30 जुलाई 2026
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एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट शेयर इश्यू प्राइस ₹574 से नीचे, लिस्टिंग के एक हफ्ते में 1.15% टूटा

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एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट शेयर इश्यू प्राइस ₹574 से नीचे, लिस्टिंग के एक हफ्ते में 1.15% टूटा

सारांश

41.66 गुना सब्सक्राइब हुए IPO की धूम के बाद एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर लिस्टिंग के एक हफ्ते में ही इश्यू प्राइस ₹574 से नीचे आ गया। ₹624.95 के शिखर से करीब 9.6% की गिरावट उन निवेशकों के लिए नुकसान की घंटी है जिन्होंने ऊपरी बैंड पर आवेदन किया था।

मुख्य बातें

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर 30 जुलाई को इश्यू प्राइस ₹574 से नीचे फिसला, दोपहर में ₹569.10 पर कारोबार हुआ।
इंट्राडे में शेयर ने ₹565.05 का नया न्यूनतम स्तर बनाया — लिस्टिंग के बाद का सबसे निचला स्तर।
शेयर 21 जुलाई को NSE पर ₹613.30 पर सूचीबद्ध हुआ था; लिस्टिंग के दिन ₹624.95 का उच्चतम स्तर बना था।
IPO 14-16 जुलाई के बीच 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था और ₹9,812.91 करोड़ जुटाए गए थे।
कंपनी 31 मार्च 2026 तक ₹12.51 लाख करोड़ के म्यूचुअल फंड एसेट्स का प्रबंधन कर रही थी, बाज़ार हिस्सेदारी 15.3% ।
व्यापक बाज़ार में सेंसेक्स 219 अंक और निफ्टी 65 अंक की बढ़त के बावजूद मिडकैप-स्मॉलकैप में 0.5% की कमज़ोरी रही।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर 30 जुलाई को अपने इश्यू प्राइस ₹574 से नीचे फिसल गए — लिस्टिंग के महज एक सप्ताह के भीतर यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर दोपहर 3 बजे तक यह शेयर 1.15 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹569.10 पर कारोबार कर रहा था।

इंट्राडे उतार-चढ़ाव

गुरुवार के कारोबारी सत्र में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर ₹576.05 पर सपाट खुला और शुरुआती कारोबार में ₹579.90 का उच्चतम स्तर छुआ। हालाँकि, बिकवाली का दबाव बढ़ते ही शेयर गिरता चला गया और ₹565.05 का नया न्यूनतम स्तर दर्ज किया — जो इसकी लिस्टिंग के बाद का सबसे निचला स्तर है।

यह गिरावट इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि व्यापक बाज़ार में तेज़ी का माहौल था — सेंसेक्स इस दौरान 219 अंक (0.28 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,874 पर और निफ्टी 65 अंक (0.27 प्रतिशत) की तेज़ी के साथ 24,309 पर था।

लिस्टिंग और IPO का प्रदर्शन

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर 21 जुलाई को NSE पर 6.85 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर सूचीबद्ध हुआ था। लिस्टिंग के दिन शेयर ने ₹624.95 का अब तक का सर्वोच्च स्तर बनाया था। लेकिन उस ऊँचाई से अब तक शेयर करीब 9.6 प्रतिशत नीचे आ चुका है।

14 से 16 जुलाई के बीच खुले इस आईपीओ को बाज़ार से ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और यह 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस पब्लिक इश्यू के ज़रिये कंपनी ने ₹9,812.91 करोड़ जुटाए थे और इसका प्राइस बैंड ₹545–₹574 प्रति शेयर रखा गया था।

कंपनी की पृष्ठभूमि

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की स्थापना 1987 में हुई थी और यह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सहयोगी कंपनी है। त्रैमासिक औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी ₹12.51 लाख करोड़ के म्यूचुअल फंड एसेट्स का प्रबंधन कर रही थी और बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी 15.3 प्रतिशत थी।

व्यापक बाज़ार का मिज़ाज

गुरुवार को लार्जकैप शेयरों में तेज़ी देखी गई, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक करीब आधा प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। यह विभाजन दर्शाता है कि बाज़ार में चयनात्मक खरीदारी हो रही है और छोटे निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, हाल की IPO लिस्टिंग के बाद शुरुआती मुनाफावसूली एक सामान्य प्रवृत्ति है, लेकिन इश्यू प्राइस से नीचे जाना उन निवेशकों के लिए नुकसान की स्थिति बनाता है जिन्होंने ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन किया था। आने वाले सत्रों में कंपनी के तिमाही नतीजे और व्यापक बाज़ार का रुख शेयर की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

812 करोड़ की फंडिंग के बाद एक सप्ताह में ही इश्यू प्राइस से नीचे आना यह याद दिलाता है कि IPO बाज़ार में भीड़ का उत्साह और दीर्घकालिक मूल्यांकन अक्सर अलग-अलग दिशाओं में चलते हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट भारत की सबसे बड़ी AMC है — 15.3% बाज़ार हिस्सेदारी और ₹12.51 लाख करोड़ के AUM के साथ — फिर भी बाज़ार उसे अभी प्रीमियम देने से हिचकिचा रहा है। यह सवाल उठाता है कि क्या IPO का प्राइस बैंड निवेशकों की अपेक्षाओं से ऊँचा रखा गया था, या मौजूदा बाज़ार में मिडकैप-स्मॉलकैप की कमज़ोरी नई लिस्टिंग पर दबाव बना रही है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर इश्यू प्राइस से नीचे क्यों आया?
लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली और मिडकैप-स्मॉलकैप सेगमेंट में कमज़ोरी के चलते शेयर इश्यू प्राइस ₹574 से नीचे आ गया। 30 जुलाई को यह ₹565.05 के नए निचले स्तर तक फिसला और दोपहर में ₹569.10 पर था।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का IPO कब और कितने गुना सब्सक्राइब हुआ था?
यह IPO 14 से 16 जुलाई के बीच खुला था और बाज़ार से बंपर प्रतिक्रिया मिलते हुए 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस इश्यू के ज़रिये कंपनी ने ₹9,812.91 करोड़ जुटाए थे।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग कब और किस भाव पर हुई?
शेयर 21 जुलाई को NSE पर 6.85 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर सूचीबद्ध हुआ था। लिस्टिंग के दिन इसने ₹624.95 का सर्वोच्च स्तर बनाया था, जो अब तक का उच्चतम भाव है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट कितने बड़े एसेट्स मैनेज करती है?
31 मार्च 2026 तक कंपनी ₹12.51 लाख करोड़ के म्यूचुअल फंड एसेट्स का प्रबंधन कर रही थी। QAAUM के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है और इसकी बाज़ार हिस्सेदारी 15.3 प्रतिशत है।
30 जुलाई को व्यापक शेयर बाज़ार का क्या हाल था?
सेंसेक्स 219 अंक (0.28%) की बढ़त के साथ 77,874 पर और निफ्टी 65 अंक (0.27%) की तेज़ी के साथ 24,309 पर था। हालाँकि तेज़ी लार्जकैप तक सीमित रही — मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक करीब आधा प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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