एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन ₹584.70 पर बंद, ₹600 के नीचे फिसला
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर लिस्टिंग के दूसरे दिन बुधवार, 22 जुलाई को 4.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹584.70 पर बंद हुए, जो ₹600 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है। शेयर ने दिन के कारोबार में ₹583 का इंट्राडे निचला स्तर छुआ, जो दर्शाता है कि पूरे सत्र में बिकवाली का दबाव बना रहा।
कारोबारी सत्र का घटनाक्रम
शेयर ने बुधवार की सुबह ₹609 पर कारोबार की शुरुआत की, लेकिन पूरे दिन गिरावट जारी रही। अंततः यह ₹584.70 पर बंद हुआ — इंट्राडे लो ₹583 के बेहद करीब। यह संकेत देता है कि सत्र के अंतिम घंटों में भी शेयर दबाव से उबर नहीं सका।
गौरतलब है कि मंगलवार, 21 जुलाई को एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर NSE पर अपने इश्यू प्राइस ₹574 के मुकाबले 6.27 प्रतिशत के प्रीमियम पर ₹613.30 पर सूचीबद्ध हुए थे। लिस्टिंग के महज एक दिन बाद यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
एसबीआई चेयरमैन की प्रतिक्रिया
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मुंबई में लिस्टिंग समारोह के बाद पत्रकारों से स्पष्ट किया कि हिस्सेदारी घटाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा, 'लिस्टिंग के बाद एसबीआई फंड्स में हिस्सेदारी घटाने की हमारी कोई योजना नहीं है।'
शेट्टी ने यह भी बताया कि इस आईपीओ का मूल उद्देश्य रिटेल निवेशकों को कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि में भागीदार बनाना था। उनके अनुसार, SBI ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में अब तक लगभग ₹6,000 करोड़ का निवेश किया है।
कॉरपोरेट गवर्नेंस और रणनीतिक साझेदारी
शेट्टी ने रेखांकित किया कि यह लिस्टिंग SBI की उस व्यापक रणनीति का अंग है, जिसके तहत बैंक अपनी सहायक कंपनियों में दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना चाहता है। उन्होंने बताया कि सूचीबद्ध होने से पहले ही कंपनी ने मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस मानक अपना लिए थे।
इस संदर्भ में SBI और फ्रांस की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी के बीच की दीर्घकालिक साझेदारी को भी अहम बताया गया, जिसने कंपनी के संस्थागत ढाँचे को और मजबूती दी है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है, फिर भी लिस्टिंग के तुरंत बाद की यह गिरावट बाज़ार की अल्पकालिक अनिश्चितता को दर्शाती है। विश्लेषकों की नज़र अब इस बात पर होगी कि क्या शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹574 के ऊपर टिका रह पाता है और आने वाले सत्रों में खरीदार वापस लौटते हैं या नहीं।