से कारोबार शुरू करने की योजना बनाई थी और पिछले एक वर्ष से इसमें निवेश कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
मदनायकनहल्ली पुलिस ने 16 जून 2026 को सात अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 140(2) और 310(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है और जाँच अधिकारी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।
आगे क्या
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वाहन और मोबाइल के डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। यह मामला इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इसमें 'राइस पुलिंग' जैसे संदिग्ध लेन-देन का संदर्भ सामने आया है — एक ऐसी धोखाधड़ी जिसके मामले कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में पहले भी दर्ज हो चुके हैं।