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एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन ₹584.70 पर बंद, ₹600 के नीचे फिसला

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एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन ₹584.70 पर बंद, ₹600 के नीचे फिसला

सारांश

लिस्टिंग के पहले दिन 6.27% प्रीमियम के बाद एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर दूसरे ही दिन ₹600 से नीचे आ गए। SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी ने हिस्सेदारी घटाने से इनकार किया और ₹6,000 करोड़ के निवेश का हवाला दिया — लेकिन बाज़ार फिलहाल आश्वस्त नहीं दिखता।

मुख्य बातें

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर 22 जुलाई को NSE पर 4.11% गिरकर ₹584.70 पर बंद हुए।
दिन का इंट्राडे निचला स्तर ₹583 रहा; शेयर ने ₹609 पर खुलकर पूरे सत्र में दबाव झेला।
कंपनी का इश्यू प्राइस ₹574 था; मंगलवार को ₹613.30 पर 6.27% प्रीमियम के साथ लिस्टिंग हुई थी।
SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा — एसबीआई फंड्स में हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं।
SBI ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में अब तक लगभग ₹6,000 करोड़ का निवेश किया है।
फ्रांस की अमुंडी के साथ दीर्घकालिक साझेदारी कंपनी के गवर्नेंस ढाँचे को मजबूती देती है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन बुधवार, 22 जुलाई को 4.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹584.70 पर बंद हुए, जो ₹600 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है। शेयर ने दिन के कारोबार में ₹583 का इंट्राडे निचला स्तर छुआ, जो दर्शाता है कि पूरे सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा।

कारोबारी सत्र का घटनाक्रम

शेयर ने बुधवार की सुबह ₹609 पर कारोबार की शुरुआत की, लेकिन पूरे दिन गिरावट जारी रही। अंततः यह ₹584.70 पर बंद हुआ — इंट्राडे लो ₹583 के बेहद करीब। यह संकेत देता है कि सत्र के अंतिम घंटों में भी शेयर दबाव से उबर नहीं सका।

गौरतलब है कि मंगलवार, 21 जुलाई को एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर NSE पर अपने इश्यू प्राइस ₹574 के मुकाबले 6.27 प्रतिशत के प्रीमियम पर ₹613.30 पर सूचीबद्ध हुए थे। लिस्टिंग के महज एक दिन बाद यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

एसबीआई चेयरमैन की प्रतिक्रिया

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मुंबई में लिस्टिंग समारोह के बाद पत्रकारों से स्पष्ट किया कि हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा, 'लिस्टिंग के बाद एसबीआई फंड्स में हिस्सेदारी घटाने की हमारी कोई योजना नहीं है।'

शेट्टी ने यह भी बताया कि इस आईपीओ का मूल उद्देश्य रिटेल निवेशकों को कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि में भागीदार बनाना था। उनके अनुसार, SBI ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में अब तक लगभग ₹6,000 करोड़ का निवेश किया है।

कॉरपोरेट गवर्नेंस और रणनीतिक साझेदारी

शेट्टी ने रेखांकित किया कि यह लिस्टिंग SBI की उस व्यापक रणनीति का अंग है, जिसके तहत बैंक अपनी सहायक कंपनियों में दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना चाहता है। उन्होंने बताया कि सूचीबद्ध होने से पहले ही कंपनी ने मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस मानक अपना लिए थे।

इस संदर्भ में SBI और फ्रांस की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी के बीच की दीर्घकालिक साझेदारी को भी अहम बताया गया, जिसने कंपनी के संस्थागत ढाँचे को और मजबूती दी है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है, फिर भी लिस्टिंग के तुरंत बाद की यह गिरावट बाज़ार की अल्पकालिक अनिश्चितता को दर्शाती है। विश्लेषकों की नज़र अब इस बात पर होगी कि क्या शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹574 के ऊपर टिका रह पाता है और आने वाले सत्रों में खरीदार वापस लौटते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक बैंक-प्रवर्तित AMC को स्वतंत्र, सूचीबद्ध इकाई के रूप में अपनी विश्वसनीयता कैसे स्थापित करनी होगी। अमुंडी जैसी वैश्विक साझेदारी गवर्नेंस के लिए अच्छी है, लेकिन खुदरा निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए कंपनी को तिमाही प्रदर्शन से खुद को साबित करना होगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन क्यों गिरा?
लिस्टिंग के दूसरे दिन 22 जुलाई को एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर में 4.11% की गिरावट आई और यह ₹584.70 पर बंद हुआ। बाज़ार में लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली और अल्पकालिक अनिश्चितता को इस गिरावट का कारण माना जा रहा है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का इश्यू प्राइस और लिस्टिंग प्राइस क्या था?
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का इश्यू प्राइस ₹574 था। कंपनी NSE पर मंगलवार 21 जुलाई को ₹613.30 पर सूचीबद्ध हुई, जो इश्यू प्राइस से 6.27% अधिक था। अगले ही दिन शेयर ₹584.70 तक फिसल गया।
क्या SBI एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में अपनी हिस्सेदारी घटाएगा?
नहीं। SBI के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मुंबई में लिस्टिंग समारोह के बाद स्पष्ट किया कि एसबीआई फंड्स में हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि आईपीओ का उद्देश्य रिटेल निवेशकों को कंपनी की वृद्धि में भागीदार बनाना था।
SBI ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में कितना निवेश किया है?
SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में अब तक लगभग ₹6,000 करोड़ का निवेश किया है। बैंक का निरंतर सहयोग कंपनी की वृद्धि और सफल लिस्टिंग में अहम भूमिका निभाता रहा है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अमुंडी की साझेदारी क्या है?
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की फ्रांस की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी के साथ दीर्घकालिक साझेदारी है। SBI चेयरमैन के अनुसार, इस साझेदारी ने कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस ढाँचे को और मजबूत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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