यूक्रेन के 15,000 से अधिक नागरिक हताहत: सिबिहा बोले — रूस जानबूझकर आमजन को बना रहा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने 4 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि रूस युद्ध के मोर्चे पर अपने सैन्य लक्ष्य हासिल करने में विफल रहने के बावजूद जानबूझकर यूक्रेन के आम नागरिकों को निशाना बनाने की रणनीति अपना रहा है। संयुक्त राष्ट्र के ताज़ा आँकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक यूक्रेन में 15,000 से अधिक नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं।
एक्स पर सिबिहा का बयान
सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'भले ही रूस मोर्चे पर अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसके हमलों में यूक्रेन के आम नागरिक ज़्यादा संख्या में मारे जा रहे हैं और घायल हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के ताज़ा आँकड़ों से सामने आई यह सबसे गंभीर बातों में से एक है।' उन्होंने इसे एक सुनियोजित आतंक की रणनीति बताया, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान और दबाव समय के साथ कम करना है।
ग्लाइड बम हमलों में भारी वृद्धि
सिबिहा के अनुसार, केवल आठ महीनों में फ्रंटलाइन इलाकों में रूस के हवाई ग्लाइड बम हमलों में करीब 2,500 नागरिक मारे गए या घायल हुए। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 62 प्रतिशत अधिक है। इसी दौरान संयुक्त राष्ट्र ने पूरे यूक्रेन में 15,000 से अधिक नागरिक हताहतों की पुष्टि की है। गौरतलब है कि रूस ने इस अवधि में यूक्रेनी शहरों, ऊर्जा अवसंरचना और नागरिक जीवन से जुड़े स्थानों पर हमलों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव की अपील
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क और उनके कार्यालय का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इन तथ्यों को दर्ज किया और जवाबदेही तय करने पर ज़ोर दिया। सिबिहा ने जिन देशों का मॉस्को पर प्रभाव है, उनसे आग्रह किया कि वे इस प्रभाव का 'मज़बूती से' उपयोग करें ताकि रूस को अपनी आक्रामक कार्रवाई रोकने के लिए विवश किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन
सिबिहा ने कटाक्ष किया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक स्थायी सदस्य प्रतिदिन उन्हीं सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहा है जिनकी रक्षा के लिए वह संस्था बनाई गई थी। उनके अनुसार, 'संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांत सिर्फ शब्द बनकर नहीं रह सकते, खासकर तब जब एक ऐसा देश, जो सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किए हुए है, हर दिन इन सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहा है।'
रूस को होगा नुकसान
सिबिहा ने चेतावनी दी कि रूस जितना अधिक नागरिकों को निशाना बनाएगा, उतना ही उसे अपने संसाधनों, सैन्य क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की गुंजाइश में नुकसान उठाना पड़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन युद्ध के तीसरे वर्ष में अंतरराष्ट्रीय समर्थन को बनाए रखना कीव के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बनती जा रही है।