जेलेंस्की का आरोप: रूस बढ़ा रहा मिसाइल भंडार, खार्कीव से ओडेसा तक रिहायशी इमारतों पर बमबारी
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 27 अगस्त 2025 को आरोप लगाया कि रूस ने बुधवार की रात ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के संयुक्त हमले से यूक्रेन के कई शहरों में तबाही मचाई। जेलेंस्की के अनुसार, रूस जानबूझकर नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बना रहा है और अपनी युद्ध क्षमता बढ़ाने में भारी निवेश कर रहा है।
हमले का विवरण: कहाँ-कहाँ हुई बमबारी
खार्कीव क्षेत्र में रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया। क्रामाटोर्स्क में एक गाइडेड हवाई बम एक बहुमंजिला इमारत पर गिरा, जहाँ से राज्य आपातकालीन सेवा की टीमों ने चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। जापोरिज्जिया में तीन और क्रिवी रीह में दो लोग घायल हुए बताए गए हैं।
ओडेसा में एक अपार्टमेंट इमारत भी इस हमले की चपेट में आई। इसके अलावा पोल्टावा, सूमी और खेरसोन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया। कीव क्षेत्र के चुबिन्स्के में ड्रोन हमलों के बाद कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए आपातकालीन सेवाएँ तैनात की गईं।
जेलेंस्की का एक्स पर बयान
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'रूस के हमले के बाद पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए कल रात से ही लगातार काम किया जा रहा है। यह एक संयुक्त हमला था, जिसमें ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों दोनों का इस्तेमाल किया गया।' उन्होंने आगे कहा, 'रूस लगातार मिसाइलों के भंडार और युद्ध को आगे बढ़ाने की अपनी क्षमता में निवेश कर रहा है। इसका मतलब है कि इसके जवाब में और अधिक प्रभावी कदम उठाने की ज़रूरत है।'
यूरोपीय सहयोगियों से अतिरिक्त रक्षा पैकेज की माँग
जेलेंस्की ने कहा कि इस सप्ताह यूरोपीय सहयोगियों ने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने माँग की कि बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए अतिरिक्त रक्षा पैकेज भी उपलब्ध कराए जाएँ, खासकर 'पर्ल' कार्यक्रम के माध्यम से। उन्होंने कहा, 'हमारे आसमान की सुरक्षा को मज़बूत करने वाला हर कदम रोज़ाना यूक्रेन के लोगों की जान बचाने में मदद करता है।'
रूस की बढ़ती युद्ध क्षमता पर चिंता
जेलेंस्की के अनुसार, रूस अपनी मिसाइल उत्पादन क्षमता और युद्ध के संसाधनों में लगातार विस्तार कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन युद्ध को तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं और पश्चिमी देशों में सहायता की निरंतरता को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद उसकी सैन्य आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं हुई है, जो विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
जेलेंस्की ने कहा, 'अगर हमें रूस की लड़ाई जारी रखने की इच्छा को कमज़ोर करना है, तो हमें उन मिसाइलों को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय करना होगा जिनके सहारे मॉस्को इस युद्ध को आगे बढ़ा रहा है।'