खार्किव में रूसी ड्रोन हमले से 1 की मौत, 9 घायल; रात भर 8 मिसाइलें और 136 ड्रोन दागे
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 26 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि रूस ने शनिवार की रात यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें खार्किव की रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि खार्किव में रिहायशी इमारतों पर हुए ड्रोन हमले के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाएं मौके पर तैनात कर दी गईं। उन्होंने लिखा, 'दुख की बात है कि इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए हैं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवारों और अपने प्रियजनों के साथ हैं।'
इसके साथ ही क्रिवी रीह में एक आम बिल्डिंग सप्लाई हाइपरमार्केट में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए राज्य आपातकालीन सेवा की टीमें लगातार काम करती रहीं।
हमलों का दायरा और पैमाना
जेलेंस्की के अनुसार, शनिवार की रात रूस ने यूक्रेन पर 8 मिसाइलें और 136 विभिन्न प्रकार के ड्रोन दागे। इनमें से कई को मार गिराया गया, लेकिन सभी को रोकना संभव नहीं हो सका। राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए।
हमलों की चपेट में आए क्षेत्रों में खेरसॉन, डोनेट्स्क, नीपर, खार्किव, सूमी, ओडेसा, मायकोलाइव, जापोरिज्जिया और चेर्निहाइव शामिल रहे। यह ऐसे समय में आया है जब युद्ध के तीन वर्षों से अधिक समय बाद भी रूसी हवाई हमलों की तीव्रता कम होने के कोई संकेत नहीं हैं।
पूरे सप्ताह का हमलों का लेखा-जोखा
जेलेंस्की ने साप्ताहिक आँकड़े साझा करते हुए बताया कि पूरे हफ्ते में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ लगभग 1,700 ड्रोन, 1,630 से अधिक गाइडेड एरियल बम और विभिन्न प्रकार की 95 मिसाइलें इस्तेमाल कीं। गौरतलब है कि इनमें आधे से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें थीं — जो उच्च गति और ऊँचाई से आती हैं और इन्हें रोकना अपेक्षाकृत अधिक कठिन होता है।
हवाई रक्षा पर जेलेंस्की की अपील
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति में तेज़ी लाने की माँग दोहराई। उन्होंने कहा, 'इस समय हर इंटरसेप्टर मिसाइल सचमुच लोगों की जान बचाने में मदद कर रही है, अगर वह यूक्रेन के रक्षा सिस्टम में मौजूद है, न कि हमारे साझेदारों के गोदामों में पड़ी है।' उन्होंने यह भी कहा कि हर दिन सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम जारी है ताकि यूक्रेनी सैनिकों के पास इन हमलों का मुकाबला करने के लिए ज़रूरी साधन उपलब्ध हों।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पश्चिमी देश एंटी-बैलिस्टिक पैकेजों की आपूर्ति में कितनी तेज़ी लाते हैं, क्योंकि रूसी हमलों की बढ़ती आवृत्ति यूक्रेन की नागरिक आबादी पर गहरा दबाव बना रही है।