यूएन सुरक्षा परिषद आपात बैठक: सिबिहा बोले — रूस एक हफ्ते में 100 नागरिकों की जान ले चुका, ऊर्जा ढाँचे पर हमले जारी
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2026 को बुलाई गई आपात बैठक में यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने आरोप लगाया कि रूस के विनाशकारी हमलों में केवल एक सप्ताह के भीतर लगभग 100 नागरिकों की मौत हो चुकी है और रूस जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा ढाँचे को निशाना बना रहा है। यह आपात बैठक 7-8 अक्टूबर को हुए बड़े रूसी हमलों के बाद यूक्रेन के अनुरोध पर बुलाई गई थी।
बैठक का संदर्भ और पृष्ठभूमि
यूक्रेन ने 7 और 8 अक्टूबर 2026 को हुए भीषण रूसी हमलों के बाद तत्काल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक की माँग की। इन हमलों में क्रामाटोर्स्क, प्रिलुकी और राजधानी कीव जैसे शहरों में नागरिक हताहत हुए। सिबिहा ने परिषद के सदस्य देशों को बताया कि यह हमले युद्ध के मोर्चे तक सीमित नहीं, बल्कि आम आबादी और नागरिक बुनियादी ढाँचे को जानबूझकर निशाना बनाने का प्रयास हैं।
ऊर्जा ढाँचे पर हमले — ठंड और अंधेरे की रणनीति
विदेश मंत्री सिबिहा ने आरोप लगाया कि रूस सर्दियों के आने से पहले यूक्रेनी जनता को ठंड और अंधेरे में धकेलने की मंशा से ऊर्जा प्रणाली को बार-बार निशाना बना रहा है। उनके अनुसार, कब्जे वाले शहर ओलेश्की में लोग भोजन, पीने के पानी और दवाओं जैसी बुनियादी ज़रूरतों से भी महरूम हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में सर्दी की शुरुआत होने वाली है और ऊर्जा आपूर्ति की बाधा लाखों नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल सकती है।
बेलारूस की कथित भूमिका पर चेतावनी
सिबिहा ने आरोप लगाया कि बेलारूस एक बार फिर रूस को अपने बुनियादी ढाँचे का उपयोग करने दे रहा है, जिसके ज़रिये यूक्रेन के शहरों पर ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने माँग की कि बेलारूस की राजधानी मिन्स्क तत्काल रूस के कथित युद्ध अपराधों में अपनी भूमिका समाप्त करे और इस तरह के ढाँचे के उपयोग पर रोक लगाए। गौरतलब है कि बेलारूस पर इससे पहले भी रूसी सैन्य अभियान को सुविधा देने के आरोप लग चुके हैं।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर असर
सिबिहा ने यह भी रेखांकित किया कि काला सागर में जहाज़रानी पर रूसी हमलों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। यूक्रेन दुनिया के प्रमुख अनाज निर्यातकों में से एक है और बंदरगाहों पर हमले वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकते हैं — विशेषकर एशिया और अफ्रीका के उन देशों में जो यूक्रेनी गेहूँ पर निर्भर हैं।
सुरक्षा परिषद से अपील और आगे की राह
सिबिहा ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से रूस की आक्रामकता रोकने, नागरिकों की रक्षा करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप स्थायी शांति स्थापित करने हेतु ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को कमज़ोर करने वाला कोई भी फैसला मॉस्को को गलत संदेश देगा और युद्ध को और लंबा खींचेगा। उनके अनुसार, ऐसे कदम दूरदृष्टि की कमी वाले हैं जो समस्या का समाधान करने के बजाय उसे और गंभीर बना सकते हैं। आने वाले दिनों में सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर और चर्चा अपेक्षित है।