रूस शांति को वीटो कर रहा है, युद्धविराम को नहीं: यूक्रेन विदेश मंत्री सिबिहा का UNSC में आरोप
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कहा कि परिषद के 15 में से 14 सदस्य देश तत्काल युद्धविराम के समर्थन में हैं, और युद्ध की राह में एकमात्र रुकावट खुद हमलावर देश रूस है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रूस अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल केवल युद्धविराम रोकने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक शांति को बाधित करने के लिए कर रहा है।
सिबिहा का UNSC में सीधा आरोप
सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं। इनमें से 14 सदस्य किसी न किसी रूप में तुरंत युद्धविराम का समर्थन करते हैं — इनमें चार स्थायी सदस्य भी शामिल हैं। सिर्फ एक देश लड़ाई खत्म होने की राह में रुकावट डाल रहा है और वह खुद हमलावर देश है।'
उन्होंने आगे कहा, 'रूस सिर्फ युद्धविराम को वीटो नहीं कर रहा, बल्कि शांति को वीटो कर रहा है। पुतिन इस युद्ध को बहुत पहले खत्म कर सकते थे, लेकिन वह हर दिन तनाव और लड़ाई को और बढ़ाने का रास्ता चुन रहे हैं।'
यूक्रेन की युद्धविराम की पेशकश
विदेश मंत्री सिबिहा ने दोहराया कि यूक्रेन पूर्ण और बिना किसी शर्त के युद्धविराम के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'हम ऊर्जा और खाद्य से जुड़े मामलों में भी युद्धविराम के लिए तैयार हैं। हम इसी वक्त, यहीं रुकने के लिए तैयार हैं।'
गौरतलब है कि यूक्रेन पर फरवरी 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से यह संघर्ष जारी है। सिबिहा ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन ने यह युद्ध नहीं छेड़ा था, और उसकी सेनाएँ केवल अपने घर और देश की रक्षा में लगी हैं।
जेलेंस्की का पुतिन पर सीधा निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधियों से फिर वादा किया कि उन्हें 'बस कुछ और महीने' चाहिए। जेलेंस्की के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में यह 17वीं या 18वीं बार है जब इस तरह का वादा किया गया है, और हर बार समय-सीमा आगे बढ़ा दी जाती है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन केवल रूस की उन्हीं क्षमताओं पर हमला कर रहा है जो उसे इस युद्ध को जारी रखने की ताकत देती हैं।
वैश्विक सुरक्षा पर असर
सिबिहा ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष केवल यूक्रेन या यूरोप की समस्या नहीं है — यह पूरी दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, 'सबसे बुरे हालात को रोकना इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति और इसके बाहर मौजूद लोगों की कोशिशों पर निर्भर करता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय में युद्धविराम वार्ता को लेकर कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है, और UNSC में रूस के स्थायी सदस्य होने के कारण किसी भी युद्धविराम प्रस्ताव को पारित करना संरचनात्मक रूप से लगभग असंभव बना हुआ है।
आगे क्या होगा
यूक्रेन की ओर से इस तरह के मजबूत कूटनीतिक बयान UNSC सुधार की बहस को नई धार देते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, रूस के स्थायी सदस्यता और वीटो अधिकार को लेकर वैश्विक बहस अब और तेज होने की संभावना है। यूक्रेन का अगला कदम वैश्विक जनमत को एकजुट करना और रूस पर राजनयिक दबाव बनाना होगा।