रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला: 70 मिसाइलें, 611 ड्रोन, कीव की 11वीं सदी की कैथेड्रल में आग, 11 मौतें
सारांश
मुख्य बातें
रूस ने रविवार की रात यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े संयुक्त हमलों में से एक को अंजाम दिया — 70 मिसाइलें और 611 ड्रोन दागे गए, जिनमें से 60 से अधिक मिसाइलें अकेले राजधानी कीव पर केंद्रित थीं। इन हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई और पूरे देश में 53 लोग घायल हुए, जिनमें से 35 घायल अकेले कीव से हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि रूस ने केवल कीव पर 60 से अधिक मिसाइलें दागीं और पूरे यूक्रेन में कुल 70 मिसाइलें व 611 ड्रोन छोड़े गए। उन्होंने लिखा, 'कीव में रूसी हमलों के बाद की स्थिति से निपटने का काम लगातार जारी है। यही हाल खार्किव में भी है।'
हमलों में कीव-पेचेर्स्क लावरा परिसर में स्थित डॉर्मिशन कैथेड्रल की छत में आग लग गई। इस ऐतिहासिक कैथेड्रल का इतिहास 11वीं सदी का है और यह ईसाई विरासत का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। राज्य आपातकालीन सेवा ने बाद में आग पर काबू पा लिया।
खार्किव और अन्य शहरों पर हमले
खार्किव में रूस ने एक औद्योगिक परिसर पर हमले के बाद आग बुझाने में जुटे बचावकर्मियों को जानबूझकर निशाना बनाया, जिसमें पाँच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ज़ेलेंस्की ने इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी प्रतिक्रिया की माँग की।
नीपर में रूस ने रेलवे स्टेशन, एक कॉलेज और औद्योगिक स्थलों को निशाना बनाया। इसके अलावा डोनेट्स्क, जापोरिज्जिया, सुमी और मायकोलाइव क्षेत्र भी इन हमलों की चपेट में आए। ज़ेलेंस्की ने एक अन्य पोस्ट में पुष्टि की कि दो रूसी ड्रोनों ने जानबूझकर लावरा और मिस्टेत्स्की आर्सेनल को निशाना बनाया।
ज़ेलेंस्की की अंतरराष्ट्रीय अपील
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के विदेश मंत्रालय और राजनयिक दल को निर्देश दिया कि वे सहयोगी देशों के साथ सभी संपर्क तत्काल सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन से ठोस और निर्णायक प्रतिक्रिया आनी चाहिए, रूस पर वैश्विक दबाव बढ़ाया जाए और यूक्रेन को एंटी-बैलिस्टिक सिस्टमों सहित अधिक हवाई सुरक्षा सहायता प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा, 'रूस इस तरह दुनिया को दिखा रहा है कि वह युद्ध जारी रखने का इरादा रखता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि देशों के नेता, जन-नेता और अंतरराष्ट्रीय संगठन चुप न रहें।'
ऐतिहासिक धरोहर पर हमला
कीव-पेचेर्स्क लावरा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और यूक्रेन की ईसाई पहचान का केंद्र माना जाता है। डॉर्मिशन कैथेड्रल में लगी आग को ज़ेलेंस्की ने 'ईसाई संस्कृति के विरुद्ध रूस के सबसे बड़े अपराधों में से एक' करार दिया। गौरतलब है कि यह युद्ध के दौरान किसी प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल पर हुआ अब तक का सबसे गंभीर हमला है।
आगे क्या होगा
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब जी-7 देशों का शिखर सम्मेलन निकट है और यूक्रेन को पश्चिमी देशों से अतिरिक्त सैन्य सहायता की उम्मीद है। ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि इस हफ्ते और अगले हफ्ते होने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में यूक्रेन की सुरक्षा को मजबूत करने और रूस पर वैश्विक दबाव बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।