रूस का कीव पर भीषण हमला: 70 मिसाइलें, 500 ड्रोन; 13 की मौत, 90 से अधिक घायल
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने 2 जुलाई को बताया कि रूस ने रात भर यूक्रेन के आवासीय इलाकों पर बड़े पैमाने पर हमला किया, जिसमें 70 से अधिक मिसाइलें और करीब 500 हमलावर ड्रोन दागे गए। इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और 90 से अधिक लोग घायल हुए। हमले का मुख्य निशाना कीव था, जहाँ 20 से अधिक स्थानों पर नुकसान दर्ज किया गया।
हमले का विवरण
ज़ेलेंस्की के अनुसार, दागी गई मिसाइलों में लगभग आधी बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। भेजे गए ड्रोनों में जेट इंजन से लैस 'शाहेद' ड्रोन भी शामिल थे। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन सभी को रोकना संभव नहीं हो सका।
कीव के अलावा खारकीव, सूमी, नीपर, ज़ापोरिज्जिया और चेर्कासी क्षेत्रों पर भी रात के दौरान हमले किए गए। खारकीव क्षेत्र में एक बच्चे सहित पाँच लोग घायल हुए, जबकि कीव क्षेत्र में दो लोग घायल हुए।
निशाना बने नागरिक ठिकाने
ज़ेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि कीव में क्षतिग्रस्त स्थानों में एक एंबुलेंस स्टेशन, एक रिसर्च संस्थान, एक होटल और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। अधिकांश नुकसान आम नागरिकों के आवासीय क्षेत्रों में हुआ। बचाव दल मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
ज़ेलेंस्की की अपील
ज़ेलेंस्की ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूक्रेन के लिए एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने 'पर्ल' कार्यक्रम के तहत मिलने वाले हर सहयोग को जीवनरक्षक बताया।
ज़ेलेंस्की ने अमेरिका से पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और संबंधित लाइसेंसों पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई। उनके अनुसार, एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली के उत्पादन से जुड़े समझौते ही इस युद्ध को रोकने और भविष्य के हमलों को टालने का सबसे कारगर उपाय हैं।
व्यापक संदर्भ
यह हमला ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन-रूस युद्ध के तीन वर्ष से अधिक बीत चुके हैं और शांति वार्ताएँ अनिश्चितता में हैं। गौरतलब है कि रूस इससे पहले भी कई बार कीव और अन्य प्रमुख शहरों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन व मिसाइल हमले कर चुका है। आलोचकों का कहना है कि नागरिक ढाँचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। आने वाले दिनों में यूक्रेन के साझेदार देशों की प्रतिक्रिया और अतिरिक्त सैन्य सहायता पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।