20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्काईवेज आईपीओ से पहले बड़े खतरे: ईओडब्ल्यू एफआईआर, ₹44.20 करोड़ की ओवर-इनवॉइसिंग और एईओ सर्टिफिकेट निलंबित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्काईवेज आईपीओ से पहले बड़े खतरे: ईओडब्ल्यू एफआईआर, ₹44.20 करोड़ की ओवर-इनवॉइसिंग और एईओ सर्टिफिकेट निलंबित

सारांश

स्काईवेज एयर सर्विसेज का आईपीओ खुलने से पहले ही बड़े विवादों में घिर गया है — ईओडब्ल्यू की एफआईआर, ₹44.20 करोड़ की कथित ओवर-इनवॉइसिंग और एईओ सर्टिफिकेट का निलंबन। निवेशकों के लिए यह आईपीओ असामान्य रूप से उच्च जोखिम वाला बन गया है।

मुख्य बातें

स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का आईपीओ 24 से 27 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा; प्राइस बैंड ₹131–₹138 प्रति शेयर ।
दिल्ली ईओडब्ल्यू ने 12 दिसंबर 2025 को एफआईआर नंबर 0172/2025 दर्ज की — स्काईवेज आरोपी नंबर 3, ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स आरोपी नंबर 2।
पीजी पेपर (यूके) ने ₹44.20 करोड़ की ओवर-इनवॉइसिंग और ₹800 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगाया; कुछ मामलों में माल ढुलाई दर बाजार से 300% तक अधिक बताई गई।
सीबीआईसी ने 14 मई 2026 को एईओ-एलओ सर्टिफिकेट निलंबित करने का नोटिस दिया; 4 मई 2026 से स्टेटस निलंबित है।
स्काईवेज ने 28 जुलाई 2026 को जवाब दाखिल किया, लेकिन मामला अभी विचाराधीन है।
संपर्क करने पर कंपनी ने कोई टिप्पणी नहीं की।

स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) 24 अगस्त 2026 से खुलने से पहले ही कंपनी गंभीर कानूनी और नियामकीय जोखिमों के घेरे में है। सेबी (SEBI) के पास दाखिल आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कंपनी और उसकी सहायक कंपनी ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी, अधिक बिलिंग, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच कर रही है।

आईपीओ का विवरण

स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का आईपीओ 24 अगस्त 2026 को निवेशकों के लिए खुलेगा और 27 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। इसका प्राइस बैंड ₹131 से ₹138 प्रति इक्विटी शेयर निर्धारित किया गया है। इस इश्यू में 2.89 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और 1.33 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है।

ईओडब्ल्यू एफआईआर और आरोप

यह जोखिम यूके की पीजी पेपर कंपनी लिमिटेड की शिकायत पर दिल्ली ईओडब्ल्यू द्वारा 12 दिसंबर 2025 को दर्ज एफआईआर नंबर 0172/2025 से जुड़ा है। इस एफआईआर में स्काईवेज एयर सर्विसेज को आरोपी नंबर 3 और ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स लिमिटेड को आरोपी नंबर 2 बताया गया है। 11 अगस्त 2026 को दाखिल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में इस एफआईआर का उल्लेख चल रही आपराधिक कार्यवाही के रूप में किया गया है।

पीजी पेपर का आरोप है कि स्काईवेज ग्रुप की कंपनियों — जिनमें ब्रेस पोर्ट, आरआईवी वर्ल्डवाइड लिमिटेड (यूके) और स्काईवेज एसएलएस लॉजिस्टिक्स जीएमबीएच शामिल हैं — ने मिलीभगत से फ्रेट का काम हासिल किया। इसमें बढ़ा-चढ़ाकर फ्रेट इनवॉइस बनाना, कथित रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और गलत जानकारी देना शामिल बताया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 2021 से इन तीन सहायक कंपनियों के जरिए ₹800 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ और उन्हें कम से कम ₹44.20 करोड़ का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ। सेबी को दिए गए रिप्रेजेंटेशन में यह भी आरोप लगाया गया है कि ब्रेस पोर्ट और स्काईवेज ने मिलकर पीजी पेपर से लगभग ₹44.20 करोड़ की अतिरिक्त इनवॉइसिंग की।

पीजी पेपर के अनुसार, माल ढुलाई के खर्च को जानबूझकर बढ़ाया गया — कुछ मामलों में यह मौजूदा बाजार दरों से 40% से लेकर 300% तक अधिक था। साथ ही, आरोप है कि माल ढुलाई व्यवस्था से जुड़े एक कर्मचारी को लालच देकर कंपनी की आंतरिक जांच प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया।

एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

एईओ सर्टिफिकेट निलंबन — नियामकीय प्रहार

एफआईआर के बाद नियामकीय मोर्चे पर भी कंपनी को झटका लगा है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 14 मई 2026 को स्काईवेज के 'ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर-एलओ (एईओ-एलओ)' सर्टिफिकेट को निलंबित करने और रद्द करने का प्रस्ताव देते हुए नोटिस जारी किया।

जांच के नतीजे आने तक कंपनी का एईओ-एलओ स्टेटस 4 मई 2026 से निलंबित है। स्काईवेज ने 28 जुलाई 2026 को संबंधित प्राधिकरण को अपना जवाब सौंपा, लेकिन यह मामला अभी भी विचाराधीन है। गौरतलब है कि एईओ दर्जा लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए सीमा शुल्क निकासी में तेजी और विश्वसनीयता का प्रमाण माना जाता है — इसके निलंबन से कंपनी के परिचालन पर सीधा असर पड़ सकता है।

कंपनी की प्रतिक्रिया

संपर्क किए जाने पर स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड ने इन सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की। कंपनी ने आरएचपी में इन जोखिमों का खुलासा किया है, जो सेबी के प्रकटीकरण नियमों के तहत अनिवार्य है।

निवेशकों के लिए आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय आईपीओ बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। ईओडब्ल्यू जांच और एईओ निलंबन जैसे जोखिमों को देखते हुए बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को सब्सक्रिप्शन से पहले इन कानूनी पहलुओं का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए। आईपीओ का अंतिम परिणाम काफी हद तक इन लंबित कानूनी और नियामकीय प्रक्रियाओं के नतीजों पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परिचालन और कानूनी अनिश्चितता का सक्रिय संयोजन है। एईओ दर्जे का निलंबन लॉजिस्टिक्स कंपनी के लिए विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि यह सीमा शुल्क निकासी की गति और ग्राहक विश्वास दोनों को प्रभावित करता है। सेबी के प्रकटीकरण नियमों के तहत इन जोखिमों का उल्लेख अनिवार्य था, फिर भी यह सवाल बना रहता है कि क्या खुदरा निवेशक इन कानूनी पेचीदगियों को पूरी तरह समझकर सब्सक्रिप्शन का निर्णय लेंगे। आईपीओ बाजार में उत्साह के इस दौर में, नियामक और निवेशक दोनों के लिए यह एक परीक्षण का क्षण है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्काईवेज एयर सर्विसेज आईपीओ कब खुलेगा और इसका प्राइस बैंड क्या है?
स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का आईपीओ 24 अगस्त 2026 को खुलेगा और 27 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। इसका प्राइस बैंड ₹131 से ₹138 प्रति इक्विटी शेयर है, जिसमें 2.89 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू और 1.33 करोड़ शेयरों का ओएफएस शामिल है।
स्काईवेज के खिलाफ ईओडब्ल्यू की जांच किस आरोप में हो रही है?
दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 12 दिसंबर 2025 को यूके की पीजी पेपर कंपनी लिमिटेड की शिकायत पर एफआईआर नंबर 0172/2025 दर्ज की है। इसमें धोखाधड़ी, अधिक बिलिंग, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप हैं — स्काईवेज आरोपी नंबर 3 और उसकी सहायक ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स आरोपी नंबर 2 है।
पीजी पेपर ने स्काईवेज पर कितने रुपये की ओवर-इनवॉइसिंग का आरोप लगाया है?
पीजी पेपर के अनुसार, 2021 से तीन सहायक कंपनियों के जरिए ₹800 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ और उन्हें कम से कम ₹44.20 करोड़ का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ। कुछ मामलों में माल ढुलाई की दरें बाजार दर से 40% से 300% तक अधिक बताई गई हैं।
स्काईवेज का एईओ सर्टिफिकेट क्यों निलंबित किया गया है?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने 14 मई 2026 को स्काईवेज के ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर-एलओ (एईओ-एलओ) सर्टिफिकेट को निलंबित करने का नोटिस जारी किया। 4 मई 2026 से यह स्टेटस निलंबित है और कंपनी ने 28 जुलाई 2026 को जवाब दाखिल किया है, लेकिन मामला अभी विचाराधीन है।
इन जोखिमों का स्काईवेज आईपीओ में निवेश पर क्या असर हो सकता है?
ईओडब्ल्यू एफआईआर और एईओ सर्टिफिकेट निलंबन दोनों सक्रिय कानूनी और नियामकीय अनिश्चितताएं हैं, जिनका खुलासा सेबी को दाखिल आरएचपी में किया गया है। एईओ दर्जे के निलंबन से कंपनी के लॉजिस्टिक्स परिचालन और ग्राहक विश्वास पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक सब्सक्रिप्शन से पहले इन जोखिमों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 घंटे पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले