रूस का यूक्रेन के 9 क्षेत्रों पर भीषण हमला: 29 मरे, 13 ऊर्जा ठिकाने तबाह, खार्किव अस्पताल पर भी बमबारी
सारांश
मुख्य बातें
रूस ने सोमवार रात यूक्रेन के 9 क्षेत्रों पर एक बड़ा और जटिल हमला किया, जिसमें 289 ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 59 क्रूज मिसाइलें दागी गईं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के अनुसार, इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई और 78 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि देशभर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के अनुसार कम से कम 13 ऊर्जा प्रतिष्ठान इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए।
हमले का दायरा और स्वरूप
ओडेसा, चेरकसी, जाइटॉमिर, विन्नित्सिया, खार्किव, निप्रो, चेर्नित्सी, चेर्निहिव और रिव्ने — इन नौ क्षेत्रों में रात भर हवाई हमले जारी रहे। मुख्य रूप से बिजली उत्पादन केंद्रों और सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद कई शहरों और समुदायों में आपातकालीन तथा बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती लागू की गई। ज़ेलेंस्की ने बताया कि हवाई हमले का अलर्ट अभी भी जारी है और नए मिसाइल व ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है।
खार्किव अस्पताल पर सीधा हमला
खार्किव में रूस ने एक शहर के क्लिनिकल अस्पताल पर सीधे हमला किया। इस हमले में 73 लोग घायल हुए और अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग — जहाँ उस समय मरीजों का इलाज चल रहा था — बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार चिकित्सा संस्थानों पर हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।
जापोरिज्जिया में मानवीय सहायता केंद्र पर हमला
जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा में मानवीय सहायता केंद्र पर बमबारी के बाद बचाव अभियान चलाया जा रहा है। ज़ेलेंस्की ने बताया कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं और सुरक्षा स्थिति की अनुमति मिलने तक राहत व बचाव कार्य जारी रहेंगे। उन्होंने 29 मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और 5 अन्य घायलों का उल्लेख किया।
ज़ेलेंस्की का अमेरिका से आग्रह
ज़ेलेंस्की ने इस हमले को अमेरिकी कांग्रेस चुनाव के दिन के साथ जोड़ते हुए कहा कि रूस को लगता है कि अमेरिका उसके संदेश को नजरअंदाज कर देगा, लेकिन ऐसे हमलों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यूक्रेन को अपने आसमान की रक्षा करने में मदद मिलनी चाहिए, क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो रूस अपने मिसाइल हमले कभी नहीं रोकेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राजनीति में यूक्रेन सहायता को लेकर बहस तेज है।
विदेश मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जानबूझकर आम नागरिकों की ऊर्जा, बिजली और हीटिंग सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं, ताकि सर्दी आने से पहले लोगों के लिए हालात असहनीय बन जाएँ। उन्होंने इसे 'नरसंहार की सीधी परिभाषाओं में से एक' करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस पर प्रतिबंधों में किसी भी तरह की ढील न देने की अपील की। गौरतलब है कि यह यूक्रेन की ऊर्जा बुनियादी संरचना पर इस सर्दी के मौसम से पहले का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है।