स्काईवेज एयर सर्विसेज IPO: ₹582.8 करोड़ का इश्यू लिस्टिंग के करीब, पर EOW जांच और AEO निलंबन से निवेशक सतर्क
सारांश
मुख्य बातें
स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का ₹582.8 करोड़ का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लिस्टिंग की दहलीज पर खड़ा है। बोली के अंतिम दिन ग्रे मार्केट में इस इश्यू के लिए उल्लेखनीय उत्साह दर्ज किया गया और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 33 प्रतिशत तक जा पहुँचा। हालांकि, कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दर्ज कई गंभीर जोखिम दीर्घकालिक निवेशकों के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं।
IPO की संरचना और मूल्य बैंड
कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹131 से ₹138 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। इश्यू में 2.89 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 1.33 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। GMP के आधार पर बाज़ार में लिस्टिंग को लेकर अटकलें तेज़ हैं, लेकिन विशेषज्ञ निवेशकों को RHP में दर्ज जोखिमों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दे रहे हैं।
आर्थिक अपराध शाखा की जांच का साया
सेबी (SEBI) को प्रस्तुत RHP के अनुसार, स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड और उसकी प्रमुख सहायक कंपनी ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स लिमिटेड वर्तमान में दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के दायरे में हैं। यह जांच कथित धोखाधड़ी, अधिक बिलिंग, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों पर आधारित है।
दस्तावेजों के अनुसार, यह मामला FIR संख्या 0172/2025 से संबंधित है, जिसे 12 दिसंबर 2025 को EOW दिल्ली ने ब्रिटेन स्थित PG पेपर कंपनी लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज किया था। इस FIR में स्काईवेज एयर सर्विसेज को तीसरा आरोपी और ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स को दूसरा आरोपी बनाया गया है। 11 अगस्त 2026 को दाखिल RHP में इस FIR को कंपनी के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले के रूप में स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
आरोपों का विवरण: ओवर-बिलिंग से आपराधिक साजिश तक
RHP में उल्लिखित आरोपों के अनुसार, PG पेपर का दावा है कि स्काईवेज समूह की इकाइयों — ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स, RIV वर्ल्डवाइड लिमिटेड (UK) और स्काईवेज SLS लॉजिस्टिक GmbH — ने कथित तौर पर माल ढुलाई कारोबार हासिल करने के लिए समन्वित रूप से काम किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2021 से इन तीन इकाइयों के माध्यम से ₹800 करोड़ से अधिक का कारोबार किया गया और उसे प्रत्यक्ष रूप से कम से कम ₹44.20 करोड़ का नुकसान हुआ। कुछ मामलों में मालभाड़ा शुल्क बाज़ार दरों की तुलना में 40% से 300% तक अधिक दिखाया गया बताया जाता है। यह भी आरोप है कि माल ढुलाई खरीद प्रक्रिया से जुड़े एक कर्मचारी को कथित तौर पर प्रभावित कर आंतरिक नियंत्रण तंत्र को दरकिनार किया गया। FIR में आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के उपयोग और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
AEO दर्जे का निलंबन: नियामकीय दबाव
FIR के बाद केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 14 मई 2026 को स्काईवेज के अधिकृत आर्थिक परिचालक (AEO-LO) प्रमाणपत्र को निलंबित और रद्द करने के प्रस्ताव से संबंधित नोटिस जारी किया। जांच के नतीजे आने तक कंपनी का AEO-LO दर्जा 4 मई 2026 से निलंबित है। स्काईवेज ने 28 जुलाई 2026 को संबंधित प्राधिकरण को अपना जवाब सौंपा, लेकिन मामला अभी भी लंबित है। AEO दर्जा लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में एक महत्वपूर्ण परिचालन सुविधा होती है, और इसका निलंबन व्यापार संचालन को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी की प्रतिक्रिया और आगे की राह
इस मामले पर पूछे गए सवालों पर स्काईवेज एयर सर्विसेज ने अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि ये सभी जोखिम RHP में कंपनी द्वारा स्वयं SEBI को प्रकट किए गए हैं, जो नियामकीय पारदर्शिता की आवश्यकता के तहत अनिवार्य है। आलोचकों का कहना है कि लंबित आपराधिक जांच और AEO निलंबन जैसे जोखिमों के साथ किसी कंपनी का IPO बाज़ार में आना निवेशकों के लिए असाधारण सतर्कता की मांग करता है। EOW जांच और CBIC कार्यवाही के परिणाम कंपनी के भविष्य के परिचालन और वित्तीय स्वास्थ्य को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।